सरसंघ चालक का ऐलान : लिंचिंग हमारी परंपरा नहीं, ‘Article 370 वध’ विजयादशमी की सौगात

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नागपुर : विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने विजयादशमी के मौके पर नागपुर में अपने संबोधन में धारा 370, आर्थिक मंदी, भारत की सुरक्षा से लेकर मॉब लिंचिंग जैसे सभी मुद्दों पर अपने संगठन की नीतियों को बड़ी स्पष्टता से रखा। उन्होंने कहा कि 2014 में जब वर्तमान सरकार आई थी तो ऐसा कहा गया कि उस समय की सरकार के प्रति मोहभंग होने से उत्पन्न नकारात्मक राजनीतिक लहर के परिणाम स्वरूप यह सरकार बनी। लेकिन 2019 के चुनाव परिणााम से यह प्रमाणित हो गया कि देश की जनता एक विशेष दिशा में चलने का मन बना चुकी है। विश्व का ध्यान भी इस ओर था। भारत की जनता ने अपनी दृढ़ राय प्रकट कर दी है।

नागपुर में आरएसएस का विजयादशमी महोत्सव

सरसंघ चालक ने कहा कि भारत में प्रजातंत्र कोई विदेशों से आयातित नई बात नहीं है। बल्कि यह देश के जनमानस में सदियों से चलती आई परंपरा तथा स्वात़ंत्रोत्तर काल में प्राप्त हुआ अनुभव व प्रबोधन है। इसके परिणामस्वरूप प्रजातंत्र में रहना व प्रजातंत्र को सफलतापूर्वक चलाना, यह समाज का मन बना गया है।

आर्टिकल 370 पर पीएम मोदी और शाह को बधाई

मई 2019 के चुनाव के बाद वर्तमान केंद्र सरकार ने जन अपेक्षाओं को साकार करने के लिए संविधान की धारा 370 को निष्प्रभावी बना दिया। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित शासक दल तथा जनभावना का संसद में समर्थन करने वाले अन्य दल भी अभिनंदन के पात्र हैं। लेकिन यह कदम अपनी पूर्णता तब प्राप्त करेगी जब कश्मीर से अन्याय पूर्वक निकाले गए कश्मीरी पंडितों का वहां पुनर्वासन हो जाएगा तथा धारा 370 के कारण वहां वंचितों को न्याय मिलेगा। सौभाग्य से हमारे देश की सुरक्षा की स्थिति, हमारे सेना की तैयारी, हमारे शासन की सुरक्षा नीति तथा हमारी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कुशलता की स्थिति में हम सजग हैं।

मॉब लिंचिंग पर भ्रामक रिपोर्टिंग न करे मीडिया

आजकल अपने ही समाज के एक समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय के व्यक्तियों पर आक्रमण कर उनको सामूहिक हिंसा का शिकार बनाने के समाचार छपे हैं। ऐसी घटनाएं केवल एकतरफा नहीं हुई हैं। दोनों तरफ से ऐसी घटनाओं के समाचार हैं तथा आरोप-प्रत्यारोप चलते हैं। कुछ घटनाओं को जानबूझकर करवाया गया है। कुछ घटनाओं को तोड़—मरोड़ कर प्रकाशित किया गया है। कानून और व्यवस्था की सीमा का उल्लंघन कर यह हिंसा की प्रवृति परस्पर संबंधों को नष्ट करती है। यह हमारे देश की परंपरा नहीं है। ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए स्वयंसेवक प्रयासरत रहते हैं। जो परंपरा भारत की नहीं है ऐसी परंपरा को दर्शाने वाले लिंचिंग जैसे शब्द देकर सारे देश व हिंदू समाज को सर्वत्र बदनाम करने, तथाकथित अल्पसंख्यक वर्गों में भय पैदा करने के षड्यंत्र चल रहे हैं। यह हमको समझना चाहिए।

एचसीएल के संस्थापक शिव नाडर मुख्य अतिथि

आज से 94 वर्ष पूर्व वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन ही डा. केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी। इस प्रकार आज संघ का 94 वां स्थापना दिवस है। इस दिन संघ के सर्वोच्च अधिकारी सरसंघ चालक अपने उद्बोधन में जो कहते हैं वह संघ की घोषित नीति होती है। इस अवसर पर निकलने वाले पथ संचलन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, वीके सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी हिस्सा लिया। इस बार के विजयादशमी उत्सव के मुख्य अतिथि एचसीएल के संस्थापक शिव नाडर थे।
संघ प्रमुख ने कहा कि नई सरकार को पहले से अधिक ताकत देकर समाज ने उनके पिछले कार्यों की सम्मति व आने वाले समय के लिए बहुत सारी अपेक्षाओं को व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में देशहित और जन अपेक्षाओं को साकार करने का साहस है। अनुच्छेद 370 को अप्रभावी बनाने के सरकार के काम से यह बात सिद्ध हुआ है।

चंद्रयान-2 ने बढ़ाया देश का मान, कई काम अच्छे हुए

वहीं, भागवत ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से देश में बहुत कुछ अच्छा चल रहा है। सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार के पास कठोर निर्णय लेने की क्षमता है। हमारा देश पहले से ज्यादा सुरक्षित है। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना बड़ा कदम है। चंद्रयान-2 ने विश्व में भारत का मान बढ़ाया है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक का पहला आंदोलन ही देश में एक विधान और एक निशान के लिए हुआ था। गुरु नानक देव की 550वीं जयंती, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और दतोपंत ठेंगड़ी के शताब्दी वर्ष की भी चर्चा की।
मोहन भागवत ने कहा कि सौभाग्य से हमारे देश के सुरक्षा सामर्थ्य की स्थिति, हमारे सेना की तैयारी, हमारे शासन की सुरक्षा नीति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हमारी कुशलता की स्थिति इस प्रकार की बनी है कि इस मामले में हम लोग सजग और आश्वस्त हैं। हमारी स्थल सीमा और जल सीमाओं पर सुरक्षा सतर्कता पहले से अच्छी है।

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