02 जुलाई : मधुबनी की मुख्य खबरें

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शिक्षित बच्चों से ही शिक्षित समाज का होगा निर्माण और सामाजिक कुरीतियां होगी दूर : जिलाधिकारी

मधुबनी : जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा ने जिले भर के उच्च विद्यालयों में कक्षा 9 में शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को लेकर समाहरणालय परिसर से कला जत्था युक्त नामांकन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गौरतलब हो कि वार्षिक परीक्षा 2022 में उत्तीर्ण होने वाले कक्षा 8 के शत प्रतिशत छात्र छात्राओं का नामांकन कक्षा 9 में सुनिश्चित किए जाने के व्यापक उद्देश्य को देखते हुए 01 जुलाई से 15 जुलाई 2022 तक विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह प्रचार रथ जिले भर के सभी प्रखंडों में प्रचार रथ के साथ कला जत्था के माध्यम से नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन भी करेगी। जिससे आम जनों में सकारात्मक प्रभाव जागृत किया जा सके।

उक्त अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि कक्षा 8 से उत्तीर्ण सभी बच्चों बच्चियों का कक्षा 9 में नामांकन करवाना न केवल शिक्षा विभाग की बल्कि हम सब की जिम्मेवारी है। शिक्षित बच्चों से ही शिक्षित समाज का निर्माण होगा और समाज की कुरीतियां दूर हो सकेंगी। उन्होंने बालक के साथ साथ बालिकाओं की शिक्षा पर भी पूर्ण रूप से ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि आज बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए रोजगार में भी पर्याप्त अवसर दिए जा रहे हैं।

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ऐसे में समाज के सभी वर्गों को अपने बच्चों में भेदभाव किए बिना शिक्षा हासिल करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उक्त अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, नसीम अहमद, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सह माध्यमिक शिक्षा, नवीन कुमार ठाकुर, अपर जिला शिक्षा समन्वयक, सतीश कुमार, गुणवत्ता समन्वयक, अर्जुन कुमार सहित शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी और रंगकर्मी उपस्थित थे।

जल संरक्षण की दिशा में सरकारी तंत्र के साथ साथ आम लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण : संजीव शंकर

मधुबनी : भारत सरकार के संयुक्त सचिव सह जल शक्ति अभियान के चीफ नोडल ऑफिसर संजीव शंकर आज मधुबनी पंहुचे। उन्होंने डीआरडीए सभागार में आयोजित बैठक में जल संरक्षण को लेकर जिले में चल रहे कार्यो का समीक्षा किया। जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा द्वारा पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो की विस्तृत जानकारी दी गई।

उन्होंने कहा कि जल श्रोतों के संरक्षण के द्वारा अगली पीढ़ी को शुद्ध पेय जल मुहैया कराने की सरकार की यह मुहिम अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के साथ साथ शहरी क्षेत्र के अंतर्गत वृक्षारोपण द्वारा हरित क्षेत्र के विकास को अत्यंत आवश्यक बताया। उनका कहना था कि शहरी क्षेत्रों में कूड़े का उत्सर्जन अधिक होता है, साथ ही जनसंख्या केंद्रीकरण के कारण जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

अक्सर हम देखते हैं कि गर्मियों में शहरी क्षेत्र के चापाकल काम करना बंद कर देते हैं, क्योंकि भूगर्भीय पेय जल का स्तर नीचे चला जाता है। इसे देखते हुए हमें समय रहते योजना बनाकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों में जल संसाधन बेहद अहम है, क्योंकि अन्य संसाधनों के विकास में इसका अहम योगदान है। ऐसे में जल संरक्षण आज की आवश्यक आवश्यकताओं में शुमार है।

बैठक को सम्बोधित करते हुए संयुक्त सचिव ने जल संरक्षण की दिशा में सरकारी तंत्र के साथ साथ आम लोगों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की योजना में अन्य कई पहलू जैसे वृक्षारोपण, जल श्रोतों का प्रदूषण से संरक्षण, जल श्रोतों को अतिक्रमण से मुक्ति, मृदा संरक्षण, जैविक कृषि, ऊर्जा संरक्षण आदि शामिल हैं। ऐसे में जल शक्ति अभियान की सफलता में सरकारी तंत्र के साथ साथ आम जनों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि सभी मिलकर इस दिशा में कदम उठाएंगे तो निश्चय ही आने वाली पीढ़ी को हम सुरक्षित पेय जल भंडार दे सकेंगे।

