28 मार्च : डोरीगंज की मुख्य ख़बरें

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कार्डधारियों को नहीं मिल रहा सरकरी कीमत पर अनाज

डोरीगंज : वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए शहर से ग्रामीण इलाकों तक लाॅक डाउन किया गया है। कोई भूखा ना रहे इसके लिए सरकार अपना खजाना खोल दिया है। लेकिन कुछ व्यवसायी तथा जन वितरण प्रणाली के दुकानदार आज भी अपनी मनमानी व गरीबों का शोषण कर रहे है। सदर प्रखंड के कई पंचायतों में जन वितरण प्रणाली के दुकानदार अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे है।

चिरांनद पंचायत में पीला कार्ड पर सरकारी नियमानुसार 35 किलो अनाज (चावल व गेहूं मिलाकर) लेकिन जन वितरण प्रणाली दुकानदार द्वारा 30 किलो अनाज की सरकारी कीमत 91 के जगह 115 रूपये लिया जा रहा है। कार्ड धारक विजय राय ने बताया। वहीं चिरांद दीघि के मंुंसी मांझी एनआरसी देवी, चम्पा कुंवर, सबित कुंअर, इद्राशन देवी, शांति कुंअर, मंजू कुंअर, मुकेश मांझी ने बताया कि हम लोगों को पीला कार्ड है लेकिन तीन चार माह से उस पर राशन नहीं मिल रहा है। विष्णुपुरा के अरूण उपाध्याय, निर्भय उपाध्याय गरीब है। उन्हें भी महीनों से राशन नहीं मिल रहा है। डूमरी मदनपट्टी के जमादार राय, टुनटुन राय, वीरेन्द्र तिवारी, लाल साहेब राय, चंदा देवी, मुकेश कुमार राय, हरिहर प्रसाद, तेतरी देवी समेत 75 कार्डधारियों को राशन जन वितरण प्रणाली दुकानदार द्वारा दिसम्बर से नहीं दिया जा रहा है।

ऐसे में गरीबों के चुल्हे कैसे जलेंगे वहीं डोरीगंज बाजार के किराना व्यवसायी भी लोगों से ज्यादा मुनाफा पर समान दे रहे है। हालांकि अधिकारियों से पूछने पर रेट सही बता रहे है। भारतीय जनता पार्टी के सदर मंडलाध्यक्ष हरेश्वर सिंह ने बताया कि डोरीगंज के व्यवसायी जनता को लूट रहे है। जिसमें आम जन से लेकर माल मवेशी के भूसे चोकर का भी कीमत आसमान छू रहा है। पहले 560 से 580 में आटा मिल जाता था वहीं आटा अब 750 से 800 रूपये प्रति 25 किलो पैकेट मिल रहा है। चोकर पहले 950 रूपये में मिलता था वह अब 1190 रूपये में मिल रहा है। भूसा प्रति क्विंटल 600 रूपये के जगह 1800-2000 में मिल रहा है। ऐसे में गरीब व माल मवेशी भूखे रहने पर मजबूर है। इस समंबंध में सदर एमओ से बात की तो उनके द्वारा बताया गया कि कुछ लोगों का कार्ड नहीं है तो कुछ लोग ले नहीं रहे हैं जैसे मदनपट्टी के लोग वहां से राशन ही नहीं ले रहे हैं ज्यादा पैसे वाली बात पर जांच करने की बात कही गइ ।

swatva

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