25 जुलाई : मधुबनी की मुख्य ख़बरें

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जलजमाव वाले मुहल्लों का डीएम ने किया निरीक्षण

मधुबनी : शहर के विभिन्न इलाकों में हुए जलजमाव का डीएम ने निरीक्षण कर बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के तहत जल निकासी की कार्य शीघ्र करने का निर्देश नगर कार्यपालक पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता को दिया।

मधुबनी जिला पदाधिकारी डॉ० नीलेश रामचंद्र देवरे द्वारा आज मधुबनी शहर के विभिन्न मुहल्ले के जल जमाव का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, नगर कार्यपालक पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता भी मौजुद थे।

शहर के कोतवाली चौक से दुमंथा रास्ते में 10 नंबर गुमटी के पास रेलवे लाइन के किनारे का निरीक्षण दौरान गाद, कचरे एवं जलकुंभी को अविलंब सफाई कराने का निर्देश मधुबनी नगर कार्यपालक पदाधिकारी को दिया, ताकि पानी का बहाव तेज हो एवं जल निकासी शीघ्र हो सके।

इसी प्रकार रेलवे गुमटी न०-12 के पास स्थित विनोदानंद झा कॉलोनी, जो विगत कई दिनों से जल जमाव के कारण लोगो के परेशानियों का सबब बना था। मधुबनी जिला पदाधिकारी को स्थानीय लोगों से पता चला कि रेलवे गुमटी न०-12 के ओवरब्रिज निर्माण के दौरान पुलिया छोटा होने के कारण पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया है।

जिला पदाधिकारी ने नगर कार्यपालक पदाधिकारी को बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के तहत कारवाई करते हुए अविलंब पानी निकासी की व्यवस्था करने का आदेश दिया। निरीक्षण के क्रम में रेलवे के 13 नंबर गुमटी के पास के जल निकासी द्वारो का निरीक्षण कर विद्यापति टावर के पास स्थित वाटसन कनाल की सफाई करने का निर्देश दिया।

आदर्श नगर के लोगो द्वारा जल जमाव के परेशानियों के विरूद्ध सड़क जाम करने की सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी ने लोगो की समस्या को जानने वहां गए एवं स्थानीय लोगों को इसका हल करने का आश्वासन दिया। साथ ही इस समस्या के समाधान हेतु लहरियागंज के आगे बुबना मंदिर के समीप के पुलिया को तोड़कर बड़ा पुलिया निर्माण करने का निर्देश दिया।

तैतीस सालों से खानाबदोश की जिंदगी जी रहे परिवारों की कोई नहीं ले रहा सुद

मधुबनी : बेनीपट्टी अनुमंडल अंतर्गत चानपुरा गांव के दो सौ परिवार पिछले 33 साल से रिंग बांध पर विस्थापित जीवन गुजार रहे हैं। बाढ़ के समय धौंस नदी के जलस्तर में वृद्धि व बांध पर खतरा बढऩे पर ये परिवार ऊंची जगहों पर शरण लेते हैं। खतरा टलने के बाद वापस आ जाते हैं। यहीं पशुओं को भी रखे हैं। सालों से इन परिवारों की सुध नहीं ली गई।

ये परिवार पहले चानपुरा गांव में रहते थे। लेकिन, 1987 में अधवारा समूह की धौंस नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में पूरा गांव कटान में बह गया था। उसके बाद से ये परिवार बेघर हैं। उनका एकमात्र सहारा ङ्क्षरग बांध है। यह बांध कुल नौ किलोमीटर का है। इसके दो किलोमीटर भाग में ये विस्थापित परिवार बसे हैं। इन परिवारों का मांगलिक कार्य भी यहीं होता है।

