नीलकंठ दर्शन और ‘रावण वध’ के क्रेज में डूबा पटना

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पटना : असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी आज है। आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को सेलिब्रेट करने के लिए पटना के लोग गांधी मैदान की ओर कूच कर रहे हैं, जहां रावण वध समारोह की तैयारियां मुकम्मल हो चली हैं। विहारवासियों को आज के दिन नीलकंठ के दर्शन और रावण वध की आतिशबाजी का बेसब्री से इंतजार रहता है। विजया दशमी के दिन यदि किसी को नीलकंठ नाम का पक्षी दिख जाए तो काफी शुभ होता है। नीलकंठ भगवान शिव का प्रतीक है, जिनके दर्शन से सौभाग्य और पुण्य की प्राप्ति होती है।

गांधी मैदान में पहुंचने लगी भीड़, सुरक्षा कड़ी

राजधानी पटना में मंगलवार को जहां एक तरफ मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहीं रावण वध का उत्साह भी चरम पर है। गांधी मैदान में रावण, उसका भाई कुंभकरण व बेटा मेघनाद का पुतला खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि के रूप में सीएम नीतीश कुमार मौजूद रहेंगे। इस वर्ष रावण का पुतला 75 फीट, कुंभकरण का 70 फीट और मेघनाद का 65 फीट का बनाया गया है।

साढ़े 4 बजे दहन, रूसी कलाकारों की प्रस्तुति

रावण वध समारोह के दौरान गांधी मैदान में इस वर्ष रसियन कलाकारों की ओर से भजन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा बक्सर से आए कलाकार पटना युवा आवास से एक भव्य झांकी गांधी मैदान तक निकालेंगे। झांकी गांधी मैदान में पहुंचने पर सबसे पहले मैदान की परिक्रमा करेगी। उसके बाद लंका दहन होगा। लंका दहन के बाद सबसे पहले मेघनाद, उसके बाद कुंभकरण के पुतले का दहन किया जाएगा। सबसे अंत में रावण के पुतले को जलाया जाएगा।

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