देश की सम्पति को बेचना ही आज राष्ट्र भक्ति है- तेजस्वी यादव

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समझौता और बैसाखी के सहारे पलटी मारकर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने हुए हैं

पटना : मिलन समारोह के मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद के साथियों को राष्ट्रीय अध्यक्ष के विचारों के साथ पार्टी के नीति एवं सिद्धांतो को मजबूती प्रदान करने के लिए गाँव व किसानों के बीच जाए और लोगों के सुख और दुःख में शामिल हो। तेजस्वी यादव ने कहा की राष्ट्रीय जनता दल किसी के साथ भेद-भाव नहीं करती है। पिछले चुनाव में हमने हर वर्ग और समुदाय को प्रतिनिधित्व देना का मौका दिया।

इन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के उस उक्ति का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा की इन्सान का गोत्र जाति एवं धर्म सिर्फ और सिर्फ इन्सानियत होनी चाहिए। हम जोड़ने की बात करते हैं लेकिन कुछ लोग तोड़ने की बात करते हैं । हम काम की बात करते हैं, वे लोग बेकार के बात करते हैं। हम सच का आईना दिखाते है, तो ये झुठ के सहारे अपने पाप को छुपाते हैं।

उन्होंने कहा कि बाढ़ और खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। उन्हें फसल उगाने में जो परेशानी हो रही है, उसका वर्णन नहीं किया जा सकता है। किसान की बात करने से केन्द्र सरकार घबराती है, लेकिन हिरो-हिरोईन से मिलने के लिए प्रधानमंत्री को समय है, किसान के लिए समय नहीं है। आज गरीब और गरीब हो रहा है। और केन्द्र सरकार अमीर को और अमीर बनाने में लगी हुई है। बोआई कटाई महंगाई से आम जनता त्रस्त है। पेट्रोल और डीजल सेन्चुरी पार कर गया है, लेकिन उनके लिए महंगाई मुद्दा नहीं है। इन्हें हिन्दु-मुसलमान, कश्मीर, पाकिस्तान, तालीबान करके बाँटों और राज करों की नीति पर चलना है। क्योंकि इसी से इन्हें वोट मिलता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज देश की संम्पति को बेचना ही देश भक्ति है। विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज का क्या हुआ सिर्फ भ्रम फैलाकर ये लोगों को ठगते हैं। बिहार में सिर्फ अधिकारियों की सुनी जाती है जन प्रतिनिधियों का कोई इज्जत नहीं है।

तेजस्वी ने आगे कहा कि नीतीश कुमार जनता दरबार ऐसा लगाते हैं, जैसे अधिकारियों का दरबार हो, बिना अपॉइंटमेंट  के कोई नहीं मिलता है। जबकि लालू जी समेत सभी पूर्व मुख्यमंत्री जनता के सामने जा कर उनकी समस्या सुनते थे। नीतीश के जनता दरबार में गरीब गुरबा की बात नहीं सुनी जाती है क्योंकि उन्हे पता ही नहीं होता है कि रजिस्ट्रेशन कैसे कराना है। जनता से इनका कभी जुड़ाव नहीं रहा। और ना ही कभी अपने बलबुते सरकार में रहे। बैसाखी के सहारे जुगाड टेक्नोलाॅजी से सबसे ज्यादा दिनों तक मुख्यमंत्री बनने का पल्टी मार-मार कर रिकार्ड बनाया और हमेशा विचार और नीतियों से सत्ता के लिए समझौता किया।

उन्होंने कहा कि हमने जब 10 लाख सरकारी नौकरी देने की बात की थी तो नीतिश जी ने मजाक उड़ाया। आज चारों तरफ सरकारी नौकरी रिक्त पड़े हैं, लेकिन उन्हें भरा नहीं जा रहा है। बल्कि 15 लाख लोगों का रोजगार एक साल में डबल इंजन सरकार ने छिन लिया।आज चारों ओर बैमानी और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। मौजूदा सरकार से कोई संतुष्ट नहीं है। लोगों को गुमराह करके धर्म के आधार ऐजन्डा बदलकर काम किया जा रहा है। इन्होंने लोगों से आवाह्न किया तखत बदल दो ताज बदल दो बेमानों का राज बदल दो।

बता दें कि पूर्व विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह अपने हजारों समर्थकों के साथ जनता दल यू से त्याग पत्र देकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व पर विश्वास करते हुए राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुए। मिलन समारोह की अध्यक्षता राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह ने की, जबकि संचालन प्रवक्ता चितरंजन गगन ने की। इस अवसर पर पार्टी में शामिल हुए पूर्व विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह, विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चैधरी, राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक, भोला यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ0 तनवीर हसन, सहित अन्य गणमान्य नेतागण शामिल थे।

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