तीर के वार से टिमटिमाया झोपड़ी का चिराग!

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विधानसभा नतीजे आने के बाद चिराग पासवान व उनकी पार्टी लोजपा खुलकर खुशियां नहीं मना पाई है। सबसे पहले विधानसभा में लोजपा को एक सीट से संतोष करना पड़ा। वहीं, अब जो परिस्थिति बन रही है, उस अनुसार लोजपा के एकमात्र विधायक कभी भी चिराग को गच्चा दे सकते हैं।

दरअसल, लोजपा नेता व मटिहानी विधायक राजकुमार सिंह पुस्तक विमोचन के मौके पर जदयू नेता व बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के घर पहुंचे थे। जहां, उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए का मतलब नीतीश कुमार और केंद्र में एनडीए का मतलब मोदी और हम दोनों नेताओं के साथ हैं। साथ ही राजकुमार सिंह ने कहा कि चिराग पासवान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जो आरोप लगाते हैं, उसका जवाब उन्हीं के पास होगा और मीडिया को उनसे ही जवाब मांगना चाहिए।

चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि आखिर राजकुमार सिंह लोजपा छोड़कर जदयू क्यों जाएंगे? इसको लेकर जानकार कहते हैं कि चिराग पासवान केंद्र में एनडीए के साथ हैं, लेकिन बिहार में वे एनडीए के खिलाफ हैं। इस लिहाज से विधायक राजकुमार सिंह सत्ता से दूर होकर तथा अकेले होने के कारण क्षेत्र में किये गए वादों को पूरा नहीं कर सकते हैं। इसलिए मित्र अशोक चौधरी के सहारे वे जदयू में शामिल होना उचित समझ रहे हैं।

बोगो सिंह की जगह बेहतर विकल्प!

वहीं, दूसरी थ्योरी यह है कि राजकुमार सिंह इस चुनाव में जदयू के बाहुबली छवि के नेता बोगो सिंह को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं। तथा बोगो सिंह के ऊपर चुनाव के दौरान पैसे बांटने का आरोप लगा था। इस कारणवश जदयू भी चाह रही है कि बोगो सिंह की जगह उसी समाज का कोई नेता, जिसकी छवि अच्छी हो और पढ़ा लिखा हो वे पार्टी में शामिल हो जाए। राजकुमार सिंह द्वारा नीतीश कुमार को नेता मानने के बाद संभवतः जदयू की खोज पूरी होती दिख रही है।

हालांकि, लोजपा नेता ने कहा कि अशोक चौधरी हमारे मित्र हैं, हमलोग साथ पढ़े हैं और व्यक्तिगत रिश्ते के कारण उनके घर आये थे। इसका मतलब यह नहीं निकालना चाहिए कि वे जदयू में शामिल हो सकते हैं।

swatva

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