राजद को औकात बताने के लिए मांझी-ओवैसी का ‘DM’ दांव

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पटना : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने AIMIM प्रमुख ओवैसी से हाथ मिला लिया है। ऐसा उन्होंने राजद द्वारा बंद के दौरान महागठबंधन के घटकों को भाव नहीं दिये जाने के बाद काट के तौर पर किया है। मांझी और ओवैसी इस माह की 29 तारीख को किशनगंज में एक सभा के दौरान मंच शेयर करेंगे और वहीं से बिहार में नए समीकरण DM यानी ‘दलित—मुस्लिम’ का ऐलान करेंगे।

किशनगंज में मंच शेयर करेंगे दोनों नेता

मांझी की पार्टी हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बताया कि CAA और NRC के मुद्दे को लेकर बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के विचार एक समान हैं। इसलिए दोनों ने एक साथ मंच शेयर करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अभी देश में जो सियासी तस्वीर उभरी है, उसमें विपक्ष को एकजुट होकर केंद्र का विरोध करना चाहिए। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अकेले अपने बूते सत्ता बदलने का गुमान पाल रहे हैं। ऐसे में मांझी ने विपक्ष को एकजुट रखने के लिए ओवैसी से हाथ मिलाया है।

तेजस्वी की उपेक्षा का देंगे माकूल जवाब

विदित हो कि महागठबंधन की छतरी तले एकजुट हुआ बिहार का विपक्ष हाल में हुए बंद के दौरान खंड—खंड दिखा था। बंद का समर्थन तो सभी ने किया लेकिन तमाम विपक्ष इसके लिए श्रेय लेने के चक्कर में एक दूसरे को नीचा दिखाता रहा। इसमें राजद ने तो महागठबंधन के घटकों को कोई भाव भी नहीं दिया। अब महागठबंधन के घटक दल हम के मुखिया और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने बिहार की सियासत में पकड़ बनाने के लिए नया दांव खेला है।

जानकार बताते हैं कि जीतन राम मांझी ओवैसी के साथ सभा कर बिहार में मुस्लिम और दलित समीकरण बनाने की फिराक में हैं। हाल में हुए उपचुनाव में किशनगंज में AIMIM का विधायक चुना गया था। उस वक्त भी मांझी ने संकेत दिया था कि वो आने वाले दिनों में ओवैसी से हाथ मिला सकते हैं। बहरहाल, देखना है कि मांझी राजद को ओवैसी के बहाने कहां तक और कितना मैसेज दे पाते हैं।

swatva

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