28 जुलाई : मधुबनी की मुख्य ख़बरें

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पिकअप की ठोकर से एक युवक की मौत,उग्र लोगों ने किया एनएच जाम

मधुबनी : झंझारपुर अनुमंडल के भैरवस्थान थाना क्षेत्र में सोमवार की अहले सुबह विदेश्वर स्थान कट के निकट मुर्गा लदे पिकअप की ठोकर से लोहना पाठशाला गांव के एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक जख्मी हो गया।

मृतक की पहचान लोहना पाठशाला गांव के अनिल कुमार मंडल के रूप में की गई, जबकि घायल युवक ङ्क्षवदेश्वर चौधरी बताया गया है। वहीं, युवक को ठोकर मारने के बाद पिकअप भी पलट गई, लेकिन चालक व खलासी वहां से भागने में सफल रहे।

घटना की सूचना मिलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने लोहना पाठशाला गांव के निकट एन०एच०-57 को जाम कर दिया मृतक के परिजन को मुआवजे की मांग करने लगे।

जाम की सूचना पर पहुंचे अंचलाधिकारी ने शव के पोस्टमार्टम के बाद मुआवजा की अनुशंसा की बात कही, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हुई जिसमें प्रशासन आश्वासन के बाद मुआवजे से मुकर गया। इधर, जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगने लगी।

लोगों को जाम हटाते ना देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया जिस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस पर पत्थर फेंकने लगे, जिससे कई पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। बाद में आत्मरक्षा में पुलिस को तीन राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

हालांकि, पुलिस हवाई फायरिंग से इनकार कर रही है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी। बाद में एसडीएम शैलेश कुमार चौधरी व इंस्पेक्टर बीडी सिंह के अथक प्रयास के बाद करीब तीन बजे जाम हटाया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

बाढ़ की विभीषिका को नजर अंदाज कर रहा प्रशासन : डॉ० फैयाज अहमद

मधुबनी : बिस्फी से राजद विधायक सह याचिका समिति सभापति डॉ० फैयाज अहमद ने बिस्फी प्रखंड क्षेत्र की बाढ़ एवं वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया।

उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि प्रखंड क्षेत्र की जनता बाढ़ एवं वर्षा की पानी से बुरी तरह प्रभावित है। खासकर वे गरीब लोग जिनके घर पर छप्पर भी कमजोर हैं, वर्षा की बूंदों के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसी हालत में अब तक प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता उपलब्ध नहीं करवाना चिता की बात है। बिस्फी की जनता खेती एवं पशुपालन पर ही अपना जीवन भरण पोषण करते हैं।

उन्होंने कहा कि बिस्फी में बाढ़ तो आती ही रहती है लेकिन इस बार प्रशासन ने जिस तरह से भीषण बाढ़ को नजरअंदाज करते हुए बेदर्दी का रुख अपनाया ऐसा कभी नहीं हुआ।

विधायक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार,आपदा मंत्री, जिला समाहर्ता को बिस्फी प्रखंड क्षेत्र को अविलंब बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर फसल क्षति मुआवजा देने का निर्देश स्थानीय पदाधिकारीयों दें।

इस मौके पर जयजयराम यादव, नूरचक पंचायत पैक्स अध्यक्ष विष्णुदेव सिंह यादव, अरुण कुमार यादव, मो. इलियास, हीरा दास, राजीव कुमार यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।

बाढ़ में पश्चिमी क्षेत्रों के कई सड़क बहे, आवागमन ठप

मधुबनी : बेनीपट्टी प्रखंड में विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। पानी उतरने के साथ जहां बर्बादी का खौफनाक मंजर अब गांवों में दिखने लगा है। पानी कम होते ही बाढ़ से बर्बादी टूटी व क्षतिग्रस्त सड़क धराशाई व ध्वस्त फूस के घर हो या बड़े भवन का बिखरा अवशेष खेत खलिहान से लेकर बाग बगीचे में किसी बर्बाद व उजड़े हुए चमन के मंजर से कम नहीं दिख रहा है। प्रखंड के एक दर्जन गांव में तीन दर्जन सड़क टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में जगह-जगह सड़क टूटकर ध्वस्त हो जाने के कारण आवागमन को लेकर गंभीर संकट है। विनाशकारी बाढ़ के दौरान माधोपुर से फुलवरिया तक जाने वाली कई जगहों पर सड़क टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है।

