कोरोना से जंग में मोदी ने गरीबों के लिए खोला खजाना,1 लाख, 70 हजार करोड़ जारी

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नई दिल्ली : मोदी सरकार ने कोरोना संकट से लडाई के लिए 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर दी है। कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में रोज कमाने और खाने वाले गरीबों की मुश्किलें कम करने के लिए सरकार ने अब पैकेज जारी कर दी है। ये पैसा सीधे गरीबों के खाते जाएगी।

कोरोना कमांडो यानी डॉक्टरों,मेडिकल स्टाफ के लिए 50 लाख का लाइफ इंश्योरेंस देने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत देश के 80 करोड़ लाभार्थी को 5 किलो अतिरिक्त गेहूं या चावल अगले तीन महीने तक मिलेगा। साथ ही गरीबों के लिए 1 किलो दाल का प्रावधान किया गया है।

इसके आलावा मोदी सरकार ने देश के किसानों का विशेष ख्याल रखते हुए देश के किसानों को परेशानी न हो इसके लिए, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के खातों में 2000 रुपये की किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते में डाल दी जाएगी। इससे करीब 8.70 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।

मनरेगा के माध्यम से जो लोग अपने परिवार को भरण पोषण करते हैं, उनकी मजदूरी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है। यानी 20 रूपये बढ़ा दी गई है। इससे करीब 5 करोड़ लोगों को लाभ होगा और करीब 2000 रुपये की उनकी आय में वृद्धि होगी।

बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों के लिए मोदी सरकार ने 1000 रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की है। जो कि अगले 3 महीने तक दो किस्त में दिया जाएगा।

साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत जिन महिलाओं को गैस कनेक्शन मिला है, उन्हें अगले तीन महीने तक मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इससे करीब 8 करोड़ महिलाओं को लाभ होगा। तथा उनके खाते में 500 रूपये भी दिए जाएंगे। यह लाभ देश के 20 करोड़ लोगों को मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस समय देश में 63 लाख लोग स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जो 10 लाख रुपये का लोन मिलता था उसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जा रहा है। ताकि वो ज्यादा काम कर सकें।

मोदी सरकार ने संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए और जो नौकरी करने वाले या देने वाले हैं, और वो संस्थान जहां 100 से कम कर्मचारी हैं और जहां 15 हजार से कम सैलरी पाने वाले 90% कर्मचारी हैं। उसमें ईपीएफ के हिस्से का नौकरी देने वाले का 12% और नौकरी करने वाला का भी 12% सरकार देगी।

राज्य सरकार को निर्देश देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के लिए भवन व अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण फंड होता है। इसमें करीब 3.5 करोड़ पंजीकृत श्रमिक हैं और इसमें करीब 31,000 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध है, राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए इस फंड का उपयोग करें।

swatva

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