08 जनवरी : मधुबनी की मुख्य खबरें

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रहिका पुलिस ने 150 कार्टून से 1350 लीटर नेपाली देसी शराब बोलेरो पिकअप से किया बरामद

मधुबनी : जिले के रहिका थाना की पुलिस ने पोखरौनी चौक के पास से शराब से लदा पिकअप सहित दो तस्कर को किया गिरफ्तार। रहिका थानाध्यक्ष अरुण कुमार के नेतृत्व में रात्रि गश्ती के दौरान गुप्त सूचना मिली की जयनगर से एक पिकअप पर भारी मात्रा में शराब की खेप रहिका की तरफ जा रही है। गुप्त सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने तत्परता दिखाते हुए अपने दल बल के साथ पोखरौनी चौक के पास वाहन चेकिंग करने लगे।

कुछ देर बाद ही जयनगर की तरफ से एक उजला रंग का बोलेरो पिकअप आता दिखाई दिया, जिसको पुलिस बल के द्वारा रोका गया, जिसमें 2 व्यक्ति सवार थे। पुलिस बल को देखते ही वह दोनों भागने लगे, जिसको खदेड़ कर धर दबोचा गया। पिकअप की तलाशी की गई, जिसमें प्लास्टिक की बोरी में अवैध शराब रखा हुआ था। शराब तस्कर सहित पिकअप रहिका थाना ले आया गया। थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया की 30 प्लास्टिक की बोरी में नेपाली देसी शराब रखा हुआ था।

एक बोरी में 5 कार्टून था और एक कार्टून में करीब 30 बोतल 150 कार्टून में 4500 नेपाली देसी शराब की बरामदगी हुई, जिसकी कुल मात्रा 1350 लीटर है। गिरफ्तार व्यक्ति कोरहिया गांव के वार्ड नंबर 10 के पिकअप मालिक राम शोभित कुमार एवं मोहम्मद नासिर शाह दोनों थाना जयनगर मधुबनी का निवासी बताया। गश्ती में एसआई विनय शर्मा, नंदकुमार सिंह, रंजीत कुमार पासवान एवं अन्य सशस्त्र बल मौजूद थे। वहीं, थानाध्यक्ष ने कहा शराब तस्करों को नकेल कसने के लिए हमेशा तत्पर रहता हूं।

ट्रक पर लदे आठ कार्टून शराब के साथ खलासी गिरफ्तार

मधुबनी : जिले के बिस्फी बिस्फी पुलिस ने बीती रात एक ट्रक 8 कार्टून शराब बरामद किया है।मामले को लेकर ट्रक के खलासी योगेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। जिला रोहतक क्षेत्र के हरियाणा का रहने वाला है। मिली जानकारी के मुताबिक बिस्फी पुलिस के एएसआई सुभाष सिंह रात्रि गश्त में सिंगिया लालपुर-उसौथू रोड में गश्त पर निकले थे। इसी बीच रघौली गांव के पास ट्रक को आते देखा।

पुलिस के गाड़ी को देखते ही तीन व्यक्ति ट्रक से कूद कर भाग गया, जबकि दो व्यक्ति अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। भागने के क्रम ट्रक के खलासी को दबोच लिया गया। बिस्फी थाना अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि तलाशी लेने पर ट्रक के भीतर बनाये गये तहखाने में 8 कार्टून शराब पायी गयी, जहां ट्रक खलाशी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

सबका विकास सबकी योजना के तहत आम सभा का किया गयक आयोजन

मधुबनी : जिले के बिस्फी प्रखंड क्षेत्र के परसौनी उत्तरी पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया अनीता देवी की अध्यक्षता में पंचायत भवन के परिसर में सबका विकास सबकी योजना के तहत आम सभा का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन उप मुखिया पुनीता कुमारी ने की इस मौके पर नवनिर्वाचित मुखिया को आम लोगों ने स्वागत एवं सम्मानित कर आम सभा को विधिवत रूप से शुरुआत की। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन सभी प्रकार के प्रमाण पत्र आधार कार्ड सहित कई कार्य पंचायत में ही किए जाने का निर्देश पंचायत के कर्मचारियों को दिया।

पंचायत के कई कर्मचारी उपस्थित नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई करने का संकेत मुखिया ने दी। आम सभा में जीपीडीपी, 15वें वित्त योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, मनरेगा, जल जीवन हरियाली, कुआ तालाब का सौंदर्यीकरण, नल जल योजना, जलजमाव क्षेत्र से जल निकासी सहित कई योजनाओं के बारे में विस्तार रूप से जानकारी दिया गया। मुखिया अनीता देवी ने वित्तीय वर्ष 22-23 के लिए 15वें वित्त आयोग योजना का रूपरेखा तैयार कर आम जनता के समक्ष प्रस्तुत कर योजना के संबंध में लगों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा की पंचायत की चौमुखी विकास करना उसकी पहली प्राथमिकता होगी। पंचायत में एक भव्य पंचायत भवन बनाया जाएगा, जहां पंचायत के कर्मचारी बैठकर आम लोगों का कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित किसी भी योजना के लाभार्थियों को पारदर्शी रूप से लाभ मिलेगी।

