चुनाव आयोग द्वारा चिराग व पशुपति को झटका, बंगला हुआ फ्रीज, उपचुनाव में नहीं कर पाएंगे उपयोग

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पटना : रामविलास पासवान के निधन के बाद लोजपा में सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के लिए पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान के बीच राजनीतिक द्वंद जारी है। अब मुख्य रूप से लड़ाई बंगले को लेकर हो रही है । पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान दोनों नहीं बंगले पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं इस बीच चुनाव आयोग ने दोनों के दावों को खारिज करते हुए अहम निर्णय लिया है। चुनाव आयोग ने फिलहाल लोजपा का चुनाव चिन्ह बंगल को फ्रीज कर दिया है।

दरअसल, उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने लोक जनशक्ति पार्टी का चुनाव चिन्ह बंगला को फ्रीज कर दिया है। यानी कि दोनों में से कोई भी गुड बंगले का इस्तेमाल चुनाव में नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से कहा है कि दोनों गुट आपस में मिलकर सहमति बनाने को कहा है।

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मुख्य रूप से चुनाव आयोग ने यह फैसला बिहार विधानसभा की 2 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए लिया है इसमें चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों गुट अपने सुविधानुसार अपने दल का नाम रख सकते हैं और उन्हें आयोग के तरफ से चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाएगा जो कि अधिसूचित है और किसी पार्टी के पास नहीं है।

चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को निर्देश दिया है कि दोनों गुट 4 अक्टूबर को दोपहर 1:00 बजे तक आयोग का यह बता देंगे कि उनके गुट का क्या नाम है। अगर कुशेश्वरस्थान और तारापुर में लोजपा के उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें कोई तीन चुनाव चिन्ह चुनना होगा उसमें से एक आवंटित किया जाएगा।

हालांकि चुनाव आयोग ने यह कहा है कि लोजपा पर किसका अधिकार होगा कौन इसके अध्यक्ष होंगे इस पर सुनवाई जारी है फिलहाल जो आदेश जारी किए गए हैं वह उपचुनाव को लेकर है उपचुनाव के बाद 5 नवंबर को फिर से इस मामले पर सुनवाई होगी।

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