महामारी के दौर में भी राजनीति कर रही विपक्षी दल – पप्पू वर्मा

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पटना : देश में कोरोना वायरस एक महामारी के तौर पर फैल चुका है।इस बीच बिहार में इस महामारी के दौर में भी जम कर राजनीति हो रही है।इस बीच पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि वैश्विक महामारी के समय देश की विपक्षी पार्टियां प्रवासी मजदूरों के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है।

केंद्र सरकार मजबूती से लड़ रही वायरस के खिलाफ जंग

कोरोना महामारी के समय जहां पूरा विश्व अपने-अपने देशों में मजबूती के साथ इस वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है वही भारत सरकार भी इस आपदा के खिलाफ पूरी ताकत के साथ हर भारतीय को स्वस्थ रखने एवं वायरस से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं देश की विपक्षी पार्टियां प्रवासी मजदूरों के नाम पर सिर्फ राजनीति करने में व्यस्त है।

विपक्षी पार्टी दिखाए एकजुटता

वर्मा ने कहा कि वायरस से बचाव में देश के तमाम विपक्षी पार्टियों को भारत सरकार के साथ एकजुटता दिखाते हुए सरकार के साथ खड़ा होने का वक्त है तो ऐसे में कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी पार्टियां अपनी घृणित राजनीति से बाज नहीं आ रही है। सरकार को नीचा दिखाने के लिए यह लोग इतना नीचे गिर गए हैं कि प्रवासी मजदूरों के लिए बस देने के नाम पर एंबुलेंस, ऑटो, ट्रक, बाइक का नंबर प्लेट वाला अधिकांश डुप्लीकेट बसों को सड़क पर खड़ा कर प्रवासी मजदूरों के साथ भद्दा मजाक किया है।

विपक्षी पार्टियों अपनी घटिया हरकत से कारण हो रही शर्मसार

उन्होंने कहा कि देश और देशवासी अभी मुसीबत के दौर से गुजर रहा है ऐसे समय में इन विपक्षी पार्टियों ने घटिया हरकत करके पूरे दुनिया के सामने भारत को शर्मसार करने का काम किया है जिसको आने वाले समय में इस देश की जनता सबक सिखाने का काम करेगी। इसके साथ ही वर्मा ने कहा कि भारत सरकार ने प्रवासी मजदूरों के हितों में आज एक बड़ा फैसला लिया है लगातार राज्य सरकारों से अनुमति मांगने के बाद कई राज्य सरकारों ने पर्याप्त मात्रा में ट्रेन आने की अनुमति अपने राज्य में नहीं दे रहे थे जिसके वजह से मजदूरों को लेकर देश में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया था,भारत सरकार ने प्रवासी मजदूरों के परेशानियों को देखते हुए बिना राज्य सरकार के अनुमति से ट्रेन भेजने का फैसला लिया है।

बाहर से आए मज़दूरों को आबादी से कैसे रखे दूर राज्य सरकार की जवाबदेही

जिसके बाद अब राज्य सरकारों की जिम्मेदारी बनती है बड़ी संख्या में आने वाले मजदूरों को आबादी से दूर रख कर संक्रमण की चैन को कैसे तोड़ा जाए व आने वाले लोगों को सुरक्षित करते हुए पूरे बिहार के लोगों को भी वायरस से बचाया जाए।

swatva

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