65 वर्षीय रामफल सदा और 70 वर्षीय जीवछ सदा कहते हैं कि सर्दी, गर्मी, बारिश, सब इसी बांध पर झेलते हैं। मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह पेट भरते हैं। यही हमारी किस्मत है। फूस की झोपड़ी पर पॉलीथिन के सहारे जिंदगी कट रही है। इतने सालों में न कोई देखने आया, न ही हाल जानने। भूमिहीन होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलता। बाढ़ के समय यह बसेरा भी छोडऩा पड़ता है। तब खानाबदोश हो जाते हैं। अभी नदी लबालब हो चुकी है। तैयारी कर ली है। कभी भी बांध छोडऩा पड़ सकता है। पानी घटेगा तो फिर वापस आ जाएंगे।

शत्रुघ्न सदा, देवेंद्र सदा, दुलारचंद्र सदा, रेखा देवी, लक्ष्मी देवी, रामाशीष सदा, रामरती देवी, भोला सदा व शीला देवी सहित अन्य ने बताया कि अब तक पुनर्वास के लिए कोई पहल नहीं हुई। कई परिवारों के लोग उसके इंतजार में परलोक चले गए। पता नहीं, कब हमारी तकदीर बदलेगी? बरसात में मवेशियों के लिए चारा लाना और भी मुश्किल हो जाता है।

बेनीपट्टी के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश रंजन ने कहा कि सीओ को रिंग बांध पर पहुंचकर भूमिहीन विस्थापित परिवारों के संबंध में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके बाद अभियान बसेरा योजना के तहत इनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन इस दिशा में सजग है।

जिला अस्पताल को कोविड-19 के चिकित्सीय प्रबंधन के लिए मिलेंगे चार वेंटिलेटर

मधुबनी : कोविड-19 की रोकथाम को लेकर सरकार गंभीर है. लोगों को अस्पताल में बेहतर से बेहतर सुविधा मिले, इसको लेकर नई-नई योजना बना रही है. इसी कड़ी में कोराना संक्रमण में हो रही बेहताशा वृद्धि के कारण मरीजों को सहायता मुहैया कराने के मद्देनजर राज्य के सभी अस्पतालों एवं मेडिकल काॅलेज में प्रर्याप्त वेंटीलेटर लगाने का निर्णय लिया गया है. इससे कोरोना मरीजों को अस्पताल में इलाज के दौरान परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. राज्य स्वास्थ समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने इसको लेकर पत्र जारी किया है एवं इस व्यवसाय को सुनिश्चित कराने की बीएमएसआईसीएल के निदेशक को जिम्मेदारी सौंपी है। पत्र के मुताबिक भारत सरकार से प्राप्त 264 वेंटिलेटर्स को आवश्यकता अनुसार राज्य के सभी अस्पतालों एवं मेडिकल काॅलेज में वितरण कराने को कहा गया है। इनमें जिला को 4 वेंटीलेटेर मशीनों की आपूर्ति करना है।

सर्जन डॉक्टर सुनील कुमार झा ने बताया कि वेंटिलेटर साँस संबंधित मरीजों के लिए बेहद जरूरी है। इसके सहारे गंभीर से गंभीर साँस से संबंधित मरीजों को बचाया जा सकता है। इस संबंध में बीएमएसआईसीएल से जल्द समन्वय स्थापित कर जिला अस्पताल में वेंटिलेटर मशीनों को लगाये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जायेगी. कोरोना के संक्रमितों के लिए यह काफी उपयोगी सिद्ध हो सकेगा.

वेंटिलेटर है क्या :

बहुत सरल भाषा में कहें तो यह एक मशीन है जो ऐसे मरीजों की जिंदगी बचाती है जिन्हें सांस लेने में तकलीफ है या खुद सांस नहीं ले पा रहे हैं।यदि बीमारी की वजह से फेफड़े अपना काम नहीं कर पाते हैं तो वेंटिलेटर सांस लेने की प्रक्रिया को संभालते हैं। इस बीच डॉक्टर इलाज के जरिए फेफड़ों को दोबारा काम करने लायक बनाते हैं।

कितने तरह के होते हैं वेंटिलेटर:

वेंटिलेटर मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं। पहला मेकेनिकल वेंटिलेशन और दूसरा नॉन इनवेसिव वेंटिलेशन।मेकेनिकल वेंटिलेटर के ट्यूब को मरीज के सांस नली से जोड़ दिया जाता है।जो फेफड़े तक ऑक्सीजन ले जाता है।वेंटिलेटर मरीज के शरीर से कार्बन डाइ ऑक्साइड को बाहर खींचता है और ऑक्सीजन को अंदर भेजता है। दूसरे प्रकार के वेंटिलेटर को सांस नली से नहीं जोड़ा जाता है, बल्कि मुंह और नाक को कवर करते हुए एक मास्क लागाया जाता है जिसके जरिए इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है।

कोरोना मरीजों के लिए क्यों जरूरी है वेंटिलेटर:

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक,कोविड-19 से संक्रमित 80% मरीज अस्पताल गए बिना ठीक हो जाते हैं।लेकिन छह में से एक मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है और उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है।ऐसे मरीजों में वायरस फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।फेफड़ों में पानी भर जाता है।जिससे सांस लेना बहुत मुश्किल हो जाता है। शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है।इसलिए वेंटिलेटर्स की आवश्यकता होती है।इसके जरिए मरीज के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को समान्य बनाया जाता है।

शादी का प्रलोभन दे बनाया शारीरिक संबंध, गिरफ्तार

मधुबनी : बासोपट्टी थाना क्षेत्र के एक गांव में दहेज प्रताड़ना मामले में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान सिराही गांव निवासी संतोष कुमार उर्फ अक्ष उर्फ अभिनव के रूप में किया गया है। इनके विरुद्ध एक महिला ने विभिन्न आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, इस मामले में आरोपी के परिवार के कई लोगो को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।पकड़े गए अभियुक्त पर आरोप है, कि प्रेम जाल में फंसा कर शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाया। दहेज की मांग, मारपीट, छिनतई एवं छेड़खानी का आरोप में कई लोगो को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस संबंध में बासोपट्टी थाना प्रभारी इंदल यादव ने बताया कि इस कांड के एक आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

वही दूसरा मामला

बासोपट्टी प्रखंड क्षेत्र के वीरपुर गांव में एक व्यक्ति ने शराब की नशे में हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार वीरपुर गांव निवासी सुशील यादव ने शराब के नशे में भोगी राउत के दरवाजे पर आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। भोगी राउत ने लिखित आवेदन आरोपी को पुलिस के हवाले किया। इस बाबत थाना प्रभारी इंदल यादव ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

भारत-नेपाल सुरक्षा बलों ने सीमा पर की संयुक्त पेट्रोलिंग

मधुबनी : कोरोना महामारी कोविड-19 के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के बीच भारत-नेपाल सरहद भी सील है। भारत-नेपाल सीमा पर जयनगर में दोनों देश के सुरक्षाकर्मियों ने शुक्रवार को ज्वाइंट पेट्रोलिंग किया। इस कार्यक्रम में कमला बीपीओ के एसएसबी और नेपाल पुलिस के दर्जनों जवान शामिल हुए।सुरक्षार्किमयों ने भारत नेपाल के बॉर्डर पीलर नंबर-270/14 से 270/7 तक गश्ती की। इस दौरान नोमेन्स लैंड पर बॉर्डर से निकलने वाली पगडंडियों का मुआयना किया। इंडो-नेपाल बॉर्डर पीलरों का जायजा भी सुरक्षाकर्मियों ने लिया।

मशहूर समाजसेवी सरदार कृपाल सिंह का निधन, शहर में शोक

मधुबनी : जयनगर के रहने वाले सुप्रसिद्ध समाजसेवी और व्यवसायी सरदार कृपाल सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। जयनगर और आसपास के क्षेत्रों में समाजसेवा के पर्याय रहे सरदार कृपाल सिंह कई सामाजिक संगठनों के सहयोग स्तंभ तो रहे ही हैं। इसके अतिरिक्त इनका सौम्य स्वभाव हर किसी को अपना मुरीद बना लेता था। जो लोग भी इनके सानिध्य में जाते थे, इनके सामाजिक कार्यों में सहभागी बन जाते थे। दिव्य और परोपकारी व्यक्तित्व के धनी रहे श्री कृपाल जी अपने हँसमुख स्वभाव से हमेशा सामाजिक सरोकारों के लिए सहज रूप से सक्रिय भूमिका निभाते थे।