विशनपुर गांव में तीन जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। उच्चैठ से समदा सोहरौल जाने वाली सड़क में आधे दर्जन जगहों पर बाढ़ ने सड़क को ध्वस्त कर दिया है। छूलकाढ़ा, भगवतीपुर विशे लडुगामा सड़क में तीन जगहों पर सड़क टूट गई है। चानपुर पश्चिम व धनुषी रजवा जाने वाली सड़क कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण आवागमन में परेशानी उत्पन्न हो रही है। बेनीपट्टी अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश रंजन ने बताया कि पानी कम होने के साथ ही बाढ़ से टूटी सभी सड़कों की मरम्मत की कार्य शुरू कर दी जाएगी।

मारपीट में घायल हुए अधेड़ की हुई मौत, तनाव

मधुबनी : राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अहमादा पछबाई टोल गांव में विगत 21 जुलाई को दो पक्षों के बीच हुई झड़प व मारपीट की घटना में जख्मी अधेड़ की रविवार को मौत हो गई।

मारपीट की उस घटना में मृतक भोगेन्द्र झा (65) के सहोदर भाई रवींद्र झा भी घायल हुए थे। भोगेन्द्र झा के मौत की खबर फैलते ही अहमादा पछबारी टोल स्थित मृतक के घर ग्रामीणों की भीड़ इकठ्ठा हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय थानाध्यक्ष अमृत कुमार साह सदलबल घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीपीओ कामिनी बाला ने भी मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना किया।

पुलिस पदाधिकारियों ने मृतक के स्वजनों को समझा-बुझा कर शव का पोस्टमार्टम कराने की कोशिश की, लेकिन मृतक के स्वजन तैयार नहीं हुए। वे मृतक के पुत्र लद्दाख में सेना में कार्यरत सुदीप झा के घर लौटने पर पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़े रहे।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस व मृतक के स्वजनों के बीच वार्ता जारी थी। डीएसपी सदर कामिनीबाला व स्थानीय थानाध्यक्ष अमृत कुमार साह ने घटना की पुष्टि की है। बता दें कि 21 जुलाई को पानी बहाने को लेकर हुए विवाद में अधेड़ जख्मी हो गए थे।

स्वतंत्रता दिवस को ले इंडो-नेपाल पुलिस ने किया संयुक्त पेट्रोलिंग

मधुबनी : स्वतंत्रता दिवस की तैयारी को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए राष्ट्र विरोधी तत्वों पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर है। इस दौरान भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल एसएसबी 48वीं वाहिनी के जवानों ने नेपाली आ‌र्म्स पुलिस फोर्स एपीएफ के साथ साझा गश्ती कर बॉर्डर इलाकों का जायजा लिया। सीमा पर सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के जवान आपस में समन्वय बनाकर गश्ती कर रहे हैं। राष्ट्र विरोधी तत्वों से निपटने और 15 अगस्त को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर सीमा पर विशेष चौकसी बरती जा रही है।

हरलाखी थाना बॉर्डर इलाके के पिपरौन एसएसबी कंपनी इंचार्ज रमन कुमार ने नेपाल के जटही एपीएफ के इंस्पेक्टर ध्रुव प्रसाद व हरलाखी थाना के एएसआई धर्मेंद्र कुमार सहित दर्जनों सुरक्षा बलों एवं महिला पुलिस कर्मियों के साथ नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर साझा गश्ती की।

पिपरौन एसएसबी कंपनी इंचार्ज ने बताया कि एसएसबी जवानों ने सीमा पर दोनों देशों के बीच सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कर्मी व नेपाली फोर्स के साथ साझा गश्ती की है।

इसका मुख्य उद्देश्य सीमा स्तंभों की स्थिति की जांच करना, तस्करी पर रोकथाम, नशीली पदार्थो के आयात निर्यात पर प्रतिबंध, अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों की धड़पकड़ व संदिग्ध आवागमन के लिए प्रयोग हो रहे रास्तों की पहचान करना है।

दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग व समन्वय कायम रखना और सीमावर्ती इलाके के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय समय पर साझा गश्ती की जाती है।

नियम तोड़ने वालों एवं मास्क नही पहनने वालों का काटा चालन

मधुबनी : साहरघाट थाना पुलिस ने शनिवार को बसवरिया चेक पोस्ट पर सघन जांच अभियान चलाया। बिना हेलमेट, लाइसेंस, कागजात के अभाव और बिना मास्क पहन कर सड़क पर चलने वालों से जुर्माना वसूला गया।

इस दौरान पुलिस बल व ग्रामरक्षा दल के सदस्य के सहयोग से दर्जनों बाइक चालकों का चलान काटा गया। साथ ही, मास्क अनिवार्य रूप से पहनकर निकलने की हिदायत भी दी गई। पु०अ०नि० देवसुंदर सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के मद्देनजर कोरोना महामारी से बचने के लिए मास्क लगाकर चलना अनिवार्य है। इससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। इसलिए, बिना मास्क पहन कर घर से बाहर निकलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। बिना हेलमेट व कागजात नहीं रहने पर बाइक चालकों से जुर्माना वसूला गया है।

यह अभियान लगातार चलाया जाएगा, ताकि फिजिकल डिस्टेंस व मास्क पहन कर लोग नियम का पालन अनिवार्य रूप से करें। इस मौके पर महिला पुलिस दामनी कुमारी, रितु कुमारी, पुलिस बल के जवान रामकुमार यादव, राजेंद्र साह, शीतल सिंह, महेंद्र यादव, ग्रामरक्षा दल के विनोद ठाकुर, कमल कुमार भगत, प्रमोद नायक, रामप्रबोध ठाकुर, रमेश सहनी समेत अन्य पुलिस बल मौजूद थे।

नगर परिषद की विशेष बैठक पर मंडराया कोरोना का संकट

मधुबनी : मुख्य पार्षद पर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रस्तावित 31 जुलाई की विशेष बैठक पर कोरोना संकट मंडराने लगा है। मुख्य पार्षद के खिलाफ सक्रिय असंतुष्ट पार्षदों के खेमा में से एक पार्षद के कोरोना पॉजिटिव हो जाने के बाद अब विशेष बैठक को तत्काल टाला जा सकता है। असंतुष्ट खेमा के कोरोना पॉजिटिव एक पार्षद ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी के अलावा जिलाधिकारी व नगर विकास एवं आवास विभाग को पत्र लिखकर विशेष बैठक की तिथि आगे बढ़ाने की गुहार लगाई है।

इधर सोमवार को कार्यपालक पदाधिकारी के कक्ष में शहर की सफाई कार्य से जुड़ी एक बैठक को तत्काल रद कर दिया गया। बहरहाल, नगर परिषद के मुख्य व उपमुख्य पार्षद पर अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले दस पार्षदों पर असंतुष्ट खेमा के अलावा मुख्य पार्षद खेमा की नजर लगी है।

इधर, मुख्य पार्षद की कुर्सी पर नजर जमाए पार्षदों कस असंतुष्ट खेमा अगली रणनीति बनाने में जुटे हैं। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले मुख्य पार्षद के मौन समर्थक असंतुष्ट खेमा को टक्कर दे रहे हैं। बता दें कि कुल 30 पार्षदों वाले नगर परिषद के मुख्य पार्षद पर अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए असंतुष्ट खेमा में पार्षदों की संख्या कम होने का फायदा मुख्य पार्षद को मिल सकता है। हालांकि, असंतुष्ट खेमा के पार्षद अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक में किस करवट लेंगे, यह कहा नहीं जा सकता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो मुख्य पार्षद के कुर्सी की चाबी अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों के हाथों में है।