उन्होंने जल शक्ति अभियान की सफलता के लिए पुराने पोखर, आहार और पाइन के पुनरूद्धार, सार्वजनिक कुओं का संरक्षण, सार्वजनिक कुओं और चापकलों के समीप सोकपिट निर्माण, चेक डैम जैसे जल संग्रह के भौतिक निर्माण, रूफ टॉप रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण, वृक्षारोपण, सौर ऊर्जा को बढ़ावा आदि पर विस्तार से चर्चा की। उनके द्वारा ऐसी नदियों से जहां सालो भर अधिक जल प्रवाह होता है से कम प्रवाह वाले नदियों में जल को वितरित किए जाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

उक्त बैठक में सदस्य बिहार विधान सभा, समीर कुमार महासेठ,जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा,अपर समाहर्ता, अवधेश राम, उप विकास आयुक्त विशाल राज सहित जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

मधुबनी जिले के पारा मेडिकल संस्‍थान में शुरू हुई पढ़ाई

मधुबनी : चिकित्सा जगत में जिला के लिए बड़ी उम्मीदों वाला बनने जा रहा है। खासकर चिकित्सा शिक्षा जगत में जिला में बड़ा छलांग लगाने की तैयारी में है। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय “अवसर बढ़े आगे बढ़े” के तहत तकनीकी शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने के लिए जिले में संचालित सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स को मान्यता प्रदान की गई है, जहां पर कई सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम के तहत मेडिकल शिक्षा संस्थान पारा मेडिकल संस्थान रामपट्टी में 33 छात्रों का नामांकन 27 जून को की गई है, जिसमें 29 छात्र व 4 छात्राएँ है। सभी …

सड़क बनी तालाब, लोगों का जीना हुआ दूभर

मधुबनी : जिले के कलुआही प्रखंड के मलमल उत्तर पंचायत के अंतर्गत राढ गांव के वार्ड संख्या 02 में कई वर्षों से सड़क बदहाली को लेकर लोगो का नारकीय जीवन बना हुआ है। लोगो ने बताया की बारिश के मौसम में आना जाना बाधित हो जाता है। सड़क के बीच में गढ्ढे है, जिसमे गिरकर कई लोग चोटिल हो चुके है।

बता दे कि अरुण मंडल सहित अन्य ग्रामीणों ने करीब 4 माह पूर्व अंचलाधिकारी कलुआही को एक आवेदन दिया था, जिसमे बंगला टोल पर हब्बी अहमद के घर से लेकर शिवजी मंडल के घर तक सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। जिसमे मुख्य कारण अतिक्रमण का मामला सामने आया है।

उक्त आवेदन पर पंचायत के मुखिया श्याम यादव, उप प्रमुख चंदन प्रकाश यादव, वार्ड सदस्य मीरा देवी ने हस्ताक्षर कर अतिक्रमण हटाने की सहमति दी थी। लेकिन अंचलाधिकारी द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं किया गया। हालांकि ये मामला अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास कार्रवाई में लंबित है। बरहाल जो भी हो, पर खामियाजा स्थानीय लोग भुगतने को विवश हैं।

डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों को किया गया सम्मानित

मधुबनी : जिले में माँ अन्नपूर्णा सेवा समिति की ओर से शुक्रवार को डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शहर के एक अस्पताल के चिकित्सकों को मिथिला परंपरा अनुसार पाग, माला एवं दोपट्टा से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्था के मुख्य संयोजक अमित कुमार राउत ने अपने सम्बोधन में चिकित्सकों को अपने दायित्वों का बोध कराते हुए उनकी हौंसला अफजाई की।

उन्होंने कहा कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप है, ये कोरोना काल में और भी मजबूती से स्थापित हुआ। इस दिन को मनाने का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान जाहिर करना है। कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी डॉक्टर्स दिन-रात मरीजों की सेवा में डटे रहे, उनके इस बलिदान और समर्पण को हमारा सलाम है। ये दिन डॉक्टर्स के सम्मान और काम के लिए कृतज्ञता दिखाने का दिन है। वहीं, संस्था के लक्षमण यादव ने कहा हमारे यहां डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है। डॉक्टर लोगों को जीवनदान देते हैं। ऐसे में लोग डॉक्टर्स को धरती पर इंसान के रूप में पूजते हैं।

