राज्यसभा के बहाने MLC सीट चाह रहे मांझी, संख्याबल के आधार पर असमंजस में RJD गठबंधन

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jitan ram manjhi TEJASHAWI YADAV

पटना : बिहार से राज्यसभा की खाली हो रही पांच सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो चुकी है। 10 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी। वहीं, चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही यह चर्चा होने लगी कि 5 सीटों के लिए जदयू, भाजपा और राजद किस-किस को उम्मीदवार बनाएगी। क्योंकि, उपचुनाव वाली सीट जदयू के खाते में जा रही है। इसके आलावा अन्य 5 में से भाजपा और राजद को 2-2 सीटें तथा जदयू को 1 सीट मिल रही है। इसी बीच बिहार एनडीए में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने भी अपनी पार्टी के लिए 1 सीट की मांग कर दी है।

जीतन राम मांझी ने कहा है कि राज्यसभा हो या फिर बिहार के विधान परिषद हो, इसमें एक सीट ‘हम’ को मिलनी चाहिए। वहीं, उन्होंने कथित वरिष्ठ सामाजवादी शरद यादव को भी राज्यसभा भेजने के लिए वकालत की। उन्होंने कहा कि शरद यादव राजनीति में एक धरोहर हैं, इसलिए उन्हें राज्यसभा भेजा जाना चाहिए।

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इस आधार पर मांझी कर रहे एक सीट पर दावा

बहरहाल, मांझी की इस मांग को लेकर यह कहा जा रहा है कि स्थानीय प्राधिकार कोटे से विधान परिषद् चुनाव में मांझी शांत रहे, वे राज्यसभा के बहाने जुलाई में विधानसभा कोटे से खली हो रही विधान परिषद् सीट को लेकर एनडीए में दवाब बनाना चाह रहे हैं। क्योंकि, संख्याबल के मुताबिक़ एनडीए के खाते में 4 सीटें तथा महागठबंधन के खाते में 3 सीटें जानी तय है। इसमें से भाजपा और राजद 2-2 सीटें आसानी से जीत रही है। वहीं, जदयू सर्वाधिक नुकसान उठाते हुए सिर्फ एक सीट जीत रही है।

इस चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 31 विधायकों के मतों की जरुरत होती है। वर्तमान में एनडीए के पास 127 विधायक हैं, इन विधायकों के बदौलत एनडीए अपने पाले में 4 सीटें आसानी से ला सकती हैं। भाजपा के पास 77 विधायक हैं, जबकि 2 सीट जीतने के लिए BJP को सिर्फ 62 मतों की आवश्यकता है। फिर भी अन्य उम्मीदवार को मत देने के लिए भाजपा के पास 15 विधायक बचे रहेंगे। ठीक, इसी तरह जदयू के पास 45 विधायक हैं, इस लिहाज से 31 विधायकों के मत मिलने के बाद जदयू के पास 14 विधायक दूसरे उम्मीदवार को मत देने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

मांझी को नजरअंदाज कर NDA नहीं जीत पाएगी चौथी सीट

3 सीट के लिए पर्याप्त मत होने के बाद एनडीए में भाजपा के 15, जदयू के 14, हम के 4 और एक निर्दलीय विधायक के साथ यह संख्या 34 उपलब्ध रहेगी। इस लिहाज से मांझी राज्यसभा सीट के बहाने दोनों सहयोगी दलों के सहारे विधान परिषद् में एक सीट पर दावा कर रहे हैं। अगर, मांझी एनडीए के चौथे उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे, तो एनडीए को विधानपरिषद की इन 7 सीटों में से चौथी सीट नहीं मिलेगी।

तीसरी सीट के लिए राजद गठबंधन को 1 वोट की आवश्यकता

ठीक, इसी तरह संख्याबल के मुताबिक महागठबंधन में कीच-कीच जारी है। 76 विधायक होने के कारण राजद को 2 सीटें आसानी से मिल जाएगी। तीसरे सीट के लिए कांग्रेस और वामदल में खींचतान जारी है। राजद के 14 विधायक तथा वामदलों के 16 विधायक होने के बाद महागठबंधन जादुई आंकड़े से एक कदम पीछे रह जा रही है, ऐसे में वामदल को सीट अपने खाते में लेने के लिए कांग्रेस या AIMIM के विधायकों का समर्थन जरुरी होगा।

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