1 नवम्बर : मुंगेर की मुख्य खबरें

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बिहार में डबल इंजन की सरकार के सामने कौन हैं डबल युवराज

मुंगेर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले छपरा में जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा, कोरोना महामारी के कारण कुछ लोगों को ऐसा लग रहा था कि इस बार मतदान कम होगा, लेकिन बिहार की जनता ने उन्हें गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के चुनाव से ही पता चल गया है कि बि​हार में एक बार फिर एनडीए की सरकार आ रही है और नीतीश कुमार एक बार फिर से बिहार को विकास की राह पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री बनने वाले हैं।

छपरा की रैली में पीएम मोदी ने कहा, ‘भाजपा के लिए, एनडीए के लिए आपका ये प्रेम कुछ लोगों को अच्छा नहीं लग रहा है। पहले चरण के चुनाव के बाद उनको रात में नींद नहीं आ रही है। कभी-कभी तो अपने ही कार्यकर्ताओं से मारकर फेंकते हैं। उनकी हताशा-निराशा, बौखलाहट, गुस्सा, अब बिहार की जनता बराबर देख रही है। चेहरे से हंसी गायब हो गई है।

बिहार के लोगों की भावनाओं को कुछ लोग कभी समझ नहीं सकते। ये अपने परिवार के लिए पैदा हुए हैं, अपने परिवार के लिए जी रहे हैं और अपने परिवार के लिए ही जूझ रहे हैं। उन्हें न बिहार से कोई लेना देना है और न बिहार की युवा पीढ़ी से कोई लेना देना है। पीएम मोदी ने कहा, आज बिहार के सामने, डबल इंजन की सरकार है तो दूसरी तरफ डबल-डबल युवराज भी हैं। उनमें से एक तो जंगलराज के युवराज भी हैं। एक को यूपी की जनता ने वहां उन्हें घर लौटा दिया था। वहां के एक युवराज अब जंगलराज के युवराज से मिल गए हैं। डबल इंजन वाली एनडीए सरकार, बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, तो ये डबल-डबल युवराज अपने-अपने सिंहासन को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, 3-4 साल पहले यूपी के चुनाव में भी डबल-डबल युवराज बस के ऊपर चढ़कर लोगों के सामने हाथ हिला रहे थे।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में आज कोई ऐसा नहीं है, जिसे कोरोना ने प्रभावित न किया हो, जिसका इस महामारी ने नुकसान न किया हो। एनडीए की सरकार ने कोरोना की शुरुआत से ही प्रयास किया है कि वो इस संकटकाल में देश के गरीब, बिहार के गरीब के साथ खड़ी रहे। पीएम ने कहा, कोरोना के काल में किसी मां को ये चिंता करने की जरूरत नहीं है कि छठ पूजा को कैसे मनाएंगे, अरे मेरी मां! आपने अपने बेटे को दिल्ली मैं बैठाया है, तो क्या वो छठ की चिंता नहीं करेगा। मां, तुम छठ की तैयारी करो, दिल्ली में तुम्हारा बेटा बैठा है । पीएम मोदी ने कहा, आज के नौजवान को खुद से पूछना चाहिए कि बड़ी-बड़ी परियोजनाएं जो बिहार के लिए इतनी जरूरी थीं।

वो बरसों तक क्यों अटकीं रहीं? बिहार के पास सामर्थ्य तब भी भरपूर था। सरकारों के पास पैसा तब भी पर्याप्त था। फर्क सिर्फ इतना था कि तब बिहार में जंगलराज था। पुल बनाने के लिए कौन काम करेगा जब इंजीनियर सुरक्षित नहीं हो? कौन सड़क बनाएगा जब ठेकेदार की जान चौबीसों घंटे खतरे में हो। किसी कंपनी को अगर कोई काम मिलता भी था, तो वो यहां काम शुरु करने से पहले सौ बार सोचती थी। ये जंगलराज के दिनों की सच्चाई है। पीएम मोदी ने कहा, एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है। जो बिना लाग लपेट के कह रही है कि मोदी हमारा के नल देहलन, लाइन देहलन, बिजली देहलन, मोदी हमरा के कोटा देहलन, राशन देहलन, पेंसिल देहलन। मोदी हमरा के गैस देहलन। उनका क्यों वोट न देबे, का तौहर के देब.पीएम मोदी ने कहा बिहार के हर नौजवान की मां कहती थी कि घर के भीतर ही रहो, बाहर मत निकला, बाहर लकड़सुंघवा घूम रहा है। ये कौन था? बच्चों की मां आखिर उन्हें क्यों डराती थी। बिहार में पहले अपहरण का डर रहता था. ये जंगलराज के समय की बात है.पीएम मोदी ने कहा, 2-3 दिन पहले पड़ोसी देश ने पुलवामा हमले की सच्चाई को स्वीकारा है. इस सच्चाई ने उन लोगों के चेहरे से नकाब हटा दिया, जो हमले के बाद अफवाएं फैला रहे थे।

