6 अगस्त : मधुबनी की मुख्य ख़बरें

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जिले में डेढ़ हजार हुए कोरोना संक्रमण के मामले

मधुबनी : जिले में कोरोना वायरस संक्रमण का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मधुबनी जिले में कोरोना संक्रमण के 90 नए मामले के साथ ही अब कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या डेढ़ हजार को भी पार कर गया है।

सूबे के स्वास्थ्य विभाग ने द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण के 90 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़कर 1,501 हो गई है। हालांकि इनमें से अब तक 888 संक्रमित व्यक्ति कोरोना वायरस से जंग जीतकर पूरी तरह स्वस्थ भी हो चुके हैं। हालांकि अभी भी जिले में कोरोना वायरस ये संक्रमित एक्टिव केस की संख्या 610 है। जिले में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से एक शिक्षक समेत तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है, कि जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से कोई वर्ग अछूता नहीं रहा है। प्रशासन एवं पुलिस के आला अधिकारी, जेल अधिकारी, चिकित्सक, सांसद, विधान पार्षद, चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, सिपाही, जेल कर्मी, प्रशासनिक कर्मी, व्यापारी, समाजसेवी, दवा व्यवसायी से लेकर आम सर्वहरा वर्ग के लोग भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हो चुके हैं। हालांकि इनमें से अधिकाशं कोरोना वायरस को मात देकर पूरी तरह स्वस्थ भी हो चुके हैं। जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामले से जिलेवासी एवं जिला प्रशासन, स्वास्थ्य महकमा की चिताएं बढ़ी हुई है।

झांसा देकर खाते से उड़ाए लाखों रुपए, प्राथमिकी

मधुबनी : साइबर अपराधियों ने एक बैंक ग्राहक को झांसे दे कर दो लाख रुपए का चूना लगा दिया। इस घटना के संबंध में कल्पना कुमारी झा ने नगर थाना, मधुबनी में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। कल्पना कुमारी झा वर्तमान में स्थानीय तिरहुत कॉलोनी में रह रहीं हैं।

दर्ज हुए प्राथमिकी में उन्होंने कहा है कि गंगासागर चौक स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में उनका खाता है, जो मोबाइल नंबर उनके बैंक खाता में रजिस्टर्ड है। उस मोबाइल नंबर पर बीते 31 जुलाई को ही एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से बोल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आपको अपना एटीएम कार्ड चालू रखने के लिए वेरिफिकेशन कराना होगा, और इसके लिए कार्ड का नंबर एवं ओटीपी बताना होगा।
जब उन्होंने उनसे कहा कि अभी तो एटीएम कार्ड की वैलिडिटी कई वर्षो तक है, इस पर उन्होंने कहा कि वेरिफकेशन नहीं कराने पर आपका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो जाएगा, जिस कारण वह उसके झांसे में आ गई।

इसके बाद 31 जुलाई को ही 49 हजार 998 रुपये करके दो बार उनके खाते से राशि की निकासी कर ली गई। फिर एक अगस्त को भी फोन कर कहा कि कुछ टेक्निकल फॉल्ट के कारण कार्ड का वेरिफिकेशन नहीं हो सका, पुन: ओटीपी बताएं। इस तरह एक अगस्त को भी 49 हजार 998 रुपये करके दो बाद उनके खाते से राशि निकासी कर लिया। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

विभिन्न कांडों की डीएसपी ने की समीक्षा, मास्क नहीं पहनने पर होगी करवाई

मधुबनी : जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के कार्यालय में अपराध नियंत्रण को लेकर डीएसपी अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में अनुमंडल प्रक्षेत्र के थानाध्यक्षों की बैठक हुई।

इसमें अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों के निष्पादन, वैश्विक कोरोना महामारी को लेकर हर व्यक्ति को मास्क लगाने के लिए जागरूक करने, मास्क नहीं पहनने वालों को जुर्माना करने, चोरी-छिपे शराब बिक्री करने वाले को गिरफ्तार कर जेल भेजने, वाहन चेकिग व सर्च अभियान चलाने, अपराधी प्रवृति के लोगों के इतिहास को खंगालने, असमाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने सहित कई बिदुओं पर चर्चा की गई।

