बिहार में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र चिंतित, डॉ हर्षवर्धन और अश्विनी चौबे ने दिया विशेष सुझाव

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केंद्रीय मंत्री ने कहा प्रवासी श्रमिकों के स्क्रीनिंग एवं क्वारंटाइन टाइम पर अधिक फोकस किया जाए

पटना: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के मौजूदा स्थिति पर बातचीत की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बिहार में कोविड-19 के साथ एईएस की भी जानकारी ली। एईएस की बीमारी की रोकथाम आदि पर चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। एईएस को लेकर सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। एईएस प्रभावित जिलों में मेडिकल सुविधाओं एवं संसाधनों के बारे में चर्चा की गई।

सभी संसाधन कराए जा रहे हैं उपलब्ध

मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली गई। कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। बिहार में तेजी से कोरोना पॉजिटिव मामला आने पर चिंता भी व्यक्त की। प्रवासी श्रमिकों के स्क्रीनिंग व क्वारंटाइन पर अधिक फोकस करने का सुझाव देते हुए कहा गया कि इससे कोरोना के रोकथाम में मदद मिलेगी। लोगों के जागरूकता पर भी अधिक बल देने को कहा गया है ताकि कम्युनिटी ट्रांसफॉरमेशन का खतरा उत्पन्न न हो।

राज्य में कोरोना पॉजिटिव डबल होने का औसत 5.23 है। वहीं राष्ट्रीय औसत 11 से 12 दिन का है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राज्य ने कई मांगे रखी इसमें प्रमुख रूप से ऑटोमेटिक आर एन ए ऑपरेशनल किट व ट्रू नोट मशीन प्रमुख है। सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

प्रवासी श्रमिकों के पहुँचने के बाद अधिक सतर्कता बरतनी होगी

बक्सर रोहतास कैमूर में तेजी से करोना पॉजिटिव मामला आने पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि बॉर्डर एरिया होने की वजह से यह तेजी से मामले बढ़े हैं यहां पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि कुछ समय बाद बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक बिहार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में और अधिक सतर्कता बरतनी होगी।

एईएस की मौजूदा स्थिति की गई समीक्षा

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में एईएस की भी समीक्षा की गई। एईएस पीड़ितों के लिए 128 पीकू बेड है। 15 मई तक इसकी संख्या 200 हो जायेगी। मौजूदा समय में प्रभावित जिलों में 18 एंबुलेंस ऑपरेशनल है। 15 दिनों में 30 और एंबुलेंस बढ़ाई जाएगी। इस तरह से प्रभावित जिले के हर प्रखंड में दो से तीन एंबुलेंस उपलब्ध होगा। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को आश्वासन दिया कि वह हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। विशेषज्ञों की केंद्रीय टीम भेजने का आश्वासन दिया गया है। केंद्र एवं राज्य सरकार पूरी मुस्तैदी से सभी पहलुओं पर पैनी नजर रखे हुए है।

swatva

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