काफ़ी सख्त मिज़ाजी हैं मुंगेर के नए कप्तान

मुंगेर : जिले में मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर हुए बवाल के बाद चुनाव आयोग ने मुंगेर के डीएम राजेश मीणा और एसपी लिपि सिंह को पद से हटा दिया है। इन दोनों अफसरों को हटाने के बाद तत्काल वहां नए जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान की नियुक्ति की गई। बिहार सरकार ने आईपीएस मानवजीत सिंह ढिल्लो और आईएएस को वहां का जिलाधिकारी बनाया। नए पुलिस कप्तान मानवजीत सिंह ढिल्लो काफी सख्त अधिकारी माने जाते हैं।

आईपीएस मानवजीत सिंह ढिल्लो 2009 के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। मानवजीत सिंह ढिल्लो को काफी तेजतर्रार अफसर माना जाता है। मुंगेर जिले में एसपी बनने से पहले इन्हें पटना में एसटीएफ के एसपी के रूप में तैनात किया गया था। मानवजीत सिंह ढिल्लो इससे पहले वैशाली में भी एसपी रह चुके हैं, जो एक बार काफी सुर्ख़ियों में आये थे।

आईपीएस मानवजीत सिंह ढिल्लो को जमीन से जुड़ा प्रशासनिक अफसर माना जाता है। पिछले साल जुलाई महीने में वैशाली के एसपी रहते इन्होंने अपने ही पुलिस महकमे के 3 अधिकारी समेत 66 पुलिसकर्मियों के ऊपर केस एफआईआर किया था। बढ़ते अपराध के पीछे पुलिसवालों की लापरवाही बड़ा कारण मानते हुए एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो के आदेश पर ही कांड संख्या 634/ 19 के रूप में नगर थाने में केस दर्जर करवाया गया था. जिसमें 3 डीएसपी और 63 पुलसीकर्मी के नाम शामिल थे. बताया जाता है कि आईपीसी की धारा 409/34 के तहत यह कार्रवाई की गई थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 15 जून 2019 को नगर थाने में एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने लंबित मामलों की समीक्षा की थी। इस दौरान पता चला कि कई लंबित मामले ऐसे पदाधिकारियों के पास हैं, जिनका तबादला जिले से बाहर हो गया है. उस समय अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी किसी ने केस नहीं सौंपे. जिसके बाद उन्होंने एक्शन लिया था। बताया जाता है कि तब तत्कालीन डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के आदेश पर डीजी टीम वैशाली में आपराधिक घटनाओं, लंबित मामले आदि का रिव्यू करने के साथ ही लोगों से फीडबैक ले रही थी।

मुंगेर एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो की पत्नी भी आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी शादी 2009 बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी हरप्रीत सिंह से हुई है। खुद आईपीएस मानवजीत सिंह ढिल्लो 2009 के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों ने 2011 में शादी की थी। हरप्रीत सिंह भी बिहार की सख्त प्रशासनिक अधिकारी मानी जाती हैं।

मुंगेर गोलीकांड के बाद गुरूवार को फिर से हिंसा भड़कने के बाद इन्हें जिले में लॉ एंड आर्डर को बहाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आईपीएस मानवजीत सिंह ढिल्लो बिहार के तेजतर्रार आईपीएस और मुंगेर रेंज के डीआईजी मनु महाराज के साथ काम कर रहे हैं. फिलहाल मुंगेर में स्थिति काफी शांतिपूर्ण हैं।

निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को दिए निर्देश तेजस्वी यादव की सुरक्षा हो पुख्ता

मुंगेर : पटना बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा पुख्ता करने का निर्देश चुनाव आयोग ने सभी जिला अधिकारी और जिले के एसपी को दिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को राजद के द्वारा तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कमी को लेकर एक पत्र दिया गया था। अब इस पत्र के मद्देनजर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिले के जिलाधिकारी और एसपी को निर्देश दिया है कि तेजस्वी यादव की सभा में पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम किए जाए।

चुनाव आयोग शनिवार को अब आब्जर्वर के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग करेगा जिसमें द्वितीय चरण के चुनाव को लेकर के चुनाव तैयारी और सुरक्षा को लेकर समीक्षा की जाएगी। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अभी तक की तैयारी और 3 तारीख को सुरक्षा के क्या-क्या इंतजाम हैं इन को लेकर के चुनाव आयोग और आब्जर्वर से फीडबैक लेगा और दिशा निर्देश जारी करेगा। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के स्टार प्रचारक तेजस्वी यादव ने अपने मामा साधु यादव पर निशाना साधा। तेजस्वी ने गोपालगंज में ताबड़तोड़ पांच चुनावी रैलियां की। वहीं इस दौरान उनके निशाने पर उनके मामा साधु यादव भी रहे। तेजस्वी यादव ने लोगों से अपने मामा के खिलाफ वोट करने की अपील की। अपने सगे मामा साधु यादव का नाम लिए बिना तेजस्वी यादव ने कहा कि दातुन तोड़ने के चक्कर में लोग पेड़ को मत उखाड़ लें. वो साधु यादव के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में जनता से वोट करने की अपील कर रहे थे।

