8 नवंबर : मधुबनी की प्रमुख ख़बरें

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नो एंट्री को लेकर नगर पंचायत हुआ सख्त, काटे कई वाहनों के चालान

मधुबनी :जिला इन दिनों जाम की समस्या से जूझ रहा है। इसी बीच जयनगर नगर पंचायत प्रभावी रूप से सक्रिय होकर शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने में तत्पर है। इसी बीच कुछ दिनों पहले शहर में नो एंट्री जोन बनाये गए थे। और अब सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में कुछ वाहन इस नियम को ताक पर रख शहर में नो एंट्री जोन में आ गए। तत्परता दिखाते हुये नगर पंचायत कर्मियों ने उनका चालान काट दिया और हिदायत दी कि आगे अगर नियमों का उल्लंघन किया तो वाहन जब्त हो सकते हैं । फिलहाल जो भी हो पर शहर जाममुक्त होने की दिशा में बढ़ चुका है और शहरवासियों में इस बात की खुशी भी है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा जयनगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, अंचल परिषद,जयनगर द्वारा जयनगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन। इस विशाल धरना में का० रामनरेश पांडेय (सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं पूर्व विधायक), का० मिथिलेश झा (जिलामंत्री, भाकपा, मधुबनी), का० जामुन पासवान (सचिव मंडल सदस्य, भाकपा, मधुबनी), का० रामचंद्र पसवान (कार्यकारी अंचल मंत्री,जयनगर), का० किरनेश कुमार (प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाकपा,जयनगर), का० वकील बैठा (शाखा मंत्री, भाकपा, जयनगर), का० महेंद्र साह (शाखा मंत्री, कोरहिया), का० सत्यनारायण यादव (शाखा मंत्री, बरही), का० दिलीप बनरेत (शाखा मंत्री, उसराहि), एवं अन्य वक्ताओं ने धरने को संबोधित किया।

निम्न मांगों को लेकर :-
. जयनगर प्रखंड के सभी बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा मिले।
. भूमिहीनों को 10 डेसीमल जमीन रहने को दिया जाए।
. पर्चाधारी को कब्ज़ा दिलाया जाए एवं वर्षों से बसे गरीबों को पर्चा निर्गत किया जाए।
. प्रखंड क्षेत्र में बढ़ते अपराधियों ओर आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
. मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितता की जांच कर करवाई सुनिश्चित की जाए।
. जन-वितरण प्रणाली, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य सभी जन कल्याणकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार ओर अनियमितता की जांच कर
करवाई सुनिश्चित की जाए।
. जो गरीब छूट गए हैं उनको राशनकार्ड एवं वृद्धापेंशन दिया जाए।
. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को भी पेंशन लागू कर दिया जाए।
. लगान वसूली में व्यापत भ्रस्टाचार एवं अनियमितता को दूर एवं करवाई हो साथ ही अप्रत्याशित वृद्धि को भी वापस लिया जाए।
. बाढ़, सुखाड़ एवं बिजली संकट से निदान के लिए बहुउद्देश्यीय हाई डैम का शीघ्र निर्माण हो एवं कमला नहर प्रणाली को भी सुधार कर ठीक किया जाए।
. किसानो के कर्ज माफ हो एवं डी० बंधोपाध्याय की सिफारिश जल्द लागू किया जाए। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने इस विशाल
धरना में भाग लिया।