बाढ़ का पानी उतरा, पर घर कीस्थिति देख सदमे में आये लोग

मधुबनी : मधवापुर, बेनीपट्टी व बिस्फी में बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोग घरों में पहुंच रहे हैं। वहां की तस्वीर देखकर उनका कलेजा मुंह को आ रहा है। कच्चे घर गिरे पड़े हैं। जो सामान छोड़ गए थे, वह सड़कर नष्ट हो गया है। घर में चारों ओर कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा है। संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा है। ऐसी स्थिति के बाद भी किसी स्तर से सरकारी मदद नहीं मिल रही। प्रशासन की ओर से किसी तरह का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें? उनके पास इतनी रकम भी नहीं है कि गृहस्थी को दोबारा शुरू करें। इन गांवों के सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों की यह स्थिति है। पीड़ित समझ नहीं पा रहे कि क्या करें और कहां से घर गृहस्थी को व्यवस्थित करें। इन सबके बीच पीड़ित बांधों, स्कूलों व अन्य ऊंची जगहों पर शरण ले जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

मधवापुर में पानी नीचे की ओर है। अधिकांश जगह में आंगन तक पानी रह गया है। लालू नगर का लगभग सौ परिवार विस्थापित हो एनएच 104 पर शरण लिए हुए हैं। लोगों का कहना है कि घर गिर जाने के कारण कितने दिन सड़क पर रहना पड़ेगा कह नहीं सकते। बभनीपट्टी के राघवेंद्र ठाकुर ने कहा कि घर में जो कुछ छोड़ कर आए थे नष्ट हो गया। जिसमें खाद्यान्न, कपड़ा व अन्य सामान शामिल है। अब कहां से घर बनाएंगे समझ नहीं आ रहा। विशनपुर के मल्लू यादव कहते हैं कि बाढ़ ने सब कुछ लील लिया। घर से सामान नहीं ला सके। जिस कारण घर में रखे अनाज बर्बाद हो गया। पानी के कारण घर कमजोर हो गया, जिसे फिर से बनाना होगा। इस बार हम गरीबों को प्रशासन ने भी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। जिससे समस्या ही समस्या नजर आ रही है।

बेनीपट्टी के बांध पर शरण लिए लोगों की भी यही हालत है। बाढ़ का पानी घर में प्रवेश करने से पहले ही जो कुछ बन पड़ा बाल बच्चों के साथ बांध पर आ गए। यहां आकर अपने भाग्य को कोस रहे हैं। बांध पर विस्थापित का जीवन जी रहे जगदेव सहनी और बबलू कामत ने कहा कि टोले में अधिकांश कच्चे घर टूट चुके हैं। जिसे फिर से खड़ा करना पड़ेगा। कटैया चौक स्थित मीरा देवी, नीलम देवी का पक्का ईंट का दीवाल गिर पड़ा है। परेशानी में हैं कि इसे कैसे खड़ा करेंगे।

उन्होंने कहा कि साहब घर बिना कोना रहबै। बाढि़ में खसि पड़लै। इनकी व्यथा कारूणिक हैं। किसी प्रकार उधार पैंचा लेकर घर बनवाया था, जिसे बाढ़ ने गिरा दिया। अब घर कैसे खड़ा करेंगे पता नहीं चल रहा है। यही हाल बिस्फी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का है। दर्जनों की संख्या में घर ध्वस्त हो चुका है। लोग ऊंची जगह पर शरण ले रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के साथ गंदगी व जलजमाव से मंडराने लगा महामारी का खतरा

मधुबनी : शहर में भयावह रूप धारण कर रहे कोरोना वायरस संक्रमण के बीच बारिश के इन दिनों में गंदगी की दुर्गंध शहरवासियों को डरा रही है। नगर परिषद शहर को स्वच्छ रखने में फिसड़डी साबित हो रहा है। शहर में जगह-जगह गंदगी का अंबार और उसकी सडांध कोरोना काल में शहर के लिए खतरनाक हो सकती है। शहरवासी गंदगी और जलजमाव के बीच कोरोना के भय से दिन काट रहे हैं। शहर के जलजमाव वाले हिस्सों में गंदगी बदबू फैला रहा है। जगह-जगह कूड़ेदान कचरा से पटा नजर आ रहा है। एक तरफ शहर के हर मोड़ पर कोरोना का साया है, वहीं दूसरी तरफ बजबजाती गंदगी संक्रमण के खतरे को बढ़ा रही है।