बता दें कि भारत में 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन डॉक्टर्स के काम और उनके सम्मान में लोग उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। उनकी सेवा के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। कोरोना काल में डॉक्टर्स ने जिस तरह से अपनी जिम्मेदारी निभाई और लाखों लोगों की जान बचाई है, वो सच में एक महान काम है। इतिहास में भी ऐसे कई डॉक्टर्स हुए हैं, जिन्हें इस दिन याद किया जाता है। इस मौके पर संस्था के लक्ष्मण यादव, गौरव शर्मा, गौरव जोशी एवं अस्पताल के प्रबंधक मनोज यादव एवं अस्पताल के अन्य डॉक्टरस मौजूद रहे।

डॉक्टर्स डे का इतिहास

दरअसल, भारत के प्रसिद्ध चिकित्सकों में से एक डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय का जन्मदिन व पुण्यतिथि दोनों आज ही यानी कि 1 जुलाई को है। ऐसे में उनके प्रति सम्मान के रूप में भी इस दिवस को मनाया जाता है। इस दिन डॉक्टर्स के योगदान के बारे में लोगों को बताया जाता है, उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है, उन्हें सराहा जाता है। डॉक्‍टर बी.सी. रॉय को 4 फरवरी, 1961 को भारत रत्न के सम्मान से भी सम्‍मानित किया गया था। उन्होंने जादवपुर टीबी जैसे चिकित्सा संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अस्पताल, चित्तरंजन सेवा सदन, कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल, विक्टोरिया इंस्टीट्यूशन (कॉलेज), चित्तरंजन कैंसर अस्पताल और महिलाओं और बच्चों के लिए चित्तरंजन सेवा सदन। उन्हें भारत के उपमहाद्वीप में पहला चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता था, जो ब्रिटिश मेडिकल जर्नल द्वारा कई क्षेत्रों में अपने समकालीनों से आगे निकल गए।

इसलिए हर साल, राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस का उत्सव एक समर्पित विषय पर केंद्रित होता है, जो हमें एक समान और समकालिक संचार में मदद करता है। इस बार राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 2022 की थीम “फ्रंट लाइन पर पारिवारिक डॉक्टर” रहा।

शिक्षण संस्थान का हाल बेहाल, आखिर कौन है इसका जिम्मेदार?

मधुबनी : यूं तो सूबे में ही शिक्षण संस्थान का बहुत बुरा हाल है। ऐसा ही एक मामला मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखण्ड के शिवनगर पंचायत के मुसहरी टोला, वार्ड 14 के प्राथमिक विद्यालय का है, जहाँ बारिश के आगमन से विद्यालय प्रांगण जलमग्न हो गया। तो वही दूसरी तरफ भवन का प्लास्टर झड़-झड़ कर गिर रहा है, जो कभी भी किसी बड़ी बारदात का निमंत्रण देता दिखाई दे रहा है। जबकि वार्ड क्रमांक 14 में स्थापित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, चानपुरपट्टी विद्यालय में कुल 177 महादलित के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहा है।

विद्यायल की दयनीय हालत को लेकर अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि शिक्षा विभाग से सम्पर्क कर स्कुल की हालत की जानकारी दिया गया, तो विभाग द्वारा यह कहकर पल्ला झाड़ लिया की मेरे पास फंड उपलब्ध नही है। जब बेनीपट्टी बीडीओ से सम्पर्क किया गया, तो उनका कहना था अक्टूबर तक मनरेगा का काम नही हो सकता, उसके बाद इस समस्या को देखा जायेगा।

सीजन की पहली हल्की बारिश में अगर विद्यालय की ये हालत है, तो अभी पूरी बारिश का मौसम शेष बचा हुआ है। ऐसी हालत में शिक्षक एवं छात्र के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। आखिर 177 महादलित छात्र शिक्षा से वंचित रह जायेगा इसका जिम्मेदार कौन है? जबकि स्थानीय प्रशासन द्वारा तात्कालिक वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई गम्भीरता नही दिखाना, इसी से समझ आता है कि बिहार सरकार और उनके नुमाइंदे महादलित छात्रों के शिक्षा और भविष्य को लेकर कितना संवेदनशील है।