दिव्यांग प्रमाणिकता शिविर हुआ संपन्न, कई दिव्यांगों की जांच कर दिए गए उपकरण

मधुबनी : जयनगर अनुमंडल में आयोजित एकदिवसीय दिव्यांग प्रमाणिकता शिविर में संजीवनी टीम की ओर से उनकी विशेष बस जिसमें परीक्षण किया जाता है, वो भी उपलब्ध रहे। शिविर में जयनगर, मधुबनी और जयनगर प्रखंड के बुनियादी केंद्र के कर्मचारी एवं अन्य डॉक्टरों ने इसमें अपना सहयोग दिया।
इस शिविर में करीब 100 दिव्यांगों की जांच की गई। जांचोपरांत कई दिव्यांगों को मौके पर जरूरी के उपकरण जैसे tricycle, hearing aid एवं अन्य कई उपकरण भी मुहैया कराए गए।
इस मौके पर जानकारी देते हुए जयनगर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी चंद्रकांता देवी ने बताया कि आज जयनगर अनुमंडल में डॉक्टरों, बुनियादी केंद्र, मधुबनी से आये स्वास्थ विभाग के कई डॉक्टर और कर्मियों के सहयोग से यह शिविर आज किया जा रहा है। इस शिविर में संजीवनी की एक टीम और उनकी बस भी आई हुई है, जिसमें जांच के कई उपकरण हैं।

विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक का आयोजन

डाॅ० शिवाजी कुमार, राज्य निःशक्तता आयुक्त बिहार की अध्यक्षता में गुरूवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में दुर्गानंद झा, अपर समाहर्ता मधुबनी, मिथिलेश मिश्र, सिविल सर्जन, मधुबनी, रेणु कुमारी, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, मधुबनी, पूनम कुमारी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, मधुबनी एवं अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

इस बैठक में राज्य निःशक्तता आयुक्त, बिहार के द्वारा बताया गया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम,2019 के अंतर्गत विनिर्दिष्ट दिव्यांगत 21 तरह के होते है। जिसमें चलंत संबंधी दिव्यांगता, मांसपेशीय दुर्विकास, ठीक किया हुआ कुष्ठ, प्रमस्तिष्क घात, बौनापन, अम्ल हमले की पीड़ित, कम दृष्टि, दृष्टिहीनता, श्रवण क्षति, सुनने में कठिनाई, वाक एवं भाषा का दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट शिक्षण दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, मानसिक रूग्णता, क्रोनिक स्त्रायविक स्थिति बहुल काठिन्य, पार्किन्सन रोग, हीमोफीलिया, थैलेसेमिया तथा स्किल सेल रोग है।

उन्होंने बताया कि भवन निर्माण तथा संबंधित विभाग के निर्माण निगम के द्वारा कार्यालयों का निर्माण इस प्रकार से किया जाये, जिससे कि दिव्यांगजनों को कार्यालय में प्रवेश करने में कोई परेशानी नहीं हो। विभागीय निर्देश के अनुसार किसी भी निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मियों में 05 प्रतिशत दिव्यांगजनों का चयन किया जाना है। साथ ही उच्च स्तरीय शिक्षा यथा बी०एड०,एम०एड० तथा मेडिकल इत्यादि में भी दिव्यांगजनों के लिए 05 प्रतिशत का लाभ दिया जाना है।

उन्होंने श्रम संसाधन विभाग को एक माह के अंदर दिव्यांगजन मजदूरों की पहचान कर उन्हें विभाग से परिचय पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़े(लाभार्थियों) की सूची बनाये। ताकि यह पता चल सकें कि किस दिव्यांजन को उनके विभाग के द्वारा कौन-कौन से लाभ दिये गये है। साथ ही राज्य सरकार/केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किसी भी योजना एवं विकास कार्यक्रमों में 05 प्रतिशत दिव्यांगजनों को लाभ दिया जाना है। दिनांक 14.11.2019 को फुलपरास एवं 15.11.2019 को बेनीपट्टी में अनुमंडल में मोबाईल कोर्ट का आयोजन किया जायेगा। जहां ऑन स्पाॅट प्राथमिकी दर्ज की जायेगी तथा त्वरित गति से मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी।

सभी दिव्यांगजन काॅमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राषि जमा और निकासी कर सकते है, ऐसी व्यवस्था की जा रही है। जिससे कि दिव्यांजनों को बैंकों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। राज्य निःशक्तता आयुक्त, बिहार के द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी को निर्देश दिया गया कि सारथी योजना के तहत कितने दिव्यांजनों को ड्राईविंग लाईसेंस निर्गत किया गया है, इसकी सूची उपलब्ध करायें।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर एकदिवसीय कार्यक्रम