सार्वजनिक जगहों को सैनिटाइज करने के दावे डपोरशंखी :

कोरोना संक्रमण और जलजमाव के बीच शहर में ब्लीचिग व चूना का छिड़काव नहीं हो रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। इस पर काबू के लिए फॉगिग मशीन का प्रयोग नहीं हो रहा है। इधर, जलजमाव वाले क्षेत्रों में गंदगी की समुचित सफाई नहीं हो रही है। सार्वजनिक जगहों को सैनिटाइज करने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

सफाई पर प्रति माह लाखों खर्च, फिर भी नतीजा सिफर

सफाई पर प्रति माह लाखों खर्च के बाद भी शहर के प्रमुख चौक-चौराहा की नियमित सफाई नहीं होने से सफाई कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। शहर की सफाई कार्य के लिए नगर परिषद द्वारा दो एजेंसी को टेंडर दिया गया है। इसके बाद भी शहर में विभिन्न जगहों पर गंदगी का ढेर लगा रहता है। शहर के गंगासागर चौक पर अक्सर गंदगी पसरी रहती है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब है।

शहर के बीचों बीच थाना चौक पर कूड़ेदान गंदगी से पटा रहता है। अशोक मार्केट चौक से नगर परिषद चौक जाने वाली सड़क के दोनों किनारे गंदगी का ढेर लोगों की आवाजाही में परेशानी पैदा करता रहता है। गंगासागर चौक से महिला कॉलेज रोड में कूड़ेदान के निकट गंदगी की बदबू से लोग परेशान नजर आ रहे हैं।

इधर, वार्ड नौ के कुभंकार टोली में गंदगी से भरे कूड़ेदान की सड़्रांध ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। यहां के लक्ष्मी साह ने बताया कि कुभंकार टोला में सप्ताह में एक दिन ही सफाई कर्मी नजर आते हैं।

इधर, शहर के गिलेशन बाजार निवासी प्रशांत कुमार ने बताया कि गिलेशन बाजार में सडे-गले सब्जी की बदबू कोरोना संक्रमण से अधिक घातक हो सकती है। आर०के० कॉलेज चौक निवासी विक्की कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बीच शहर की सफाई और डी०डी०टी० छिड़काव के नाम पर लूट मची है।

नजर नहीं आ रहा सैनिटाइजर टनल

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शहर के गिलेशन बाजार स्थित नगर पालिका स्कूल के निकट तीन माह पहले बनाया गया सैनिटाइजर टनल एक माह से नजर नहीं आ रहा है।

बता दें कि यहां किराना दुकानों की सर्वाधिक संख्या और सब्जी, मछली मंडी होने से प्रतिदिन बडी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा यहां एक सैनिटाइजर टनल का निर्माण कराया गया था। टनल से गुजरने वालों पर सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव होता था। मगर, अब ऐसा नहीं हो रहा है। यहां से टनल हटा लिया गया। यहां कुछ दिनों के लिए बनाए गए सैनिटाइजर टनल दिखावा साबित हुआ।

बिना सुरक्षा उपकरण गंदगी से जूझते सफाईकर्मी

कोरोना संक्रमण के बीच शहर की सफाई कार्य से जुड़े सफाई कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर, ग्लब्स, मास्क की सुविधा नहीं मिलने की शिकायत है। जिससे कर्मियों को सफाई के दौरान बीमार होने की चिता सताती रहती है।

मधुबनी सफाई कर्मी संघ के अध्यक्ष दिनेश राम ने बताया कि सफाई कर्मियों को मार्च में लॉकडाउन के दौरान ग्लब्स, मास्क दी गई थी। इधर, दो महीने से ग्लब्स, मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। मधुबनी नगर परिषद के सिटी मैनेजर नीरज कुमार झा ने बताया कि सफाई कर्मियों की मांग को सफाई एजेंसी के समक्ष रखा जाएगा।