इस बैठक में डीएसपी ने कहा कि सभी थानाध्यक्षों को वैश्विक कोरोना महामारी को लेकर हर व्यक्ति को मास्क पहनने को लेकर जागरूक करने व अनावश्यक रूप से घर से नहीं निकलने की हिदायत दी गई है।

लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अपराध नियंत्रण व विधि व्यवस्था, शांति बनाए रखने और लंबित कांडो को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन करने, विभिन्न कांडों के वारंटी व फरार अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दिया गया है।

इस अवसर पर पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार, पुनि सह थानाध्यक्ष महेन्द्र कुमार सिंह, रंजीत कुमार सिंह, बिस्फी के थानाध्यक्ष उमेश पासवान, हरलाखी के अशोक कुमार सहित सभी थानाध्यक्ष मौजूद थे।

कोरोना काल में हर्बल साबुन से दूर हो रही बेरोजगारी, मजदूरों को मिल रहा काम

मधुबनी : कोरोना संकट के दौर में राज्य के बुनकरों एवं देश के कोने-कोने से लौटे मजदूरों के लिए खादी वस्त्र एवं हर्बल साबुन का व्यवसाय संजीवनी साबित हुआ है। आर्थिक संकट से जूझ रहे बुनकरों, कारीगरों एवं मजदूरों को इससे रोजगार का अवसर प्राप्त हो रहा है। इससे न केवल उनकी बेरोजगारी दूर हो रही है बल्कि अच्छी आय भी हो रही है।

मधुबनी स्थित भगवानपुर खादी-ग्रामोद्योग सहयोग समिति के सचिव मुश्ताक अंसारी का कहना है कि पहले सामान्य साबुन ही खादी ग्रामोद्योग द्वारा उत्पादित किए जा रहे थे, लेकिन अब हर्बल साबुन में नये अवसर दिख रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकता एवं चेन्नई जैसे बड़े शहरों के अलावा केरल में हर्बल साबुन की माग अधिक है।

मिल रही अच्छी कीमत हर्बल साबुन की कीमत भी अच्छी मिल रही है। खादी-ग्रामोद्योग समितियों के बनाये साबुन की कीमत सामान्यत: 20 से 40 रुपये प्रति पीस है, लेकिन हर्बल साबुन की कीमत 100 से 150 रुपये तक है। हर्बल साबुन के उत्पादन में प्राय: स्थानीय उत्पादों को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय स्तर पर तैयार किया जाता अर्क स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल से हर्बल साबुन की गुणवत्ता बढ़ जाती है।

खासकर गुलाब का अर्क स्थानीय स्तर पर ही तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा गेंदा, सूरजमुखी, कचनार, चमेली आदि के अर्क तैयार कर साबुन तैयार किए जा रहे हैं। चंदन एवं घृतकुमारी से भी हर्बल साबुन तैयार किया जा रहा है। खादी की संस्थाएं दे रहीं सबसे बड़ा बाजार संस्था की ओर से वर्तमान में 250 बुनकर, कारीगर एवं मजदूर रोजगार पा रहे हैं।

प्रतिदिन यहां पर लगभग 2000 से अधिक साबुन तैयार किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा बाजार देशभर में फैली खादी की संस्थाएं हैं। उन संस्थाओं के माध्यम से लोगों तक उत्पाद पहुंचाया जा रहा है।

खादी मॉल के ऑनलाइन पोर्टल पर हो रही बिक्री हर्बल साबुन की बिक्री खादी मॉल के ऑनलाइन पोर्टल पर भी हो रही है। मॉल के ई-कॉमर्स पोर्टल के माध्यम से देश एवं विदेशों में भी हर्बल साबुन की आपूर्ति की जा रही है। बिहार प्रदेश सरकार का उद्योग विभाग कई योजनाओं के माध्यम से राज्य के बुनकरों का प्रोत्साहित कर रहा है।

स्वास्थ कर्मी व पुलिस कर्मी, एक-एक कर हो रहे कोरोना संक्रमित

मधुबनी : जयनगर में अब कोरोना वायरस की चओएत में आम आदमी के बाद अब स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों को भी अपने चपेट में लेना प्रारंभ कर दिया है।

