सरकार शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाए अन्यथा भुगतने होंगे गंभीर परिणाम: राजद

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पटना: राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य सरकार पर शिक्षकों के साथ बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि राज्य मे नीतीश सरकार के गठन के साथ हीं शिक्षकों के खिलाफ बदले की कार्रवाई की जा रही है और उन्हें प्रताड़ित करने के उद्देश्य से एक साथ कई आदेश निकाले गए हैं। जबकि सरकार द्वारा पूर्व घोषित उन आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है जिनसे शिक्षकों को लाभ होने वाला है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि आरटीई का हवाला देते हुए ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त किया जा रहा है, जो मार्च 2019 तक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर सके हैं। जबकि वे दस से पन्द्रह वर्षों से शिक्षक के रूप में अपनी सेवा देते आ रहे हैं। मार्च 2019 से अबतक जब इन्हें नहीं हटाया गया तो अब इतनी जल्दबाजी क्यूँ दिखाई जा रही है? व्यवहारिक और मानवीय दृष्टिकोण से इन्हें एक मौका देना चाहिए। यदि पिछले दस-पन्द्रह वर्षों में इन्हें प्रशिक्षित नहीं किया गया तो इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार है। चूंकि जिस समय इनकी नियुक्ति हुई थी उस समय इनके लिए प्रशिक्षण अनिवार्य नहीं था।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि इसी प्रकार शिक्षकों के पदोन्नति के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। जिसमें कहा गया है कि लिखित परीक्षा में 75 % अंक प्राप्त करने वाले को पदोन्नति दी जायेगी। 50 से 74% अंक प्राप्त करने वाले को पुनः परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी, जबकि 50% से कम अंक प्राप्त करने वाले की सेवा समाप्त कर दी जायेगी।

राजद नेता ने कहा कि शिक्षकों द्वारा विधानसभा चुनाव में महागठवंधन उम्मीदवारों को दिये गये समर्थन के प्रतिशोध में ही आनन-फानन में ऐसे आदेश जारी किए गए हैं। यदि सरकार की मंशा साफ रहती तो आरटीई के अन्य निर्देशों के अनुपालन में भी इतनी हीं तत्परता दिखाई जाती।

शिक्षा और शिक्षक के प्रति यदि सरकार का नियत साफ रहता तो उसी के द्वारा 20 अगस्त 20 को अधिसूचित विधालय सेवा नियमावली को लागू करने के लिए भी गंभीरता दिखाई पड़ता। उदाहरण स्वरूप सेवा नियमावली के नियम 16 के उपनियम ( 4 ) के अधिन अंतर नियोजन ईकाई (अंतर जिला ईकाई ) के दिशा निर्देश का प्रस्ताव तैयार करने हेतु शिक्षा विभाग के अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में 20-9-20 को हीं एक चार सदस्यीय समिति बनाई गई थी जिसे एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार करना था पर सरकार का आदेश ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके तहत महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के स्थानांतरण की सुविधा उपलब्ध करवाना था।

राजद नेता ने शिक्षकों के प्रति सरकार द्वारा किये जा रहे बदले की कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की माँग किया है अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे।

swatva

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