वहीं, सफाई एजेंसी मेसर्स सुभाष सिंह के प्रबंधक नितिन सिंह ने बताया कि सफाई कर्मियों को समय-समय पर ग्लब्स, मास्क उपलब्ध कराई जाती है। नगर परिषद द्वारा राशि की भुगतान नहीं करने के बाद भी शहर में सफाई कार्य पूरी तत्परता से बहाल रखा जा रहा है।

नल-जल योजना एवं गली-नाली योजना का अभिलेख अपडेट करने का दिया निर्देश

मधुबनी : जिले में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति से क्रियान्वित मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना से संबंधित योजना अभिलेख संधारित करने को लेकर जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है।

मधुबनी जिले के बिस्फी, खजौली, लदनियां, बेनीपट्टी, फुलपरास एवं मधेपुर के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने निर्देश दिया है, कि अपने-अपने पदस्थापन एवं प्रभार वाले प्रखंडों के अंतर्गत सभी पंचायतों के सभी वार्डों में उक्त दोनों योजनाओं से संबंधित अभिलखों (वर्ष 2016-17 से ही) का संधारण शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराएं।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने आगाह किया है कि अभिलेख संधारण में यदि मार्गदर्शिका के आलोक में कोई कमी रहेगी तो विभागीय पदाधिकारी के रुप में संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी ही जिम्मेवार माने जाएंगे।

प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि लेखापालों के द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में अभिलेखों का संधारण अपने पर्यवेक्षण में शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराएं और अभिलेखों की सूची तैयार कर जिला पंचायत कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। संधारित अभिलेख में सभी आदेश फलक, सभी सामग्री का पारित रसीद, मास्टर रॉल, अग्रिम दी गई राशि के विरुद्ध किए गए कार्य की मापी पुस्तिका भी अनिवार्य रुप से रहना चाहिए। इसके अलावा रोकड़ पंजी, चेक निर्गत पंजी, वार्ड सभा पंजी, वार्ड सभा सूचना पंजी समेत अन्य आवश्यक पंजी और कागजात भी वार्ड में उपलब्ध होना चाहिए, जिसे प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को ही संधारण सुनिश्चित कराना है।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने उक्त निर्देश से लेखापाल, तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव, मुखिया, वार्ड सदस्य, बीडीओ को भी अवगत कराने के लिए पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने पत्र में उल्लेख किया है कि सात निश्चय की उक्त दोनों योजनाएं वित्तीय वर्ष 2016-17 से ही प्रारंभ है। विभागीय मार्गदर्शिका के आलोक में उक्त दोनों योजनाओं का अभिलेख संधारण किया जाना है, ताकि अंकेक्षण के समय किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न नहीं हो। विभाग द्वारा मार्गदर्शिका, अभिलेखों में संधारित किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के आदेश फलक का नमूना, योजना से संबंधित सभी आवश्यक निर्देश योजना प्रारंभ होने से पूर्व ही निर्गत किया जा चुका है। योजना से संबंधित अभिलेख, बैंक पासबुक, चेकबुक आदि वार्ड सदस्य के अभिरक्षा में रखे जाने का प्रावधान भी किया गया है।

15 अंचलो में अतिवृष्टि से फसल क्षति का सर्वे करने का निदेश

मधुबनी : जिला पदाधिकारी महोदय के निदेशानुसार सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी आज अपने प्रभार के प्रखंडों में जाकर कोविड-19 के संदर्भ में रैपिड एंटीजेन किट से अनुमंडलीय अस्पताल/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर टेस्ट की स्थिति एवं बाढ़ की स्थिति की सूक्ष्म समीक्षा कर रहे है। वहीं, बाढ़ के पानी से घिरे गांव , टोलों में जी०आर० की राशि देने हेतु सर्वे का कार्य आज से प्रारंभ करने हेतु आज सभी अंचल में बैठक आयोजित किया गया।

समीक्षा में प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी/कर्मी भी उपस्थित है, साथ ही प्रखंड में बाढ़ एवं कोरोना की स्थिति के सन्दर्भ में मीडिया कर्मियों के साथ भी एक बैठक कर उनसे फीडबैक/सुझाव लेकर अग्रेतर कारवाई हेतु प्रखंड स्तरीय को निदेशित करेंगे एव वस्तुस्थिति/कृत कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी महोदय को देना का निदेश दिया गया है।

