मंत्री संतोष सुमन की PM से मुलाकात,10 मांगों वाला पत्र सौंपा

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पटना : बिहार सरकार के मंत्री और एनडीए में सहयोगी दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बेटे संतोष कुमार सुमन ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात संसद भवन स्थित एनेक्सी 11 में हुई है। वहीं प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मंत्री ने 10 मांगों वाला पत्र भी उनको सौंपा है।

बिहार सरकार में लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री संतोष सुमन ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें जो 10 मांगों वाला पत्र सौंपा है।

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उसमें लिखा है कि

1. उच्च न्यायपालिका में अनुसूचित जाति / जनजाति के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जाए।

2. निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाए।

3. पर्वतपुरुष स्व० दशरथ मांझी को भारत रत्न का सम्मान प्रदान किया जाए।

4. प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाए।

5. उत्तर पूर्वी राज्यों की भाँति बिहार में प्रवेशिकोत्तर (POST MATRIC) अनुसूचित जाति / जनजाति के छात्र छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि में केन्द्र राज्य अनुपात 90:10 किया जाए।

6. जवाहर नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय के समान केन्द्रीय सहायता से अनुसूचित जाति / जनजाति बालकों/ बालिकाओं के आधुनिक आवासीय विद्यालयों की स्थापना का प्रावधान किया जाए।

7. अनुसूचित जाति / जनजाति समुदाय के आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता का प्रावधान किया जाए।

8. अनुसूचित जाति / जनजाति वर्ग के बेरोजगार युवाओं के कौशल विकास एवं उद्यमिता ऋण के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता दी जाए।

9. अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के व्यक्तियों पर अत्याचार को रोकने के लिए प्रभावी केन्द्रीय प्रावधान बनाये जाए तथा अत्याचार पीड़ितों को शतप्रतिशत केन्द्रीय अनुदान दी जाए।

10. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए।

जातीय जनगणना को लेकर कोई मांग नहीं

वहीं, अपने मांग पत्र में बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कही भी वर्तमान में सबसे अधिक चर्चा में आने वाला मुद्दा जातीय जनगणना को लेकर कोई मांग नहीं रखी है।

गौरतलब है कि इससे पहले संतोष कुमार सुमन के पिता और इंडियन सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने केंद्र सरकार से मांग की थी की देश में जातीय जनगणना करवाया जाए इससे सही मायने में सही लोगों का आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके बाद उनके पुत्र संतोष कुमार सुमन के प्रधानमंत्री के मुलाकात को लेकर चर्चा थी की वह देश के प्रधानमंत्री से इस को लेकर मांग करेंगे लेकिन उनको पत्रों में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला है।

बहरहाल, देखना यह है कि बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने क्या अपने पिता के समान है जातीय जनगणना की मांग करते हैं या फिर वर्तमान में जो उनका सोच है उसी पर रहते हैं।

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