कोरोना इफ़ेक्ट : सेंसेक्स के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट

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मुंबई : कोरोना वायरस फैलने का असर आज शेयर बाजार पर साफ दिखा। तेज गिरावट के साथ खुले बाजार में शुरुआती आधे घंटे के अंदर ही लोअर सर्किट लगाना पड़ा। हालांकि, 45 मिनट बाद बाजार में ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई तो गिरावट और बढ़ गई। कारोबार कं अंत में सेंसेक्स 3934.72 अंक गिरकर 25,981.24 पर और निफ्टी 1,135.20 पॉइंट नीचे 7,610.25 पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है।कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने की वजह से देश के कई राज्यों में 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया गया है। विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। करीब दो हफ्ते में वे 50,000 करोड़ रुपए के शेयर बेच चुके हैं।.कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने के डर से दुनियाभर के बाजारों में गिरावट आ रही है। हॉन्गकॉन्ग के बाजार में 5% गिरावट देखी गई।

सबसे पहला मौका 21 दिसंबर 1990 मे

सबसे पहला मौका 21 दिसंबर 1990 में आया था, जब सेंसेक्स में 16.19% की गिरावट दर्ज की गई थी। इस गिरावट के बाद शेयर बाजार 1034.96 के स्तर पर पहुंच गया था।सेंसेक्स में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट 28 अप्रैल 1992 में आई थी। तब सेंसेक्स में 12.77% की गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन शेयर बाजार 3896.90 के स्तर पर बंद हुआ था।तीसरा मौका था 17 मई 2004 में आया, जब शेयर बाजार में 11.14% की गिरावट दर्ज की गई। तब शेयर बाजार 4505.16 के स्तर पर जाकर बंद हुआ था।

तेजप्रताप शर्मा

swatva

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