कोरोना जांच में आयेगी तेजी, जिले को 13580 वीटीएम किट आवंटित

•प्रतिदिन 500 मरीजों होगी जांच

•प्रत्येक पीएचसी को प्रतिदिन 25 मरीजों की जांच करने के दिए निर्देश

मधुबनी : कोविड-19 की बढ़ती रफ्तार को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग हैं। इसको लेकर कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को रोकने की हर संभव कोशिश की जा रही है। इसके लिए सरकार से लेकर स्वास्थ विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ दिन-रात एक कर अपने कार्य में जुटे हुए हैं एवं हर रोज नई-नई रूप रेखा तैयार कर रहे हैं। इसी कड़ी में इस बार सरकार एवं विभाग द्वारा कोरोना जाँच में तेजी लाने के उद्देश्य से पीएचसी स्तर पर कोरोना टेस्ट की योजना तैयार की गई है एवं मरीजों का सैंपल जाँच में किसी प्रकार की बाधाएं नहीं हो, इसके लिए सरकार द्वारा वीटीएम किट जिला स्वास्थ समिति को उपलब्ध कराया गया है। जिले में संचालित सभी अस्पतालों में जाँच की सुविधाएं चालू कराने के लिए 13580 वीटीएम किट आवंटित हुआ है। जिसमें सभी जगहों पर नियमानुसार एवं सरकार के गाइलाइन के अनुसार वितरित करने को कहा गया है ताकि सैंपल संग्रह में किसी तरह की परेशानियाँ उत्पन्न नहीं हो।

सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया संक्रमित की जांच में तेजी लाने के लिए हर रोज इस गतिविधि के द्वारा 500 मरीजों की जाँच की जाएगी । यह जाँच योग्य चिकित्सकों के नेतृत्व में लैब टेक्नीशियन के द्वारा किया जाएगा. साथ ही जाँच में आये मरीजों को जागरूक भी करेंगे। उन्होने बताया इस सुविधा से मरीजों की जाँच में राहत मिलेगी। अब मरीजों को जाँच के लिए अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। प्राथमिकता के आधार पर किट से जाँच की जाएगी. वीटीएम किट खपत की रिपोर्ट प्रतिदिन राज्य स्वास्थ समिति को देना होगा।

कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल संग्रह की बढ़ेगी रफ्तार:

राज्य स्वास्थ्य समिति ने पत्र के माध्यम से कहा है कि एक दिन में जो भी वीटीएम की खपत है।उसका सामुहिक रूप से प्रतिदिन राज्य स्वास्थ समिति को रिपोर्ट उपलब्ध कराना है, ताकि पुनः ससमय वीटीएम उपलब्ध कराई जा सके। वीटीएम के अभाव में अब कोरोना टेस्ट को लेकर सैंपल संग्रह के कार्य में बाँधाऐ उत्पन्न नहीं होगी। इसको लेकर सरकार ने सभी अस्पतालों एवं मेडिकल काॅलेजों को पर्याप्त मात्रा वीटीएम किट उपलब्ध कराया है।दरअसल आए दिन वीटीएम के अभाव सैंपल संग्रह का कार्य बाधित हो जाता था।इस कारण मरीजों को भारी परेशानियाँ का सामना करना पड़ता था। किन्तु अब मरीजों को उक्त समस्या नहीं जूझना पड़ेगा। सरकार ने भी उक्त समस्याऐ को देखते हुए यह प्लान तैयार की है। इससे सैंपल संग्रह की रफ्तार तेज होगी एवं लोगों को अस्पतालों की दौर नहीं लगानी पड़ेगी। ना ही किसी प्रकार की परेशानी होगी।

प्रत्येक पीएचसी को प्रतिदिन 25 मरीजों की जांच करने के दिए निर्देश: सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया कि प्रत्येक पीएचसी को प्रतिदिन 25 जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी पीएचसी को पर्याप्त मात्रा में वीटीएम किट उपलब्ध करा दिया गया है।

सुमित राउत

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