‘नौ नवंबर तक टीबी के सक्रिय रोगियों की खोज करेगा स्वास्थ्य विभाग’

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पटना : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य को टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। टीबी उन्मूलन की दिशा में समुदाय स्तर पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विभिन्न चरणें में दो सितंबर से नौ नवंबर तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर टीबी के सक्रिय रोगियों की खोज को लेकर अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की पहचान करेगी। अभियान के तहत निक्षय पोषण योजना अभियान को भी गति देने के लिए रूपरेखा तैयार की गई है।

मंगल पांडेय ने कहा कि निक्षय पोषण योजना के तहत जिन लोगों को निक्षय पोषण योजना की राशि नहीं मिली है, उन्हें 30 सितंबर तक भुगतान करना है। टीबी जांच शिविरों का आयोजन कर टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके अलावा शहरी मलिन बस्तियों, महादलित टोला, नव निर्वित कार्यस्थल पर काम करने वाले श्रमिकों में टीवी की स्क्रीनिंग तथा उनकी जांच की जाएगी।

वहीं जिला एवं अनुमंडल स्तर के कारागृह, सुधारगृह, बाल संरक्षण गृह, पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कैदी एवं बच्चों की स्क्रीनिंग एवं स्प्यूटम जांच की जाएगी। रोगियों की खोज, दवा देने का तरीका सिखाने के लिए कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। अभियान के माध्यम से टीबी रोगियों की पहचान के कार्य में तेजी आएगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री पांडेय ने कहा कि टीबी का हल्का-सा भी लक्षण दिखे तो जांच कराने स्वास्थ्य केंद्र अवश्य जाएं। जांच में पुष्टि हो जाने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त में दवा मिलेगी। राज्य के सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज की भी व्यवस्था है।

स्वास्थ्य विभाग वर्ष 2025 तक राज्य को टीबी से मुक्त करने को लेकर प्रतिबद्ध है। टीबी उन्मूलन में जन भागीदारी भी बहुत जरूरी है। अगर लोग सहयोग करें तो यह बीमारी समय से पहले खत्म हो सकती है। इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा, ताकि राज्य टीबी मुक्त हो।

swatva

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