आज शनिवार 25 जुलाई को पटना में उन्होंने अंतिम सांस ली है, और इस नश्वर शरीर का त्याग कर दिये। वे जयनगर की सामाजिक संस्था ॐ जय माता दी सेवा समिति के संस्थापक थे, और 17 वर्षों तक अध्यक्ष के रूप में सेवा करते रहे। वर्तमान समय तक वे संस्था के संरक्षक के रूप में अभिभावकतुल्य मार्गदर्शन कर रहे थे।

इसके अतिरिक्त वे श्री श्री 1008 श्री सर्वदेवमयी माता मंदिर समिति के भी अध्यक्ष थे। सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन और विभिन्न सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर कर हिस्सा लेना इनके स्वभाव में शामिल था।

कला-संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय किशोर कला मंदिर एवं स्वास्थ्य और सामुदायिक स्वास्थ्य की जागरूकता के लिए सम्पूर्ण मिथिला में सुविख्यात जीवन दीप अस्पताल द्वारा आयोजित दृष्टि पर्व के भी प्रमुख सहयोगी हुआ करते थे।

इनके निधन से जयनगर अनुमंडलीय क्षेत्र ही नहीं नेपाल के सिरहा इत्यादि के हर आम-ओ-खास में शोक का लहर है और लोग यह सुनकर यकीन नहीं कर पा रहे कि वे अब हमारे बीच नहीं रहे। उनसे जुड़ी यादों और स्मरणीय दृष्टान्तों को लोग साझा कर रहे हैं।

स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि वे सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी भावना, उनके कार्य हमेशा इन्हें जीवित रखेंगे। समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लिए इनके योगदान अतुलनीय है।

इनका अंतिम संस्कार आज जयनगर के शनिदेव मंदिर के पास कमला नदी तट पर मुक्तिधाम में किया जायेगा। इस नश्वर शरीर का अंत होता ही है, लेकिन लोग कृतियों में हमेशा जीवित रहते हैं। इन्हें जहाँ पंचतत्व में विलीन होना है, यानि जयनगर का कमला तट पर स्थित मुक्ति धाम श्मशान घाट पर, इसकी कल्पना-प्रेरणा एवं सहयोग इनकी ही देन है। जयनगर इन्हें कभी नहीं भूल पायेगा।

जयनगर में कुछ दिन पहले इनका स्वास्थ्य बिगड़ा तो उन्हें पटना भर्ती कराया गया और इनका इलाज सकुशल चल रहा था, और आज इन्हें डिस्चार्ज किया जाना था। लेकिन सुबह में ह्रदयाघात के कारण वे इस लोक को छोड़ दिये। वे 4 बेटे-बेटियों और 5 नाती-पोते वाले भरे-पूरे परिवार को साथ छोड़कर चले गए। वे 72 वर्ष के थे।

समाजसेवी सरदार कृपाल सिंह के निधन पर समाजसेवी शैलेश शर्मा, अरुण जैन, विमल मस्करा, बिशम्बर पूर्वे, जगदीश प्रसाद यादव, डॉ० सुनील कुमार राउत, अनिल बैरोलिया, पवन यादव, रामप्रसाद राउत, श्याम किशोर सिंह, कई संस्था जैसे मॉर्निंग वॉक ग्रुप, माँ अन्नपूर्णा कम्यूनिटी किचन संस्था, सूड़ी युवा मंच, मारवाड़ी युवा मंच, रौनियार मंच एवं पत्रकारों से जुड़े संगठन जैसे आईएनजेफ जयनगर परिवार, आईरा जयनगर परिवार समेत जयनगर के अन्य बुद्धिजीवियों, व्यवसायियों, समाजसेवियों और आमलोगों ने भी शोक व्यक्त किया है।

