सक्षम लोगों को संकट के समय में ज़रूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, नहीं तो उनका कोई औकात नहीं

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गढ़वा: कोरोना संकट से निपटने के लिए जारी देशव्यापी लॉकडाउन के बीच सभी मजदूर अपने-अपने प्रदेश वापिस आ रहे हैं। इस संकट के दौरान प्रवासी मजदूरों को अनेक समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है। इन मजदूरों के पास सबसे बड़ी समस्या खाने को लेकर है। लेकिन, इन समस्यायों को दूर करने के लिए हाईवे राहत शिविर लगाया गया है। इसमें प्रवासी मजदूरों को निः शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है।

शिविर के संचालक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि अपने खून पसीने की कमाई से जो अथक प्रयास करके अपने जीवन में हमने अर्जित किया था उसे इस प्राकृतिक आपदा के समय लोगों के लिए मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति हो किसी की कोई औकात नहीं रह गई है उस परिस्थिति में जब हमारे देश के विभिन्न प्रदेशों से विवश और लाचार लोग जब अपने घर को पैदल यात्रा कर रहे हैं तो कहीं उनको भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लेकिन, उस परिस्थिति में हमारा निर्णय हुआ कि इन मजबूर लोगों को यदि भोजन करा दिया जाए तो यह जीवन की सबसे बड़ी कमाई होगी। जिसमे भगवान मेरी मदद करेंगे।

मौके पर करूआ कला सत्येंद्र तिवारी ,गिजना विजय तिवारी ,डुमरिया गुड्डू तिवारी ,तिलदाग अरुण चंद्रवंशी, राम जन्म चंद्रवंशी ,किशोर मिस्त्री ,धनंजय जयसवाल ,उदय राम , जगन्नाथ राम ,उमेश पाल ,मनीष कुमार, संजय कुमार, पिंटू कुमार सभी लोग चिलचिलाती धूप में सेवा करने के लिए सुबह से लगातार तत्पर रहे।

swatva

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