मुखिया महासंघ का प्रतिनिधिमंडल प्रखण्ड क्षेत्र के विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु मनरेगा पीओ व चिकित्सा प्रभारी से किये मुलाकात

मधुबनी : जिले के बेनीपट्टी प्रखण्ड के मुखिया महासंघ बेनीपट्टी द्वारा नवकरही के मुखिया रामसंजीवन यादव के नेतृत्व में 8 सदस्यीय कमिटि का गठन किया गया। गठित कमिटी के द्वारा आज मनरेगा पीओ और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा प्रभारी से मुलाकात कर प्रखण्ड क्षेत्र के विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा परिचर्चा की गई।जिसमें मनरेगा पीओ से मुलाकात करते हुए मुखिया महासंघ द्वारा कहा गया कि मनमानी तरीके से जेई द्वारा प्राक्कलन बनाया जाता है, जिसमे बाजार मूल्य जो पक्की सड़क का है।

गिट्टी, बालू और ईंट आदि सामग्री का बाजार मूल्य कुछ और होता है और प्राक्कलन राशि मे मनमाना किया जाता है, जिससे विकास की गति लागभग रुक सी गई है। श्री संजीवन के नेतृत्व वाली कमिटी ने नरेगा पीओ से मांग किया कि बाजार मूल्य का अवलोकन कर प्राक्कलन में दर निर्धारित किया जाय साथ ही पूर्व में बनाये गए प्राक्कलन का भी एक सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय जांच किया जाय, साथ ही ऐसे प्रतिनिधि मंडल ने मांग किया कि जो भी योजना पूर्ण हो गया है, उन सब का भुगतान जल्द किया जाय।

इस मुद्दे पर मनरेगा पीओ बेनीपट्टी द्वारा कहा गया कि हर संभवः प्रयास किया जा रहा है। अविलम्ब लंबित भुगतान करने हेतु प्रकिर्या की जा रही है, साथ ही अन्य मुद्दों को भी गंभीरता से लेते हुए उचित करवाई की जाएगी। इसके बाद गठित कमिटी ने स्वास्थ्य उपकेन्द्र के कार्यालय प्रकोष्ठ में स्वास्थ्य प्रभारी डॉ० एस.एन. झा और स्वास्थ्य प्रबन्धक राजेश रंजन से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा किये, जहाँ मुखिया महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को हर संभव तमाम समस्याओं पर कारवाई किये जाने का आस्वाशन दिया गया है। इस अवसर पर मुखियासंघ के प्रखण्ड अध्यक्ष विनय झा, सुनील कुमार, हितेन्द्र भण्डारी, मो० अख्तर हुसैन, विवेक राय, डॉ० पी.एन. झा, इंद्रदेव प्रसाद कण्ठ सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

गंगूली में गिरा ठनका, एक महिला और एक मवेशी की हुई मौत

मधुबनी : जिले के बेनीपट्टी प्रखण्ड क्षेत्र के गंगूली में बज्रपात से एक महिला और एक मवेशी की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार संध्या करीब 5:30 बजे गंगूली बधार चोर में महिला अपने मवेशी को चरा रही थी, जहाँ थोड़ी दूरी पर और भी किसान मौजूद थे जहाँ कई लोगों ने आसमानी बिजली गिरते हुए देखा और किसी तरफ इधर उधर भाग खड़े हुए।

लेकिन, उक्त महिला और उसका मवेशी ठनका की चपेट में आ गया, जिस कारण उक्त महिला और मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान गंगूली पंचायत के वार्ड संख्या-9 निवासी शिवजी यादव की 42 वर्षीय पत्नी आशा देवी के रूप में हुई है। बधार चोर में मौजूद अन्य किसानों द्वारा इस घटना की सूचना मृतका के परिजनों को दी गई। खबर सुनते ही अफरा तफरी मच गई।

घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वहीं स्थानीय पैक्स अध्यक्ष प्रेम शंकर द्वारा घटना की सूचना बेनीपट्टी थाना और अंचलाधिकारी को दी गई, जहाँ अंचलाधिकारी पल्लवी गुप्ता ने बताया कि इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को हर सम्भव सहायता दिया जाएगा।

