15 दिसंबर : बाढ़ की मुख्य ख़बरें

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गंगा नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत

बाढ़ : नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मलाही गांव स्थित शिवम ढाबा के सामने गंगा नदी के दियारा क्षेत्र में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। मृतक पछियारी मलाई गांव का रहने वाला सजन तांती बताया जा रहा है। मृतक की जेब से मिली आधार कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान हुई है।

बाढ़ पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल भेज दिया है। सदर अस्पताल प्रांगण में बाढ़ थाना के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सजन तांती (32वर्ष) की मौत गंगा में डूबने से हुई है। ज्ञात हो कि पूर्व में ऐसी अफवाह फैली थी कि मलाही के पास गंगा दियारा में एक व्यक्ति की मौत अत्याधिक शराब पीने से हो गयी है। जबकि बाढ़ पुलिस ने गंगा में डूबने से मौत होने की पुष्टि की है।

ईट-भट्टा मालिकों ने की फसल बीमा की तरह ईंट बीमा योजना की मांग

बाढ़ : दो दिनों के पूर्व हुई बारिश से ईंटों की बर्बादी ने ईट-भट्ठा मालिकों और वहां कार्यरत मजदूरों की परेशानी बढ़ा दी है। लाखों-लाख पकने के लिये तैयार ईंटें बरसात के कारण तहस-नहस हो कर जमींदोज हो चुका है। बिहार के हर चिमनी-भट्ठा पर लाखों-रुपये की बर्बादी का आकलन किया जा रहा है।

हजारों ट्रैक्टर जहां के तहां खड़े हैं, वहीं लाखों मजदूरों को करीब एक माह के लिये रोजी-रोटी की आफत आ गयी है। सारे के सारे ईंट फिर से बनाने पड़ेंगे। इस तरह के प्राकृतिक प्रकोप की डंडे से आहत बाढ़ के गौरक्षणी स्थित ‘शंकर ब्रिक्स’ के मालिक सह जदयू कार्यकर्ता राणा सिंह चौहान ने सरकार से मांग की है कि अन्य ‘बीमा योजनाओं’ की तरह सरकार को ‘कच्चे ईंट बीमा’ योजना भी चलाना चाहिए। ताकि प्राकृतिक आपदा में चिमनी- भट्ठा मालिकों को भी राहत और मुआवजा मिल सके।

ट्रेक्टर ड्राइवर सोनू का कहना है कि अब एक माह के लिये बरसात की वजह से उनके पास कोई काम नहीं है। घर का भोजन भी चलाना मुश्किल हो रहा है। सच्चाई है कि इस तरह के बेमौसम बरसात ईंट-चिमनी-भट्ठा मालिकों और वहां कार्यरत मजदूरों के लिये किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं है। जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

सत्यनारायण चतुर्वेदी

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