उन्होंने कहा कि 1 से 14 तक सभी वार्ड सदस्य अपने वार्ड में आमसभा कर वार्ड क्षेत्र की विकास की योजना का प्रस्ताव पारित जमा करें, ताकि समय से क्षेत्र का विकास किया जा सके लोगों से को भी तूने इसके गाइडलाइन का पालन करने की अपील की और सभी को टीका लेने की सलाह दी।इस मौके पर पंचायत सचिव सत्यनारायण झा, कार्यपालक सहायक मोनी प्रधान, कचहरी सचिव रंगीन कुमार झा, रोजगार सेवक संजय कुमार, किसान सलाहकार सुनील राम सहित कई लोग उपस्थित थे।

संक्रमित के निवास स्थान से तीन किलोमीटर के दायरे को कंटोनमेंट जोन घोषित कर किया जायेगा सर्विलांस एक्टिव

मधुबनी : जिले में कोरोना महामारी की रोकथाम एवं समुचित प्रबंधन हेतु बिहार संक्रमण जनित महामारी कोविड-19 विनियमन, 2020 के अंतर्गत कोरोना के संपुष्ट मामले में संक्रमित के निवास स्थान से तीन किलोमीटर के दायरे में कंटोनमेंट एरिया घोषित कर एक्टिव सर्विलांस किया जाना है।

उक्त परिप्रेक्ष्य में अवधेश राम, बी. प्र. से. समाहर्ता सह जिला दंडाधिकारी (प्रभारी), मधुबनी द्वारा आदेश पारित किया गया है कि सदर अस्पताल, मधुबनी से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार बिस्फी, घोघरडीहा, मधेपुर एवं राजनगर प्रखंडों के कुछ हिस्सों में जांचोपरांत कुछ लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसमें घोघरडीहा में तिलाठ, मधेपुर में पचही, एसएसबी कैंप, राजनगर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में चिन्हित स्थान को एपीसेंटर घोषित करते हुए इसके तीन किलोमीटर के दायरे को कंटोनमेंट एरिया घोषित किया गया है।

बताते चलें कि सुविधा के दृष्टिकोण से कंटोनमेंट एरिया को प्रत्येक पचास घर को इकाई मानकर सेक्टर में बांटा जाएगा और सघन जांच अभियान चला कर सभी को सुरक्षित किया जाएगा।

दंडाधिकारी द्वारा इस परिप्रेक्ष्य में विस्तृत आदेश निर्गत करते हुए कहा गया है कि निदेशानुसार इस क्षेत्र के सभी लोगों को होम क्वारेंटिन में रहना होगा। सभी लोगों का मास्क उपयोग करना अनिवार्य होगा। किसी भी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर ततक्षण स्वास्थ्य कर्मियों को सूचित किया जाना है।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि इस आशय के अनुरूप सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराया जाए। जागरूकता हेतु माइकिंग भी करवाई जाए। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को क्वारेंटिन में तब तक रहना अनिवार्य किया गया है, जब तक उनकी जांच निगेटिव न आ जाए।

कंटोनमेंट एरिया में आपातकालीन व अनिवार्य सेवा को छोड़कर किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। इसके सभी इंट्री एग्जिट प्वाइंट को बांस बल्लो से प्रतिबंधित किया जाएगा। इस आदेश को लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं।

मनरेगा के तहत शुरू हुआ कार्य, काम मिलने से मजदूरों में खुशी

मधुबनी : जिले के हरलाखी प्रखंड के सोठगांव पंचायत में लंबे समय से बंद पड़े मनरेगा के कार्यों का शुभारंभ होते ही बेरोजगार पड़े मजदूरों की चेहरे पर खुशियों का ठिकाना नही है। काफी दिनों बाद रोजगार मिलने से दर्जनों मजदूरों का चेहरा खिल गए है। विदित हो कि सरकार द्वारा घर बैठे मजदूरों को रोजगार देने के उद्देश्य से प्रत्येक गांव में मनरेगा के तहत कार्य कराए जाने का स्वीकृति पंचायतों की के मुखिया को दी गयी है।

इसी के तहत शुक्रवार से सोठगांव पंचायत अन्तर्ग कमला नहर उमगांव से एनएच 104 होते हुए मधुबनी मदरसा टोल तक तक करीब 55 सौ फीट में पंचायत के मुखिया उषा देवी व विसुन मंडल की देखरेख में पैनी खुदाई का कार्य शुरू कराया गया है। जिसमें लगभग एक सौ से अधिक मजदूर खुदाई कार्य मे लगे हुए थे. इधर मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिलने से उनके चेहरे पर साफ खुशी झलक रही थी।