कोरोना संक्रमण का फैलाव ग्रामीण इलाकों में होने से सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। बुधवार तक अनुमंडल अस्पताल में हुई जांच में 56 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिसमें से चार मरीज को नर्सिंग स्कूल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, जबकि 50 संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया गया है। दो स्वास्थ्य कर्मी एवं दो आशा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

वहीं, जयनगर थाना के दो कर्मी एवं दो एसएसबी जवान भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में शिलानाथ, गोबारहि, पिपरा टोल में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के मिलने से लोगों में भय का माहौल है। जयनगर बस्ती के राजपूताना एवं बाबा पोखरा पर भी कोरोना संक्रमित मरीज मिलने की खबर है।

अनुमंडल मुख्यालय के कमला रोड, यूनियन टोल, चित्रगुप्त कॉलोनी, पुराना बिजली ऑफिस मुहल्ले, मुकरी टोल, भेलवा टोल समेत अन्य मुहल्ले में कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं।

अनुमंडल मुख्यालय में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण शहर के अधिकांश मुहल्लों को सील कर दिया गया है। ब्लॉक रोड में दवा दुकान को भी खोले जाने से मना कर दिया गया है। अधिकांश मुहल्ले को बांस-बल्ले से बैरिकेडिग कर सील कर दिया गया है।

सब्जी मंडी, अवैध रूप से लग रहे मीट बाजार, मछली बाजार में लॉकडाउन का अनुपालन नहीं हो रहा है। अनुमंडल प्रशासन द्वारा सब्जी मंडी को सील कर मुख्य सड़क पर सब्जी दुकान लगाए जाने की अनुमति दी गई है। लेकिन, सब्जी मंडी में इतनी भीड़ जमा हो जाती की जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यहां फिजिकल डिस्टेंसिग का पालन नहीं हो रहा है।

बुधवार से सभी दुकानों को खोले जाने की अनुमति से संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बता दें कि अनुमंडल प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो को मंगलवार को यह जानकारी दी गई, कि बुधवार से पालियों में सभी प्रकार की दुकानें खुलेगी। बुधवार को बाजार में कपड़े समेत अन्य दुकानें भी खुली, जिस कारण बाजारों में चहल पहल अधिक देखने को मिला।

अनुमंडल प्रशासन ने दो पालियों में सभी प्रकार की दुकानें खोलने की अनुमति दी है। वहीं, रविवार एवं सोमवार को सिर्फ सब्जी समेत आवश्यक वस्तुओं की ही दुकानें खुलेगी।

हैहयवंशीय कसेरा सामज के लोगों में दिखा गजब का उत्साह, मनाई दीवाली

मधुबनी : श्रीराम मंदिर की निर्माण को ले भूमि पूजन से मधुबनी जिले के जयनगर शहर के लोगों में गजब का उत्साह देखा गया। लोगों ने सुबह से ही पूजा-अर्चना की।

हैहैवंशीय क्षत्रिय कसेरा समाज के लोगों ने वाटरवेज चौक इस्तिथ महावीर मंदिर परिसर में दिन-भर भजन कीर्तन हुआ।संध्या में परिसर में जाकर लोगों ने दीप जलाकर श्रद्धा निवेदित की। पूरे मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। लोगों ने साथ-ही-साथ अपने-अपने घरों में ही दीपावली की तरह दीप जलाया। वहीं, युवाओं ने फटाके फोड़ कर खुशियाँ मनाई। श्रीराम नाम से पुरे शहर गुंजयमान हो रहे थे। मंदिर के महंथ ने कहा यह दिन ऐतिहासिक है, करीब पांच सौ साल के लंबे इंतजार के बाद यह दिन आया है। हमलोगों को ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे भगवान वनवास से वापस आए हो। हमलोग धन्य हो गये, ओर यह दिन हमेशा यादगार बना रहेगा।

मछली मारने को लेकर हुई विवाद मे युवक की हत्या

मधुबनी : नगर थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन के समीप मछ्ली मारने को लेकर पिंटु पाण्डेय नामक युवक की हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। आक्रोशित लोगों ने आरोपी युवक के दुकान में तोड़ फोड़ की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने दरभंगा-मधुबनी मुख्य सड़क पर शव रख कर जाम कर दिया है।

