फैसले के बाद अयोध्या में उम्मीद की नई सुबह, राम की नगरी से अपडेट

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लखनऊ/पटना : दशकों पुराने राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम फैसले के बाद अयोध्या में आज नया सवेरा देखने को मिला। फैसले के अगले दिन रविवार की सुबह सरयू के तट पर बसे इस शहर में भाईचारे का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। राम की नगरी में हिंदू—मुस्लिम सभी बस प्रेम, त्याग और मर्यादा की जुबां से लबरेज दिखे। प्रशासनिक चुस्ती अनहोनी का डर तो पैदा कर रही थी, लेकिन सरयू के तट पर लोगों की गर्मजोशी उस डर को हावी नहीं होने दे रही थी।

सरयू के तट पर दिखी आपसी भाईचारे की गर्मजोशी

सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद रविवार को अयोध्या में सरयू के घाटों पर काफी चहल-पहल दिखी। नदी के तट पर बड़ी संख्‍या में लोग स्‍नान और पूजा करने निकले। स्‍थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्‍वागत करते हुए हर कीमत पर अमन-चैन कायम रखने की बात कही।

मंदिर निर्माण में मुस्लिमों की भागीदारी चाह रहे लोग

अब लोगों की उत्कट आकांक्षा अयोध्‍या में भव्‍य राम मंदिर के निर्माण और इस निर्माण में समाज हर वर्ग और धर्म के लोगों की सहभागिता का होना सुनिश्चित करना है। अयोध्या के लोगों का मानना है कि भारतीय राजनीति की दशा और दिशा बदल देने वाले राम मंदिर मामले की सबसे ज्यादा प्रभाव यहां के निवासियों ने ही झेला है। 70 साल तक चली कानूनी लड़ाई और 40 दिन तक मैराथन सुनवाई के बाद अब फैसला आ गया है। लेकिन यह फैसला तभी पूर्ण होगा जब अयोध्‍या में राम मंदिर के निर्माण में हिंदू—मुस्लिम सभी सम्मिलित रूप से भाग लें।

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