काफी दिनों बाद पंचायत की योजना खुलने से पंचायत के बेरोजगार लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। ताकि उनको कोरोना की तीसरी लहर की घड़ी में दो जून की रोटी के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।वहीं नवनिर्वाचित मुखिया उषा देवी ने बताया कि पंचायत की बेरोजगार लोगों की रोजगार के लिए मनरेगा योजन के तहत युद्ध स्तर पर कार्य कराया जाएगा, जिससे पंचायत का विकास भी होगी और लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा।

इस दौरान मजदूर विनोद पासवान, भोगेन्द्र सदा, सुनील सदा, समंधन सदा, बटोही सहनी, सीटहा सहनी समेत दर्जनों मजदूरों ने बताया कि लॉक डाउन के समय से हि हम सभी लोग घर बैठ गए हैं. इस स्थिति में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। लेकिन गांव में कार्य शुरू होते ही हमलोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। बताया कि जॉब कार्ड होने के बावजूद भी बहुत दिनों से मनरेगा का कार्य ठप पड़ा हुआ था, लेकिन मुखिया ने हम लोगों को गांव में ही रोजगार देकर दुख दर्द बांटने का काम किया है।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए सभी की सहभागिता जरुरी, जागरूकता सबसे सशक्त हथियार

मधुबनी : बेहतर सामुदायिक स्वास्थ्य किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला तैयार करने में सहयोगी होती है। जिसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की भूमिका सबसे अहम होती है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। संस्थागत प्रसव, प्रसवपूर्व जाँच, प्रसव उपरांत देखभाल, नियमित टीकाकरण, गृह आधारित नवजात देखभाल, कमजोर नवजात देखभाल एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृ अभियान जैसे कई अभियान हैं जिसके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इन तमाम कार्यक्रमों की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि जन-समुदाय इनके प्रति कितने जागरूक एवं संवेदनशील हैं।

वर्ष 2025 तक वैश्विक स्तर पर 5 लक्ष्य निर्धारित 

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए वैश्विक स्तर पर भी कई प्रयास किए जा रहे हैं. एंडिंग प्रिवेंटेबल मैटरनल मोर्टेलिटी ( ईपीएमएम) के तहत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की प्रतिबद्धता जाहिर की गयी है. जिसके तहत वर्ष 2025 तक वैश्विक स्तर पर 5 लक्ष्यों को हासिल करने की बात कही गयी है. पहले लक्ष्य में गर्भवती माताओं के लिए 4 प्रसव पूर्व जाँच को 90 फीसदी तक करने एवं दूसरे लक्ष्य के तहत 90 फीसदी प्रसव प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा करने पर जोर दिया गया है।

तीसरे लक्ष्य में प्रसव के उपरांत 80 फीसदी माताओं को प्रसव उपरांत देखभाल प्रदान कराने एवं चौथे लक्ष्य में 60 फीसदी आबादी तक आपातकालीन प्रसूता देखभाल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गयी है. वहीं पांचवें लक्ष्य में 65 फीसदी महिलाओं द्वारा अपने प्रजनन स्वास्थ्य को लेकर निर्णय लेने की आजादी पर बल दिया गया है।

पुरुषों की भूमिका सबसे जरुरी

बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को दरकिनार नहीं किया जा सकता है. लेकिन इसमें पुरुषों की भूमिका एवं भागीदारी भी उतनी ही जरुरी है। अभी भी सामन्यता परिवार में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का निर्णय पुरुषों के ही हाथ है। प्रसव से लेकर शिशु देखभाल के लिए जरुरी स्वास्थ्य सेवाओं को मुहैया कराना पुरुषों की जिम्मेदारी होती है। ऐसी स्थिति में यह जरुरी है कि पुरुष सुरक्षित मातृत्व के विषय में जागरूक एवं संवेनशील हों। पुरुषों की जागरूकता मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम

सिविल सर्जन सुनील कुमार झा ने बताया आशा एवं एएनएम स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रथम एवं महत्वपूर्ण ईकाई होती है. स्वास्थ्य कार्यक्रमों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन से लेकर लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका अदा करती है। मातृ एवं शिशु मृत्यु में कमी लाने के लिए ये दिन-रात कार्य कर रही हैं। कोविड के दौर में भी जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सामान्य एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल रही है। सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए लेबर रूम में जरुरी एहतियात बरते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अभी तक कोविड का टीका नहीं लिया है, वह जरुर टीका ले लें। कोरोना को हराने के लिए मास्क का इस्तेमाल एवं टीका दोनों कारगर हथियार हैं।

सुमित कुमार की रिपोर्ट

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