सरकारी स्कूल के दो हजार छात्रों को पढ़ाने के लिए केसीएस फाउंडेशन ने निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की शुरू

मधुबनी : जिले के मधवापुर के केसीएस फाउंडेशन अवारी ने अब सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले पांचवीं से दसवीं तक के दो हजार छात्रों को सूबे के पांच जगहों पर निःशुल्क कोचिंग में पढ़ाने का बीड़ा उठाया है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ० योगेंद्रनाथ झा ने फीता काटकर किया है। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ० झा ने कहा कि महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने के लिए फाउंडेशन की ओर से तीन साल तक निःशुल्क हजारों महिलाओं को महिला सिलाई कटाई का प्रशिक्षण देकर महिला सशक्तिकरण को मजबूत किया गया है।

अब चुकी पंचायत में इस प्रशिक्षण के लिए कोई महिला या बालिका नहीं बची है। इसलिए शिक्षा अभियान के तहत संस्था ने 50-50 के बैच में राज्य के दो हजार स्कूली बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने की सोंच विकसित की है। उन्होंने बताया कि यह सोंच दुबई कॉलेज में 11वीं के 16 वर्षीय छात्र मो० मिकदाद हुसैन की है। उसी ने यह प्रोजेक्ट बनाकर संस्था के संस्थापक को सौंपा। छात्रों एवं अभिभावकों के लिए कल्याणकारी प्रोजेक्ट बताते हुए विचारोपरांत इसका शुभारंभ किया गया है।

यह कोचिंग केसीएस फाउंडेशन अवारी, गंगा सागर चौक मधुबनी, विद्या वाटिका पब्लिक स्कूल सिंधिया समस्तीपुर, सीतामढ़ी जिले के सुरसंड बाजार आदि जगहों पर चलाया जाएगा। मौके पर शिक्षक सुजय कुमार सहित दर्जनों छात्र छात्राएं मौजूद थे। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से ठंढ़ी के समय में दिव्यांग, विधवा, बूढ़े बीमार लोगों के बीच कंबल, लोक आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर साड़ी, ग्राम रक्षा दल सदस्यों के बीच कंबल, लाठी, सिटी एवं टॉर्च का वितरण किया जा चुका है। जबकि, वैश्विक महामारी कोरोना में हजारों परिवार को कोरोना राहत पैकेट एक हजार परिवार को पांच-पांच सौ नकद वितरण किया गया था। गांवों में मच्छरों को भगाने के लिए फॉगिंग कराया जा रहा था।

सुबोध मंडल बनाये गए अतिपिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय संयोजक, बधाई देने वालों का लगा तांता

मधुबनी : प्रो० शीतलाम्बर झा अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमिटी मधुबनी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार से मधुबनी हरलाखी निवासी सुबोध मंडल एवं मुज्जफरपुर निवासी जीतेन्द्र मंडल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अतिपिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय संयोजक मनोनीत करने पर अभार जताया है, और दोनों नेताओं को बधाई दी है।

प्रो० झा ने कहा है कि सुबोध मंडल जन्मजात सच्चा कर्मठ कांग्रेस के कार्यकर्ता रहें है। उनके संयोजक बनाने से मधुबनी सहित बिहार के कांग्रेस पार्टी को काफी मजबूती मिलेगा।

बधाई देने बालों में अमानुल्लाह खान, मनोज कुमार मिश्र, हिमांशू कुमार, शिवचंद्र झा, नलनी रंजन झा, मो० शब्बीर, अकील अंजुम, बिजय कुमार राउत, पवन कुमार यादव, आनंद कुमार झा, जयोतिरामन झा बाबा, जयोति झा, सुनील कुमार झा, उपेंद्र यादव, शुशील झा, राजीव शेखर झा, अशोक कुमार, अनुरंजन सिंह, लालू यादव, मो० मोतिबुल रहमान, बिनय झा, मो० सबीर, विजयकृष्ण झा, वैद्यनाथ झा, नवेंद्र झा, सुरेन्द्र महतो, रामचंद्र साह, गंगाधर पासवान आदि दर्जनों लोगों ने बधाई दी है।

सुमित कुमार की रिपोर्ट

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