अनंत सिंह की नकेल कसने वाले इस नेता को नीतीश ने क्या दिया गिफ्ट?

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पटना : बिहार के जिन आठ जदयू नेताओं को मंत्रीपद से नवाजा गया, उन सभी ने पार्टी और संगठन के स्तर पर कुछ न कुछ ऐसा योगदान किया जिसका ईनाम उन्हें इस रूप में नीतीश शासन ने दिया। मंत्रीपद पर नवनियुक्त जदयू के इन आठ चेहरों में नीरज कुमार ऐसा चेहरा हैं, जिन्होंने न केवल मुंगेर लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी लल्लन सिंह की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि उन्होंने बाहुबली अनंत सिंह की सफलतापूर्वक नकेल कसते हुए उनकी एक नहीं चलने दी। साथ ही नीरज कुमार को नीतीश कुमार का खासा करीबी भी माना जाता है। नीरज कुमार को नीतीश ने बतौर मंत्रीपद देकर मुंगेर में लल्लन सिंह को जिताने और अनंत सिंह की नकेल कसने का ईनाम दिया।

नीरज कुमार का राजनीतिक सफर

मोकामा के मोलदिया टोला निवासी नीरज कुमार प्रवक्ता रहने के कारण पार्टी का जाना हुआ चेहरा हैं। किसी भी मसले पर पार्टी की राय काफी सहजता और बेबाकी से रखने के कारण उनकी एक अलग पहचान बन चुकी है। नीरज कुमार वर्ष 2008 में जदयू के एमएलसी निर्वाचित हुए। तब वे पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी के तौर पर विधान पार्षद बने थे। नीतीश कुमार ने वर्ष 2009 से उन्हें पार्टी का राज्य स्तरीय प्रवक्ता नियुक्त कर दिया। फिलहाल वे विधान परिषद में पार्टी के उप मुख्य सचेतक हैं।

अनंत के गांव लदमा में घुसकर दी चुनौती

राजनीति की शुरूआत नीरज कुमार ने जेडीयू से जुड़कर ही शुरू की और नीतीश कुमार उनके राजनीतिक गुरु रहे। नीरज को हाल के लोकसभा चुनाव में नीतीश ने मुंगेर लोकसभा सीट की अहम जिम्मेदारी सौंपी। मोकामा में रहकर भी अनंत सिंह का विरोध करना आसान काम नहीं था। लेकिन नीरज ने लल्लन सिंह की जीत सुनिश्चित कर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। भूमिहार बाहुल्य मोकामा से आने वाले नीरज को मंत्री बनाकर नीतीश ने लल्लन सिंह के सांसद बनने के बाद खाली हुए भूमिहार कोटे को भी खुश करने की कोशिश की है। ललन को टिकट मिलने के बाद इलाके के भूमिहारों को लामबंद करने का जिम्मा नीरज के कंधों पर आया और उन्होंने अनंत सिंह को चुनौती देते हुए उनके ही गांव लदमा में चुनावी सभा कराई थी।

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