पाकिस्तानी है मोदी को टाइम मैगजीन में ‘गाली’ देने वाला?

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नयी दिल्ली/पटना : अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘टाइम’ के कवर पेज पर प्रधानमंत्री मोदी को ‘महाविभाजनकारी’ कहने वाले लेख के लेखक के बारे में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह लेखक पाकिस्तानी है जो प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए कदमों को लेकर उनसे खासा नाराज और पूर्वाग्रहपूर्ण मानसिकता से लबरेज होकर ऐसा लेख लिखने बैठा। भाजपा ने भी इसपर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। टाइम मैगजीन के अंतर्राष्ट्रीय संस्करण में मोदी को जिस आलेख में ‘महाविभाजनकारी’ कहा गया है उसे आतिश तासीर ने लिखा है, जो एक पाकिस्तानी बाप और हिन्दुस्तानी मां की औलाद है। आइए जानते हैं कि वह कौन है और उसने किस मानसिकता में पीएम मोदी को टार्गेट किया?

कौन है लेखक आतिश तासीर

टाइम पत्रिका में पीएम मोदी पर लेख लिखने वाले आतिश तासीर के पिता सलमान तासीर पाकिस्तान के उदारवादी नेता थे। सलमान को उनके अंगरक्षक ने ही पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानून के ख़िलाफ़ बोलने पर गोली मार दी थी। तासीर की मां भारत की जानी-मानी पत्रकार तवलीन सिंह हैं जो कि अक्सर नरेंद्र मोदी के बारे में लिखती रहती हैं। टाइम की कवर स्टोरी में सवाल पूछा गया है कि क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक बार फिर से पांच सालों के लिए मोदी सरकार को चुनेगा? टाइम की इस कवर स्टोरी की सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा हो रही है।

भाजपा ने पाकिस्तान और कांग्रेस की साजिश कहा

अमेरिका की इसी टाइम पत्रिका में एक और आलेख प्रकाशित किया गया है। यह आलेख राजनीति विज्ञानी इयन ब्रेमर ने लिखी है, जिसका शीर्षक है-‘आर्थिक सुधार के लिए मोदी भारत की सबसे श्रेष्ठ उम्मीद।’ बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बयान दिया कि टाइम मैगज़ीन में तासीर का आलेख मोदी को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान की अप्रत्यक्ष कोशिश है। पात्रा ने पूछा कि इस आलेख का लेखक कौन है? इसका लेखक एक पाकिस्तानी है। एक पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि मोदी जी महाविभाजनकारी हैं और राहुल गांधी ने उसे ट्वीट किया। एक पाकिस्तानी से हम उम्मीद ही क्या कर सकते हैं?

उल्टा पड़ गया दांव, मोदी की राह और आसान

इधर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि भारत में आजकल लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं, इसलिए जानबूझ कर एक खास मकसद से यह लेख इस समय जारी किया गया। मोदी के विरोधियों ने भारत में इस कवर स्टोरी को काफ़ी तवज्जो भी दिया। लेकिन यह तवज्जो सिर्फ उनके दिलों को ठंडक पहुंचानेभर तक ही कामयाब हो पाया। उल्टे इस लेख ने भारत के आम—अवाम के राष्ट्रीय जज्बे को और चिंगारी ही प्रदान की है। ऐसे में हुआ यह कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक पाकिस्तानी मूल के लेखक द्वारा पीएम मोदी की निंदा को भारतीय आम—अवाम ने अपनी और अपने देश की निंदा के तौर पर ले लिया। ऐसे में यह माना जा सकता है कि भाजपा की जीत की राह में जो थोड़ी—बहुत कसर रह गयी थी, उसे इस पाकिस्तानी लेखक के लेख ने पूरी कर दी।

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