हालात को काबु में करने को लेकर सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, नगर थाना प्रभारी अरूण कुमार राय सदर डीएसपी कामनीवाला एवं कई थानों की पुलिस के साथ घटनास्थल पर कैम्प कर रही है।

आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया की घटनास्थल पर हमेशा असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं खबर लिखे जाने तक मृतक के परिजनों क़े द्वारा पुलिस को बयान देकर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही थी।

मुख्य पार्षद ने की बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

मधुबनी : जिले के जयनगर नगर पंचायत कार्यालय सभागार में बुधवार को बोर्ड की साधारण बैठक मुख्य पार्षद कैलाश पासवान के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पूर्व की बैठक में लिए गए ऐजेंडो पर सहमति प्रदान करते हुए नगर पंचायत क्षेत्रों में विकास कार्यों में गति लाने के लिए कई नये ऐजेंडो पर बैठक में उपस्थित वार्ड पार्षदों ने अपनी सहमति दी।

जिसमें नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर एक से 14 तक में जल जमाव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए पम्प सेट के माध्यम से जल निकासी करने, हाथ ठेला, छोटा हाईबा एवं ट्रेक्टर में लगे जेसीबी सेट की खरीदारी, नगर पंचायत कार्यालय के पूर्व में खाली जमीन पर मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर उपरी तल पर कार्यपालक पदाधिकारी एवं प्रधान लिपिक के रहने के लिए आवासी क्वार्टर का निर्माण करने, किसान भवन के पूर्वी भाग में किचन शेड का निर्माण करने, मुख्यमंत्री जल नल योजना के तहत वार्ड नंबर दस एवं 14 में बोर्ड की प्रत्याशा में बनाए जा रहे निर्माणाधीन टावर बनाने पर सहमति प्रदान की गई।

बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी अमीत कुमार, वार्ड पार्षद मोहन कुमार राय, श्रीमती रुपा देवी, इंद्र देव साह, शिवजी पासवान, विनोद शर्मा, गीता देवी, गोविंद मंडल, राधा देवी, मंगली देवी, गणेश पासवान, प्रधान लिपिक मोहन कुमार समेत अन्य मौजूद थे।

राम मंदिर भूमि पूजन को ले विभिन्न मंदिरों में हुआ कार्यक्रम, भक्ति मय हुआ माहौल

मधुबनी : सैकडों भक्त श्रद्धालुओ ने मंदिर परिसरों में जलाए घी के दिये, घरों पर विभिन्न रंगों से बनी रंगोली व दीप प्रज्वलित कर मनाई खुशियां, मिठाई बाँट कर एक दूसरे को राम मंदिर के लिए हुए भूमि पूजन की दी शुभकामना।

मधुबनी जिले के हरलाखी में अयोध्या नगरी में 500वर्षो के बाद हिंदुओ के आस्था व विश्वास के प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के मंदिर की भूमि पूजन को लेकर पूरे प्रखंड क्षेत्र में गजब का उत्साह देखा गया. लोग सुबह से ही विभिन्न मठ, मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना करते देखे गए,तो वंही मंदिरों में चल रहे राम धुन से माहौल भक्तिमय बना रहा.क्षेत्र के फुलहर,कलना विशौल,गंगौर,सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सभी मंदिरों में शाम होते ही घी के दिये जलाए गए, तो वंही लोगों ने अपने घरों पर दीप जला इस ऐतिहासिक दिन को दिपावली के रुप में मनाया.इस दौरान दीप पूजनोत्सव को लेकर बच्चों में भी गजब का उत्साह देखा गया. कई जगहों पर बनाए गए रंगोली, तो कई जगहों पर पटाखे फोड़ लिए गए दीपावली जैसी आनंद.कई जगहों पर भंडारे का भी आयोजन किया गया.पूरे प्रखंड क्षेत्र का माहौल सीताराम की धुण से गुंजयमान हो रही थी. हो भी क्यों नहीं. चुंकी मिथिला के पाहुन भगवान राम का संबंध हरलाखी की धरती से जुड़ी हुईं हैं.यहाँ की कई धर्मस्थलों भगवान के आने का गवाह बनी हुई है इसका जिक्र रामायण में भी हैं की राजा जनक के धनुष यज्ञ में भाग लेने गुरु विश्वामित्र के साथ भगवान राम और लखन आए हुए थे, जहां राजा जनक ने भगवान को विशौल गांव के सुन्दर सदन में विश्राम कराए थे. जो अब विश्वामित्र आश्रम के नाम से विख्यात हैं. कहा गया है की अपने गुरु की पुजा के लिए भगवान राम इसी आश्रम से करीब 15 किलोमीटर दुर फुलहर गांव फुल चुंनने को गये हुए थे, जहां माता गिरिजा की पुजा करने को आए माता सीता का भगवान राम से पहला मिलन यहीं बाग तराग में हुई थी.

