बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का समर्थन करती बेबस बेटी और मजदूर पिता के संघर्ष की कहानी है ‘बाबुल’

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बनारस : भोजपुरी फिल्म ‘बाबुल’ का शुक्रवार को प्रीमियर किया गया। यह कार्यक्रम आनंद मंदिर बनारस में हुई। इसमें मुख्‍य रूप से फिल्‍म के निर्माता रत्‍नाकर कुमार, अभिनेत्री नीलम गिरी और अभिनेता देव सिंह मौजूद रहे।

प्रीमियर के बाद प्रेसवार्ता में निर्माता रत्नाकर कुमार ने बताया कि फिल्म ‘बाबुल’ गरीबी और गुलामी के दलदल में फंसे एक ऐसे पिता की कहानी है, जिसकी दो मासूम बेटियां ही उसके जीने की आस हैं। इस फिल्म में अवधेश मिश्रा दो बेटियों के पिता का किरदार निभाया है, जिनकी माँ अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनका सपना है की वे अपनी बेटियों की शादी अच्छे घर में कर दें।

लेकिन, गरीब होने के कारण वे अपनी बड़ी बेटी की शादी अच्छी तरह से नहीं कर पाते और ऐसा हो जाता है की उनकी बड़ी बेटी का एक हाथ थ्रेसर में कट जाता है। इसके आलावा इस फिल्म में बहुत सारे ऐसे सीन है जो दर्शकों में मार्मिक भाव पैदा करती है। जो फिल्म देखने के बाद ही मालूम चल पायेगा। यह फिल्म 14 जनवरी को टीवी चैनल ज़ी गंगा पर रिलीज होगी।

फिल्म के बारे में अभिनेत्री नीलम गिरी ने कहा कि भोजपुरी भाषी होने के नाते मुझे भोजपुरी बोलना और सुनना बेहद पसंद हैं। इसी कारण मैं भोजपुरी कला के क्षेत्र में आने को प्रेरित हुई। उन्होंने कहा कि ‘बाबुल’ एक सिनेमा नहीं बल्कि भोजपुरी सिनेमा जगत की नई दिशा है। मुझे उम्मीद है कि आप सभी भी इसे देखकर उतना ही गर्व महसूस करेंगे जितना मैं इसका पात्र होकर कर रही हूं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम भोजपुरी को एक अलग ऊंचाई पर ले जाने की पूरी कोशिश करेंगे।

प्रभात रंजन शाही

swatva

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