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत वार्षिक कार्य योजना के अंतर्गत मधुबनी जिला में जिला स्तरीय एक दिवसीय सेमिनार का शीर्षत कपिल अशोक जिला पदाधिकारी मधुबनी के द्वारा गुरुवार को दीप प्रज्वलित कर नगर भवन, मधुबनी में उद्धघाटन किया गया।
इस कार्यक्रम में पेंटिंग प्रतियोगिता में देवांशी, आकृति अरविन्द, जेहरा रेहान, आयुषी कश्यप, रंगोली प्रतियोगिता में आयुशी प्रिया, सुरुचि , मुस्कान भाषण प्रतियोगिता में वैष्णवी चौधरी, ऋतु भंडारी, प्रत्यक्षा झा, मेहँदी प्रतियोगिता में निशा कुमारी, जाकिया यास्मिन, राज नंदनी, तथा हेल्थी बेबी शो में 22 चयनित बेबी एवं उनकी माताओं को जिला पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा पौधा एवं झूला भेंट कर पुरस्कृत किया गया।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि समाज का उत्थान बराबरी में है। जब तक बेटियां जागृत नहीं एवं आत्मविश्वासी नहीं होगी, तब तक पूर्णरूप से समाज का विकास नहीं हो पायेगा। उन्होंने बढ़ते लिंगानुपात को देख दृढ संकल्पित होकर इसे कम करने पर बल दिया। साथ ही बालिकाओं को शिक्षित करने, बालिकाओं को सामान अवसर प्रदान आदि पर सबको मिलजुल कर प्रयास करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि अब बेटियां बेटों से किसी क्षेत्र में कम नही है, बल्कि विभिन्न परीक्षाओं में बालिकाएं ही टॉपर हो रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक,मधुबनी ने कहा कि आज बेटियां किसी क्षेत्र में कमजोर नही है। उन्होंने जिले महिलाओं एवं बच्चियों को आश्वस्त किया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में पुलिस का सहयोग अवश्य लें। पुलिस उनकी सुरक्षा को हमेशा तत्पर रहेगी। साथ ही यह भी कहा कि किसी के बहकावे में झूठी शिकायतें करने से भी परहेज करें।

राज्य दिव्यांग आयुक्त की बैठक

मधुबनी : जिले में प्रथम बैठक बाबूबरही प्रखंड के किसान भवन में राज्य निशक्तता आयुक्त शिवाजी कुमार सर की अध्यक्षता में और प्रखंड विकास पदाधिकारी के संचालन में दिव्यंजन समूह एवं पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। जिसमें आयुक्त महोदय ने बताया कि सरकार दिव्यांग जन के उन्नयन एवं उन्मुखीकरण के लिए काफी गंभीर है। साथ ही उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन को सरकार द्वारा प्रदत्त सारा लाभ एवं सुविधा मिले इसको सुनिश्चित करना हम सभी की जवाबदेही है।
उन्होंने कहा कि हर 15 दिन पर पंचायत में दिव्यांगजन बैठक एवं हर माह प्रखंड में बैठक करना अनिवार्य है। इस बैठक की जवाबदेही पंचायत सचिव की है।
दूसरी बैठक जिला समाहरणालय के सभागार में जिला के विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों के संग एक समीक्षा बैठक किये। इस बैठक में जिला के सभो दिव्यांग जो 18 वर्ष से अधिक के दिव्यांगजन एवं 18 वर्ष से कम उम्र के दिव्यंजन के लिए अलग अलग योजनाओ में लाभ दिलाने को लेकर गंभीरता से विमर्श किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिव्यांगजन सुविधा के इंडेक्स के मामले में बिहार देश में इस वर्ष शीर्ष स्थान पर आया है।

आयुक्त  ने कहा कि यदि कोई दिव्यांगजन टॉल फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज करते हैं तो संबंधित विभाग पर नियमानुकूल कार्रवाई होगी।
तीसरी बैठक जिला समाहरणालय के सभागार में जिला के विभिन्न बैंक के प्रतिनिधि के साथ बैठक की गई। इस बैठक में जिला के अग्रणी बैंक सहित सभी प्रमुख बैंको के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।

