पूर्वोत्तर भारत के लिए एक और रेल मार्ग, दरभंगा से सहरसा तक सीधा संपर्क

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हाजीपुर : सहरसा-सरायगढ़ रेलखंड का आमान परिवर्तन प्रगति पर है। इससे लाभ होगा कि पूर्वोत्तर भारत में आवागमन के लिए एक और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। साथ ही सकरी से निर्मली तथा सहरसा से सरायगढ़ तक का आमान परिवर्तन पूर्ण हो जाने के पश्चात नए कोसी पुल से होते हुए दरभंगा से सहरसा तक दशकों बाद सीधा रेल संपर्क पुनर्बहाल हो जाएगा।

इस संदर्भ में जानकारी देते हुए पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी (सीपीआरओ) राजेश कुमार ने बताया किसहरसा-सरायगढ़ रेलखंड के आमान परिवर्तन कार्य के क्रम में 9 जून 2019 को सुपौल-सरायगढ़ खंड की ओर गढ़बरुआरी से आगे तक पहली गिट्टी लदी मालगाड़ी चलाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई। मालगाड़ी गर्डर पुल सं. 14 व सुपौल यार्ड को पार करते हुए 1.50 किलोमीटर आगे सरायगढ़ स्टेशन की ओर पुल सं. 13 तक गई। सभी पुलों और ट्रैक बिछाने के आमान परिवर्तन संबंधी कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद मालगाड़ी का यह परिचालन एक और बड़ी उपलब्धि है।
गिट्टी और अन्य सामग्री को उतारने के लिए मालगाड़ियां सरायगढ़ की ओर आगे बढ़ती रहेंगी। संभावना है कि पहली मालगाड़ी 30 जून 2019 तक सरायगढ़ (आउटर) तक पहुंच जाएगी।
मार्च 2019 में सहरसा से गढ़बरुआरी तक का रेलखंड परिचालन के लिए पहले ही खोला जा चुका है। सकरी से निर्मली तक का पूरा आमान परिवर्तन कार्य भी जल्द ही संपन्न कर लिया जाएगा। सकरी से निर्मली तथा सहरसा से सरायगढ़ तक का आमान परिवर्तन पूर्ण हो जाने के पश्चात नए कोसी पुल से होते हुए दरभंगा से चलकर सहरसा तक वाया सकरी, झंझारपुर, निर्मली, सरायगढ़, सुपौल, गढ़बरुआरी दशकों बाद सीधा रेल संपर्क पुनर्बहाल हो जाएगा। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में आवागमन के लिए एक और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।

सीपीआरओ ने बताया कि 8 जून 2019 को कई छोटे-बड़े पुलों, सबवे व स्टेशनों पर नए निर्माण के साथ सकरी-झंझारपुर रेलखंड का आमान परिवर्तन पूर्ण हो जाने के उपरांत इस खंड पर पहली मालगाड़ी झंझारपुर पहुंची। 20 किलोमीटर लंबा यह रेलखंड अब मालगाड़ी के परिचालन के लिए तैयार है। लगभग 110 करोड़ रुपए की लागत से किए गए इस रेलखंड संबंधी कार्य में 14 लघु पुलों, 7 सबवे के अलावा गर्डर वाले 4 पुलों सहित कुल 13 प्रमुख पुलों का निर्माण किया गया है। इसी रेलखंड में कमला नदी पर 230 मीटर लंबे अति महत्वपूर्ण पुल संख्या 88 का भी निर्माण किया गया है। सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा तथा संरक्षा के मद्देनजर इस रेलखंड में 6 समपारों को लो हाईट सबवे में बदल दिया गया है, 2 समपारों को समाप्त कर दिया गया है तथा शेष 13 समपारों को मानवसहित कर दिया गया है। इस रेलखंड में अब कोई मानवरहित समपार नहीं है।

सीपीआरओ ने बताया कि सकरी-झंझारपुर रेलखंड के चार स्टेशनों पर बुकिंग ऑफिस, प्रतीक्षालय, हाई लेवल प्लेटफॉर्म तथा सभी सुविधाओं युक्त उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय के प्रावधान के साथ नए स्टेशन भवनों का निर्माण किया गया है। झंझारपुर स्टेशन पर दो मंजिला भवन, पोर्टिको तथा सभी प्लेटफार्म पर आवागमन के लिए यात्रियों की सुविधा हेतु सबवे का निर्माण किया गया है।
(सुजीत सुमन)

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