नीतीश सरकार में अलीनगर में हुआ ऐतिहासिक विकास : बिजेन्द्र यादव

मधुबनी : आज राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत अलीनगर विधानसभा क्षेत्र में वर्चुअल सम्मेलन आयोजित की गयी। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री रमेश रिषिदेव की संचालन में आयोजित इस सम्मेलन जदयू कार्यकर्ताओं के इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव, जल संसाधन मंत्री संजय झा, आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष तनवीर अख्तर तथा प्रदेश प्रवक्ता प्रो० सुहेली मेहता ने बिभिन्न मुद्दों पर बारीकी से चर्चा की। वहीं, अलीनगर बिधानसभा प्रभारी प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बिधानसभा के सभी 33 पंचायतों के 297 बूथों पर संगठन की तैयारियों की जानकारी दी।

ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव ने नीतीश सरकार के बिभिन्न बिकासात्मक कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि लालू राबडी के शासनकाल में पूरे उत्तर बिहार में केवल एक पावर ग्रिड स्टेशन था, जिसके कारण बिजली आपूर्ति के नाम पर महज़ खानापूर्ति की जाती थी। लेकिन नीतिश कुमार के सत्ता में आते ही आज सात बिजली स्टेशन एवं तीस सब स्टेशन केवल उत्तर बिहार में है, जिसके कारण चौबीस घंटों बिजली की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल होना एन०एच०-57 तथा भारत माला प्रोजेक्ट के तहत महिषी स्थान से उच्चैठ स्थान तक जोडने बाली सडको के लिए मिथिलांचल के लोग नीतीश कुमार को सदैव याद करेंगे।

वहीं, जल संसाधन मंत्री संजय झा ने अलीनगर बिधानसभा के रसियारी, ढेंगहा मे उच्चस्तरीय पुल, शिवनगरघाट घनश्यामपुर जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के बदौलत आज अलीनगर को एक नया आयाम मिला है, तथा आने वाले समय में इस बिधानसभा को मिथिला के मानचित्र पर स्थापित किया जायेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अलीनगर बिधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

वहीं, आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए बिहार सरकार के पहल की चर्चा करते हुए कहा कि साईकिल योजना पोशाक योजना छात्र बृत्ति योजनाओं के बदौलत समाज में अमीर तथा गरीब के बीच के अंतर को खत्म किया गया तथा समाज से असमानता की भावनाएं दूर हुई।

वहीं, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष तनवीर अख्तर ने नीतीश सरकार को अकलियतो का सच्चा हितैषी करार देते हुए कहा कि कांग्रेस तथा राजद के शासनकाल में इस समाज का उपयोग केवल वोट बैंक के रूप में किया गया, जबकि 2005 मे सत्ता मे आते ही नीतीश कुमार ने कब्रिस्तान घेराबंदी तलाशशुदा महिलाओं को पेंशन सभी प्रखंड में सद्भाव भवन अल्पसंख्यक कल्याण योजना के तहत छात्रवृत्ति तथा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसे मुद्दे पर पहल कर अकलियतो के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है।

वहीं, प्रदेश प्रवक्ता प्रो० सुहेली मेहता ने महिला सशक्तीकरण की चर्चा करते हुए कहा कि दहेज प्रथा बाल विवाह जैसी सामाजिक परिवर्तन के मुद्दों तथा शराबबंदी जैसे सामाजिक सुधार के बदौलत नीतीश कुमार ने महिलाओं को दूसरी आजादी दिलायी।

वहीं, जिला अध्यक्ष डा० अजय चौधरी घनश्यामपुर के प्रखंड अध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र, अलीनगर प्रखंड के अध्यक्ष कमरे आलम ने अलीनगर विधानसभा के सर्वांगीण विकास के लिए पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया।

इस वर्चुअल सम्मेलन में जिला प्रवक्ता एजाज अख्तर खान उर्फ रोमी खान एवं जिला कमिटी के सभी पदाधिकारी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों तीनों प्रखंड के सभी 37 पंचायतों के 297 बूथों के अध्यक्ष सचिव पंचायत तथा प्रखंड स्तरीय नेताओं सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

सुमित राउत

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