“”सुमन पाय मुनी पुजा किन्हीं, पुनि आशिश दोउ भाइन दिन्ही”

सुफल मनोरथ होय तुम्हारे, राम लखन सुनभय सुखारे

कलना राम जानकी मंदिर के महंथ राम भूषन ( निर्मोही) बताते हैं कि भगवान धनुष यज्ञ में जाने से पहले कल्यानेश्वर महादेव की पुजा अर्चना की जहां भगवान राम लखन को महादेव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था.इसी से हरलाखी के कई धर्मस्थलों का नाता भगवान से जुड़ी हुई है.

राम मंदिर भूमि पूजन : दीपोत्सव भजन कीर्तन एवं प्रसाद का किया वितरण

मधुबनी : अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के शुभ अवसर पर भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल के कार्यकर्ताओं के द्वारा नगर अध्यक्ष सुबोध कुमार चौधरी और नगर उपाध्यक्ष बद्री कुमार राय की अध्यक्षता में दीपोत्सव भजन कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम राम जानकी मंदिर वार्ड नंबर-02 मे संध्या 7:00 बजे किया गया।

कल इस अवसर पर नगर मंडल के कार्यकर्ताओं ने नगर में भगवा कलर का झंडा लगाया, एवं पूरे नगर में लोग अपने-अपने घर के आगे कम से कम 5 दिए जलाएं। क्योंकि 500 साल का जो हमारा सपना था, इसकी खुशी में ये सब कार्य किया गया।

राम मंदिर का निर्माण प्रक्रिया को हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सरकार के नेतृत्व में माननीय सुप्रीम न्यायालय ने बहुत ही बेहतर तरीके से सुलझाया गया। जिस कारण भूमिपूजन के अवसर पर पूरे देश में खुशी की लहर है।

कोविड-19 के कारण अयोध्या हम लोग नहीं पहुंच सके, उसका तो दुख है। लेकिन हम लोग जहां भी हैं, वहां एक अजब उत्साह है। बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा है, उसे शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता। चुकी इसके लिए हमारे पूर्वजों ने 500 साल तक लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम आज हर भारतीयों के लिए बहुत ही सुखद है।

इस कार्यक्रम में नगर मंत्री कुणाल कुमार, नगर कोषाध्यक्ष मनीष कुमार, किसान मोर्चा अध्यक्ष गगन कुमार, नगर उपाध्यक्ष सक्सेना सिंह, नगर मंत्री विकास आनंद, विष्णु कुमार, मनीष कुमार, पवन कुमार, रामानंद कुमार, पिंटू कुमार, पिंटू पटवा, जितु कुमार, स्वर्णिम गुप्ता एवं अन्य दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

बरसात में संक्रमण का खतरा ज्यादा, गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी

मधुबनी : गर्भावस्था में एक महिला की जिम्मेदारी दोहरी हो जाती है। सेहत का ख्याल सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु का भी रखना पड़ता है। इसलिए खानपान से लेकर रहन-सहन तक में संयम बरतना जरूरी होता है। अभी बरसात का मौसम है। इस समय हर तरफ नमी के कारण बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। कई तरह की संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है, जो महिला और उसके शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। खानपान के अलावा पीने के पानी की शुद्धता के मामले में ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है।

