ग्रामीण निकायों को 15वें वित्त आयोग के तहत 15,187 करोड़ की राशि जारी

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केंद्र सरकार के तरफ से ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इसके तहत 15,187.50 करोड़ रूपए की राशि 28 राज्यों को दी गई है। विभाग के मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में पंचायतों को कुल 60,750 करोड़ रू. का अनुदान मिलेगा, जो कि वित्त आयोग द्वारा किसी एक वर्ष में किया गया सबसे अधिक आवंटन है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहली बार ग्राम पंचायतों के साथ ही ब्लॉक पंचायतों व जिला पंचायतों को भी अनुदान मिल रहा है। स्वच्छता तथा खुले में शौच मुक्त स्थिति बनाए रखने एवं पेयजल व वर्षा-जल संचयन आदि के कार्यों पर जोर दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट के दौर में अभी प्रवासी मजदूरों को लाभकारी रोजगार उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य है।

तोमर ने बताया कि पंचायती राज मंत्रालय की सिफारिश पर 28 राज्यों में फैले 2.63 लाख ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए अनुदान के रूप में, 15,187.50 करोड़ रू की राशि पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण, स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव  के लिए किया गया है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए 15,187.50 करोड़ की एक और किस्त वित्त मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही जारी की जाएगी। जिसके लिए पंचायती राज मंत्रालय पहले ही वित्त मंत्रालय कोअपनी सिफारिशें दे चुका है।

इसके अलावा, ग्राम पंचायत अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित अन्य सार्वजनिक भवन प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय, स्वास्थ्य उप-केंद्र, बीज और उर्वरक बेचने वाले भंडार इत्यादि की मरम्मत और रखरखाव का कार्य भी, आवश्यकता अनुसार, वित्त आयोग के अनुदान के तहत उपलब्ध धनराशि का उपयोग कर सकते हैं।

swatva

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