इस बैठक में आयुक्त ने कहा कि हर परिस्थिति में सभी दिव्यांग का खाता खुलना सुनिश्चित होना चाहिए। यदि आयुक्त कार्यालय को शिकायत मिला और जांचोपरांत आरोप सत्य पाया गया तो दोषी शाखा प्रबंधक को 6 महीने की सजा भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन पेंशन योजना का लाभ राशि दिव्यांग के अकॉउंट पर निर्गत होगा। इसलिए बैंको की भूमिका काफी अहम है।

तीसरा बैठक सदर अस्पताल के सभागार में जिला के सभी PHC प्रभारी एवं क्लर्क की बैठक हुई। बैठक का उद्देश्य सभी दिव्यांगजन का CSC सेंटर पर UDID बनना है। इसके लिए सभी दिव्यंजन का दिव्यांगता प्रमाण पत्र हर हाल में बन जाना चाहिए। सभी PHC में सभी कार्य दिवस के दिन दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनेगा। दिव्यांगजन का पासपोर्ट साइज फोटो ही लेना है और आधार कार्ड या फिर राशन कार्ड या फिर कोई भी प्रूफ। एक दिव्यांग जितनी बार चाहे अप्लाई कर सकता है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र जिले के किसी भी PHC में दिव्यांग बनवा सकता है। इसके लिए किसी भी परिसीमन की कोई बाध्यता नही है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक की भूमिका सबसे अधिक है दिव्यांग जन को उचित लाभ दिलवाने में। इसलिए जरूरी है स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग दिव्यांगों के प्रति मानवीय संवेदना रखें। दिव्यांगों को सम्मान देना और समानता का अधिकार देना बेहद जरूरी है।

पांचवा बैठक वाटसन स्कूल के शिक्षक सभागार में हुआ। जिसमें सभी प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, संकुल शिक्षक, संसाधन पदाधिकारी आदि के साथ वाटसन स्कूल के शिक्षक सभागार में बिहार सरकार के निःशक्तता आयुक्त शिवाजी कुमार के अध्यक्षता में एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी के संचालन में एक बैठक की गई जिसमें वैसे बच्चे जो दिव्यांगता के 21 श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं उन्हें राज्य सरकार एवसम केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त लाभ मिले, इस बात को सुनिश्चित किया गया। साथ ही दिनांक 14 नवम्बर को फुलपरास एवं 15 नवम्बर को बेनीपट्टी में लोक अदालत को सफल बनाने के लिए संकल्पित होकर काम करने के लिए सभी आंगतुक से अपील किया गया।

जानलेवा हमले में तीन को दस वर्ष की सजा

मधुबनी : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओम सागर की अदालत ने बुधवार को जानलेवा हमले के एक मामले में दोषी करार दिये गये विमल सिंह, सोनू सिंह एवं छोटू सिंह को दस-दस वर्ष की कारावास की सजा सुनायी है। तीनों को सात-सात हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर सभी को तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

अरेर थाना के ब्रह्मपुरा गांव निवासी विमल सिंह, सोनू सिंह एवं छोटू सिंह को कोर्ट ने दोपहर बाद सजा सुनायी। इस सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील धर्मेश कुमार एवं मिश्री लाल यादव ने बहस की। सरकारी वकील ने दोषी बाप बेटों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। सजायाफ्ताओं पर ग्रामीण शैलेन्द्र कुमार की बुरी तरह पिटाई कर जख्मी करने का आरोप था। घटना दो सितम्बर 2009 की है।
इस घटना को लेकर बंदना कुमारी ने अरेर थाना में मामला दर्ज कराया था। इससे पूर्व बीते 24 अक्टूबर को कोर्ट ने मामले में अंतिम सुनाई के बाद तीनों को दोषी करार देते हुए सजा पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अभियोजन पक्ष ने अभिलेख पर तीनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य होने की दलील दी थी।

सुमित राउत

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