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं :

डीएमसीएच के वरीय चिकित्सक डॉ० प्रमोद कुमार ने बताया कि पीने के पानी की स्वच्छता के मामले में यदि कोई असावधानी होती है, तो कई तरह के रोग शरीर को घेरने में देर नहीं लगाते। ज्यादातर चिकित्सकों का भी यही कहना है कि गर्भवती महिलाओं को स्वच्छ पानी ही पीना चाहिए। मानसून में दूषित जल से कई बीमारियों का खतरा होता है। इसलिए हमेशा पानी को अच्छी तरह से उबाल कर , ठंडा कर ही पिएं । गर्भावस्था में महिलाओ को डिहाईड्रेशन यानि निर्जलीकरण की समस्या भी आम होती है। इसलिए कुछ कुछ अंतराल पर पानी पिएं।

गर्भावस्था में लें स्वच्छ और पौष्टिक आहार :

बरसात के मौसम में गर्भवती महिलाओ को अपने खानपान की स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए। खाने-पीने में की गई लापरवाही जोखिम भरा हो सकती है। इस मौसम में गर्भवती महिला को जरूरी विटामिन, खनिज, कैल्शियम, प्रोटीन और कैलोरी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। दूषित स्ट्रीट फूड से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जहां तक हो सके स्ट्रीट फ़ूड से दूर रहें। गर्भावस्था में इम्यूनिटी आमतौर पर सामान्य से कम हो जाती है, इसलिए महिलाएं बड़ी आसानी से संक्रमण का शिकार हो जाती हैं। गर्भावस्था में ताजे फल और घर का बना ताजा खाना ही खाना चाहिए।

कोरोना काल में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत :

कोरोना संक्रमण के दौर में गर्भवती महिलाओं को और भी सतर्क रहने की ज़रूरत है। इस समय घर से बाहर निकलना खतरनाक साबित ही सकता है। जरूरी काम से या चिकित्सक से मिलने बाहर जाना पड़े तो, मास्क पहनकर निकलें। लोगों से 2 गज की दूरी बनाकर रखें, खासकर अस्पताल में बीमार व्यक्तियों से दूर रहें। बारिश के गंदे पानी से इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है, इसलिए हाथ और पैरों की सफाई का भी खास ख्याल रखना चाहिए। सारे काम हाथों से शुरू होते हैं। इसलिए उसका साफ रहना बहुत जरूरी है, ताकि वह गंदगी पेट में जाकर बच्चे को नुकसान ना पहुचाएं। बाहर आने-जाने पर सेनिटैजेर भी साथ रखना चाहिए। घर की साफ-सफाई का भी ध्यान रखना जरूरी है।

आरामदायक कपड़े पहनें :

मानसून के दौरान हवा में नमी के कारण बारिश के बाद आद्रता बढ़ने लगती है, जिससे ज्यादा पसीना आता है। गर्भवती महिलाओ में ज्यादा पसीना आने से डिहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसीलिए ढीले-ढाले आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए। सिंथेटिक कपड़े पहनने से भी ज्यादा पसीना आ सकता है, इसीलिए ऐसे पहनावे से बचें। भूलकर भी नंगे पाव बाहर ना जाएं। रबड़ के जूते पहनने से फिसलने का डर होता है, इसलिए हमेशा अच्छी ग्रिप वाले चप्पल-जूते पहनने चाहिए।

फ्रंटलाइन कोविड 19 वर्कर का होगा रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट

मधुबनी : कोरोना संक्रमण के जोखिम के बीच अपना फर्ज निभा रहे लोगों (फ्रंटलाइन कोविड 19 वर्कर) की सेहत को लेकर स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में अब आईसीएमआर की गाइडलाइन के आधार पर इनकी एलिसा अाईजीजी विधि से रैपिड एंटीबॉडी जांच करने का निर्णय लिया गया है। इसमें हेल्थ केयर वर्कर, सरकारी कार्यालयों के कर्मी, बैंक कर्मी और अन्य जरूरी सेवाओं में कार्यरत कर्मी शामिल हैं। इस बाबत डॉ नवीन चंद्र प्रसाद, निदेशक प्रमुख रोग नियंत्रण लोक स्वास्थ्य पारा मेडिकल ने सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र लिखकर निर्देश दिया है।

