9 जिलों में जलप्रलय, कई का संपर्क टूटा, CM का हवाई दौरा

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पटना डेस्क : बिहार और नेपाल में पिछले सात दिनों से जारी भा​री बारिश के कारण राज्य की नदियों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है। सीतामढ़ी, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज सहित 9 जिलों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। कई इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है तो वहीं रेल यातायात भी बाधित है। लोग अपने सामान, बच्चे और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं।

सड़क और रेल संपर्क ठप, कई जिले मुख्यालय से कटे

मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, सीतामढ़ी-रक्सौल, मुजफ्फरपुर-सुगौली रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप है। सड़कें भी जगह—जगह से कट गईं हैं। विभिन्न जिलों से लोगों के डूबने की खबरें लगातार आ रही हैं। इधर बाढ़ से हालत गंभीर होते देख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज रविवार को एक हाईलेवल बैठक के बाद शाम में बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई दौरा करने का निर्णय लिया है। सभी जिलों में एनडीआरएफ तैनात है तथा जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है। बागमती का उच्चतम बाढ़ स्तर सीतामढ़ी के ढेंग में 72.60 मीटर है। उस स्थल पर नदी का जलस्तर शनिवार को 73 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से दो मीटर 90 सेमी ऊपर है। उसी जिले के सोनखान में नदी का उच्चतम स्तर 70.77 मीटर है और वहां इसका जलस्तर 72.05 मीटर पहुंच गया, जो वहां के खतरे के निशान से एक मीटर 31 सीमी ऊपर है।

उ.बिहार में हालात गंभीर, डीएम—एसपी आवास भी जलमग्न

बागमती, कमला बलान, भुतही बलान, अधवारा, महानंदा, कोसी जैसी नेपाल से निकलने वाली नदियां असाढ़ में ही उफनने लगीं हैं। नेपाल स्थित बराजों और वाल्मिीकी नगर बराज से पानी छोड़े जाने के कारण आयी बाढ़ की चपेट में उत्तर बिहार के सैकड़ों गांव आ गए हैं। बांधों के टूटने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। बागमती नदी ने उच्चतम जलस्तर का नया रिकॉर्ड बना दिया है। इसके कारण सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जानकारी के अनुसार सीतामढ़ी के रीगा में बाढ़ ने चीनी मील, प्रखंड कार्यालय और थाने को चपेट में ले​ लिया है। यहां बीडीओ और थानेदार को भी ऊंचे स्थान पर शरण लेनी पड़ी है। जिले के कई नए इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। कई पावर सब स्टेशन में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। पूर्वी चंपारण के पताही ब्‍लॉक में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। मोतिहारी के छौड़ादानो, बनकटवा, ढाका, पताही में बाढ़ का पानी घुसने की खबर है। यहां भी ग्रामीणों ने ऊंचे स्थानों को ठिकाना बना लिया है। उधर मधुबनी में कमला बलान का तटबंध टूटने से जयनगर शहर में बाढ़ का पानी घुस गया है। मधुबनी के जयनगर में कमलाबलान बराज के ऊपर से पानी बह रहा है।जलस्तर के दबाव के चलते कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए। इससे मधुबनी के कई इलाकों में बाढ़ का पानी दो से तीन फीट ऊपर बहने लगा है। दरभंगा में काकोढ़ा बांध और कैथवार बांध के टूट जाने से 14 पंचायत जलमग्न हो गए हैं। शिवहर शहर में डीएम—एसपी आवास को भी बाढ़ ने चपेट में ले लिया है।

सीमांचल के जिलों में कोसी का तांडव, दहशत में लोग

बिहार के सीमांचल के सुपौल और किशनगंज में कोसी बराज के बराह क्षेत्र में तटबंध के भीतर कई घर जलमग्न हो गए हैं पूर्णिया में बायसी के 11 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुसने की खबर है। यहां स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद की जा रही है।

बाढ़ पर हाई अलर्ट मोड में आई राज्य सरकार

इधर आज पटना में राज्य सरकार आज रविवार को बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट मोड में आ गयी। सीएम नीतीश कुमार ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की जिसके बाद बिहटा से NDRF की एक टीम दरभंगा रवाना की गई है। कहा गया कि नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में हालात खराब हुए हैं।

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