कोरोना वायरस का आयुर्वेद से निदान, जानें उपाय !

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कोरोना वायरस के कारण चीन में मरने वालों की संख्या 350 को पार कर गई है। अब तक 22 देशों में इसके संक्रमण के करीब 12000 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत में भी अब तक इसके तीन मामले सामने आए हैं। दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही इसे इमर्जेंसी घोषित कर चुका है।

इसी को देखते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इससे बचाव हेतु कुछ उपाय बताई है। आयुष मंत्रालय ने जारी अधिसूचना में कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए :-

– व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।
– साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकैंड तक धोएं।
– कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को अक्सर साबुन और पानी से धोएं।
– शदांग पनिया (मुस्ता, परपाट, उशीर, चंदन, उडिच्य़ा और नागर) प्रसंस्कृत पानी (1 लीटर पानी में 10 ग्राम पाउडर डाल कर उबालें, जब तक यह आधा तक
कम न हो जाए) पी लें। इसे एक बोतल में स्टोर करें और प्यास लगने पर पिएं।
– बिना धोए हाथों से अपनी आँखें, नाक और मुँह छूने से बचें।
– जो लोग बीमार हैं उनसे निकट संपर्क से बचें।
– बीमार होने पर घर पर रहें।
– खांसी या छींक के दौरान अपना चेहरा ढंक लें और खांसने या छींकने के बाद अपने हाथों को धो लें।
– संक्रमण से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय या काम करते समय एक एन95 मास्क का उपयोग करें।
– यदि आपको कोरोना वायरल संक्रमण का संदेह है, तो मास्क पहनें और तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
-त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर 5 ग्राम और तुलसी 3-5 पत्तियां (1-लीटर पानी में उबालें, जब तक यह ½ लीटर तक कम नहीं हो जाता है और इसे
एक बोतल में रख लें) इसे आवश्यकतानुसार और जब चाहे तब घूंट में लेते रहें।
– प्रतिमार्स नास्य : प्रत्येक नथुने में प्रतिदिन सुबह अनु तेल / तिल के तेल की दो बूंदें डालें।

हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह परामर्श केवल जानकारी के लिए है। इसे पंजीकृत आयुर्वेद, होम्‍योपैथी और यूनानी चिकित्‍सकों के परामर्श से अमल में लाया जाए।

swatva

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