जिले को 200 एलिसा अाईजीजी किट आवंटित:

राज्य के सभी जिलों में एलिसा अाईजीजी किट आवंटित किए गए हैं, जिसमें मधुबनी जिले को 200 किट उपलब्ध कराए गए हैं। सैंपल कलेक्शन, स्टोरेज एवं ट्रांसपोर्टेशन आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा। टेस्ट किट के लिए 2- 8 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होगी। एलिसा टेस्ट के लिए संबंधित व्यक्ति का 5 एमएल ब्लड सैंपल के लिए लिया जाएगा। एलिसा जांच के लिए मधुबनी स्वास्थ्य विभाग को (आरएमआरआई) राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट पटना से टैग किया गया है। एलिसा टेस्ट के लिए लक्षित व्यक्तियों/ संस्थाओं को चिन्हित करने का कार्य जिलाधिकारी के आदेशानुसार किया जाएगा।

क्यों जरूरी है रैपिड एंटी बॉडी टेस्ट :

शोध करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि एक नए वायरस से लड़ने के लिए सबसे ज़रूरी संक्रमण का स्तर पता लगाना होता है। जब तक वायरस का इलाज नहीं मिल जाता, तब तक आंकड़े ही दवाई की तरह काम करते हैं। इसी के आधार पर वैज्ञानिक और सरकार फैसले लेते हैं कि उन्हें किस तरह के कदम उठाने हैं, क्या छूट देनी है, कहां-कितनी रियायत देनी है। कोरोना के संक्रमण के मामले में भी ठीक ऐसा ही है। यहाँ भी किसी भी तरह का फ़ैसला लेने के लिए आंकड़ों की बहुत ज़रूरत है। सिविल सर्जन सुनील कुमार झा ने बताया कि एलिसा किट से यह स्पष्ट होगा कि किसके शरीर में संक्रमण पूर्व से हो चुका है और किस में संक्रमण होने की संभावना है। यह एक नई विधि है। जैसे ही किट उपलब्ध होगी, निर्देशानुसार जांच शुरू कर दी जाएगी।

कैसे किया जाता है एलिसा अाईजीजी टेस्ट :

इसमें मरीज की उंगली में सूई चुभोकर खून का सैंपल लिया जाता है, जिसका परिणाम भी 15 से 20 मिनट में आ जाता है। एंटीबॉडी टेस्ट को ही सेरोलॉजिकल टेस्ट कहा जाता है। यह जेनेटिक टेस्ट के मुकाबले काफी सस्ता होता है। रिवर्स-ट्रांसक्रिप्टेस रीयल-टाइम पोलीमरेज चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) यानी जेनेटिक टेस्ट में नौ घंटे में रिजल्ट मिलता है। पीसीआर टेस्ट शुरुआती दौर में संक्रमण का पता तभी लगा सकता है, जब वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी डेवलप हो चुका हो। इसलिए एंटी बॉडी टेस्ट में जो पॉजिटिव आते हैं, उनमें संक्रमण का सही से पता लगाने के लिए जेनेटिक टेस्ट यानी पीसीआर टेस्ट के लिए भेजा जाता है।

विशिष्ट आवश्यकता के आधार पर संभावित समूहों के लिए भी होगा टेस्ट :

पत्र में बताया गया है कि एलिसा टेस्ट का उपयोग डॉक्टर, नर्स एवं सहायक कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मी, फार्मासिस्ट, क्लर्क, थर्मल स्क्रीनिंग करने वाले, प्रेस रिपोर्टर, दैनिक कार्य करने वाले मजदूर, प्रवासी मजदूर, निगम कर्मचारी, एंबुलेंस ड्राइवर, बैंक कर्मी, डाक कर्मी, कूरियर स्टाफ, कैदी, टीवी मरीज, डायलिसिस मरीज की भी प्राथमिकता के आधार पर टेस्टिंग करनी है। बफर एवं कंटेंटमेंट जोन में भी जांच करने हैं।

सुमित राउत

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