बिहार चुनाव के दूसरे चरण के 94 सीटों पर प्रचार का शोर थम जाएगा आज

मुंगेर : बिहार चुनाव में दूसरे चरण के तहत जिन 94 सीटों पर 3 नवंबर को वोटिंग होनी है, वहां आज चुनाव प्रचार थम जाएगा। चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है और शाम के बाद 94 सीटों पर प्रचार का शोर थम जाएगा। 17 जिलों की 94 सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होना है। वोटर्स कुल 1463 उम्मीदवारों की किस्मत इसी दिन तय करेंगे। दूसरे चरण में कुल 1316 पुरुष उम्मीदवार, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर कैंडिडेट चुनाव मैदान में हैं।

94 विधानसभा सीटों में से जिन सीटों पर 3 नवंबर को शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी वहां आज शाम 4 बजे चुनाव प्रचार खत्म हो जाएगा और जिन सीटों पर शाम 6 बजे तक मतदान होना है वहां आज शाम 6 बजे के बाद चुनाव प्रचार नहीं होगा। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद इन सीटों पर कैंडिडेट केवल व्यक्तिगत जनसंपर्क ही कर पाएंगे। किसी भी तरह की चुनावी सभा और प्रचार पर रोक रहेगी।

दूसरे चरण में जिन दिग्गजों की किस्मत का फैसला होना है उनमें बिहार सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता नंदकिशोर यादव, मंत्री राणा रणधीर सिंह के साथ-साथ जेडीयू नेता और मंत्री श्रवण कुमार मंत्री रामसेवक सिंह शामिल हैं। इनके अलावा पटना की सभी शहरी सीटों पर भी 3 नवंबर को ही वोट पड़ेंगे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है साथ ही साथ उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव भी हसनपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे चरण में जनता दल यूनाइटेड के 43, बीजेपी के 46, कांग्रेस के 24, आरजेडी के 56, लोजपा के 52, रालोसपा के 36, सीपीआई के 4, सीपीएम के 4, बीएसपी के 33 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 29 उम्मीदवारों की किस्मत तय होगी।

बिहार चुनाव में एनडीए अपने घर की लड़ाई से परेशान है

मुंगेर : बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए कार्यकर्ताओं के बीच एक बात की चर्चा तेज है कि इस बार के चुनाव में बहुत सारे सीटों पर भाजपा के कार्यकर्ता जदयू के लिए प्रचार नहीं कर रहे हैं, तो वही कहीं पर जदयू के कार्यकर्ता भाजपा के लिए प्रचार नहीं कर रहे हैं। दरअसल राजनीतिक जानकारों की माने तो एनडीए के गर्त में जाने का अहम कारण तपे-तपाये कार्यकर्ता की अनदेखी है।

इसी कड़ी में भितरघात की कहानी ऐसी है कि हर सीट पर कहीं न कहीं बीजेपी और जेडीयू के नेता एक-दूसरे का रास्ता काटते नजर आ रहे हैं। अब तक दबी जुबान से भीतर इसकी की चर्चा हो रही थी। लेकिन अब खुले मंच से भितरघात का ऐलान किया जाने लगा है। भागलपुर विधानसभा सीट पर जेडीयू सांसद के रवैया से बीजेपी खासा नाराज है। भागलपुर में जिन सीटों पर बीजेपी ने उम्मीदवार उतारा है वहां उसे जेडीयू सांसद का साथ नहीं मिल रहा। पार्टी का आरोप है कि जेडीयू के स्थानीय सांसद अजय मंडल बीजेपी का साथ नहीं दे रहे हैं।

भागलपुर में जेडीयू और बीजेपी के बीच रिश्ते इतने बिगड़ चुके हैं कि चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी को खुले मंच से स्थानीय सांसद अजय मंडल को चेतावनी देनी पड़ी। सुशील मोदी ने जेडीयू सांसद अजय मंडल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुझे मालूम है कि सांसद गठबंधन विरोधी काम कर रहे हैं मैंने उनसे परसों फोन पर कहा था कि आप बीजेपी और जेडीयू के कारण ही सांसद बने हैं लेकिन मुझे पता चला है कि आप मतदाताओं में भ्रम फैला रहे हैं. लोकसभा का चुनाव भी आएगा और उस वक्त आपको जवाब दे दिया जाएगा। दरअसल एनडीए के चुनावी अभियान से अजय मंडल ने अब तक दूरी बनाए रखी है डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में भी अजय मंडल शामिल नहीं हुए। सुशील मोदी की चेतावनी के बाद जेडीयू सांसद अजय मंडल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस टीम को जरूर कोई गलतफहमी हुई है. मैं गठबंधन विरोध में काम नहीं कर रहा हूं।

swatva

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