धारा 370 पर जदयू का नया स्टैंड? NDA के शत्रुओं को नीतीश का जवाब!

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पटना : एनडीए में भाजपा—जदयू संबंधों को लेकर जो अटकलबाजी चल रही थी, उन सभी पर आज जेडीयू ने एक—एक कर विराम लगाते हुए यह साफ कर दिया कि यहां कोई कन्फ्यूजन नहीं है। दलों में वैचारिक विरोध और अपने—अपने कार्यक्रम हो सकते हैं, लेकिन एनडीए अटूट भरोसे पर कायम गठबंधन है। भाजपा, जदयू और लोजपा का यह अटूट गठबंधन हर हालत में और हर परिस्थिति में एकजुट था, है और रहेगा। जदयू कार्यकारिणी की बैठक के बाद यह भी साफ कर दिया गया कि भाजपा की केंद्र सरकार यदि कश्मीर में धारा 370 हटाने का निर्णय करती है तो भी जदयू एनडीए से बाहर नहीं जाएगा। यानी जदयू गठबंधन नहीं तोड़ेगा, हां एनडीए में रहते हुए उसका विरोध जरूर करेगा। जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और पार्टी के प्रधान महा​सचिव केसी त्यागी ने कहा कि जहां तक राम मंदिर और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों की बात है तो जदयू इन मुद्दों पर अपने पुराने रुख पर कायम है।

नीतीश कुमार की विरोधियों को दो टूक

नीतीश कुमार ने साफ किया कि केंद्र सरकार में शामिल होने को लेकर जेडीयू-बीजेपी के बीच न तो कोई विवाद है और न ही भ्रम। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरे जो संबंध पहले थे, आज भी वैसे ही हैं। हम दोनों के आपसी संबंध काफी बेहतर हैं। चुनाव के दौरान मेरे खिलाफ क्या-क्या नहीं बोला गया लेकिन मैं चुप रहा और मेरी चुप्पी के बाद जनता ने इसका करारा जवाब दिया। नीतीश ने यह भी कहा कि जेडीयू विवादित मुद्दों पर अपना विरोध जताती रहेगी। धारा 370, राम मंदिर निर्माण को लेकर हमार स्टैंड क्लियर है इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है। बिहार के लोगों ने एनडीए को जबर्दस्त समर्थन दिया है वह भी काम के आधार पर। नीतीश ने कहा कि एनडीए में किसी भी मामले पर भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है। एनडीए ने समय—समय पर हर मामले में हमसे संपर्क किया, इसलिए हमारे बीच कोई कन्फ्यूजन नहीं है।

धारा 370 हटाने पर भी एनडीए में ही रहेगा जदयू

उधर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि धारा 370 पर करार तभी हुआ था जब कश्मीर के राजा हरि सिंह ने भारत सरकार के साथ पैक्ट किया था। इसको नरम करने की कोशिश भाजपा से ज्यादा कांग्रेस की ओर से की गयी है। हम इसके लिए कांग्रेस को ज्यादा कसूरवार मानते हैं क्योंकि जब कांग्रेस ऐसी कोशिश की थी तब लोकनायक ने इसका विरोध किया था। हम भी ऐसी कोशिश का विरोध करेंगे, लेकिन एनडीए के भीतर ही रहकर। इसी प्रकार राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कोर्ट के फैसले की बात कही है। ऐसे में गुंजाइश कहां बचती है।

कांग्रेस पर वार, विस चुनाव में नीतीश एनडीए के नेता

राम मंदिर मुद्दे को लटकाने के लिए भी त्यागी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया और कहा कि जब प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नेतृत्व में सरकार चल रही थी, तो पूरा मसौदा तैयार हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पास चंद्रशेखर जी ने पूरे मसौदे को भेजा था, तो उसे लागू करने के लिए तीन-चार दिन रुक जाने की बात राजीव गांधी ने कही थी। लेकिन उसके बाद शीघ्र चंद्रशेखर की सरकार गिर गयी और मामला लटका रह गया। त्यागी ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने साफ कहा है कि हम अपने रुख पर कायम हैं। उससे किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे। बिहार में एनडीए के बीच भ्रम फैलाने का कुप्रचार महागठबंधन के नेता और विरोधी दल कर रहे हैं। लेकिन हम कहना चाहते हैं कि जदयू एनडीए के साथ है और 2020 का विधानसभा चुनाव एनडीए नीतीश कुमार के नेतृ्त्व में लड़ेगा।

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