प्रादेशिक सेना के ईको टास्क फोर्स द्वारा किए जा रहे कार्यों की हुई समीक्षा, 1982 के बाद पहली बार हुई बैठक

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दिल्ली : पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त ईको टास्क फोर्स (भारतीय सेना की प्रादेशिक सेना) द्वारा किए जा रहे कार्यो की केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ उनके संवर्धन व संरक्षण में जनभागीदारी भी सुनिश्चित हो, इसका प्रयास किया जाए।
टास्क फोर्स के 1982 में गठन के उपरांत यह पहली समीक्षा बैठक थी। वर्ष 1982 में सर्वोच्च न्यायालय के सुझाव के आलोक में दुर्गम एवं कठिन क्षेत्रों में वनीकरण एवं पर्यावरण के संरक्षण एवं सर्वधन हेतु ईको टास्क फोर्स का गठन किया गया था।

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वित्त मंत्रालय की स्थायी वित्तीय समिति (Standing Finance Committee) द्वारा अधिकृत ऐसे 6 बटालियन भारतीय सेना की प्रादेशिक सेना से गठित किए गए। सिफारिश में इस बल के वेतन एवं भत्ते, मंत्रालय द्वारा एवं वनीकरण हेतु भूमि का चयन राज्य सरकारों द्वारा करना निर्धारित है। वर्तमान में मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित ऐसे 6 ईको टास्क फोर्स देहरादून (उत्तराखंड), जैसलमेर (राजस्थान),सांबा (जम्मू कश्मीर) ,पिथौरागढ़ (उत्तराखंड), सोनितपुर (आसाम),कोकराझार (आसाम) है।

आज की बैठक में हितधारकों के साथ बिंदुवार चर्चा हुई। इसमें योजना का वर्षवार आवंटन, व्यय विवरण, वृक्षारोपण एवं उनके सत्यापन पर विस्तार चर्चा हुई। मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ ही राज्य सरकारों के वरिष्ठ वन अधिकारियों और संबंधित वन प्रमंडलीय अधिकारी मौजूद थे।

केंद्रीय राज्यमंत्री चौबे ने कहा कि जलवायु परिर्वतन जैसी वैश्विक समस्या से निपटने के लिए भारत ने विश्व पटल पर अपने देश में वन आच्छादन क्षेत्र में वृद्धि करने की जो प्रतिबद्धता की है, उसकी पूर्ति के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।  साथ ही विभिन्न संस्थानों द्वारा केन्द्र सरकार की वित्तीय सहायता से किए जा रहे वृक्षारोपण की भी समीक्षा की जा रही है। ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो सके।

बैठक में स्थानीय स्तर पर सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस मौके पर सभी हितधारकों के साथ स्पेशल सेक्रेटरी व डीजी फारेस्ट सी पी गोयल, एडीजी एस पी यादव सहित आला अधिकारी मौजूद थे।

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