22 मई : मधुबनी की मुख्य ख़बरें

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क्वारंटाइन केंद्रों पर दुर्व्यवस्था को ले आक्रोशित प्रवासी ने की जम कर नारेबाजी

मधुबनी : बिस्फी प्रखण्ड के बलहा पंचायत में बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन में सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा नहीं मिलने पर भड़के प्रवासी मजदूरों ने जमकर नारेबाजी की। सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी प्रवासी मजदूर प्रखंड मुख्यालय में आकर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पंचायत के मुखिया के खिलाफ सोशल डिस्टेंस बना कर जमकर नारेबाजी किया। प्रवासी मजदूरों ने बताया कि पंचायत के मुखिया ग्रामसेवक वार्ड सदस्य एवं वार्ड सचिव द्वारा इस बात की सूचना देने पर डांट फटकार कर अपनी भाड़ बीडीओ पर सौंप देने की बात बताई जाती हैं।

बताया गया कि हम लोगों को अभिलम्ब सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी, तो प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पंचायत के सभी जनप्रतिनिधि एवं पंचायत सेवकों के खिलाफ सड़क जाम करेंगे। इस मौके पर लाल बिहारी, हरि किशोर सहनी, उमेश सहनी, बेचन सहनी, विक्रम सहनी, प्रदीप सहनी, संजय सहनी, सुधीर कुमार, जितेंद्र कुमार,रमेश कुमार शाह सभी ने बताया कि प्रखंड के सभी पंचायतों में पंचम वित्त आयोग से काफी पैसों की मुहैया कराई गई है, लेकिन पंचायत के मुखिया वार्ड सदस्य एवं जनप्रतिनिधि पंचम बीत के पैसे से खाता में शोभा बढ़ा रहे हैं।

हालांकि, प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों का इस तरह का मामला लगातार प्रकाश में आ रहा है, कि बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूर बनाए गए क्वारेंटाइन में प्रवासी मजदूर भूखे प्यासे एवं जमीन पर सोने को मजबूर है। लेकिन मुखिया एवं सहित जनप्रतिनिधि गुम होकर तमाशा देख रहें हैं। प्रवासी मजदूर को जहाँ जाने की बात बताने की बात बताई जा रहीं है।

पेड़ से लटका मिला युवती का शव, सनसनी

मधुबनी : राजनगर थाना अन्तर्गत कोईलख गाँव के आम के बगीचे में एक आम के पेड़ से युवती का लटका हुआ शव मिलने से इलाके में सनसनी फ़ैल गई है।  जब लोगों ने युवती का शव पेड़ से लटका देखा अन्य लोगो को इसकी जानकारी दी। देखते ही देखते यह ख़बर आग की तरह गांव में फ़ैल गई और लोगों का हुजूम इकठ्ठा हो गया। मृतिका पूजा कुमारी (15 वर्ष) की पहचान गाँव के ही कारी सदाय की पुत्री की रूप में हुई है।

ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना को दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची राजनगर थाना पुलिस ने इस घटना के संबंध में छानबीन में जुट गई है। तत्काल ही पुलिस ने लाश कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल भेज दिया। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने आए पिता कारी सदाय एवं चचेरा भाई ने बताया की सुबह में पूजा को देखें थे। कुछ ही समय के बाद हमें घटना की जानकारी मिली। जाकर देखा तो पूजा की लाश पेड़ से लटकी हुई थी।
दोनों ने बताया की समझ मे नहीं आ रहा है, की घटना कैसे और क्यों घटित हुई?

400 प्रवासी मजदूरों के बीच राहत सामग्री का किया गया वितरण

मधुबनी : कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिये देश में चौथे चरण का लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन की वजह से सभी लोग अपने घरो मे रह रहे है। आवश्यक कामों से ही बाहर निकल रहे है, सभी प्रकार के व्यापार मे मंदी है। ऐसे मे दिहाड़ी मजदूर एवं बाहरी प्रदेश से आये हुये प्रवासियों के बीच आर्थिक संकट पैदा हो गया है, जिस कारण उन लोगो के परिवार का भरण-पोषण करने मे भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम विकास परिषद के सचिव षष्टिनाथ झा ने बताया ऐसे मजदूर को चिन्हित कर ग्राम विकास परिषद मधुबनी ने इंडिया डेवलेपमेंट एंड रिलीफ फंड यूएसए के सहयोग से राहत सामग्री वितरण करने का बीड़ा उठाया है। इसी के मद्देनजर राजनगर प्रखंड के पिलखवाड़, मंगरौनी दक्षिण, रांटी एवं पन्डौल प्रखंड के बथने पंचायत मे 400 प्रवासी मजदूरों के बीच सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुये राहत सामग्री का वितरण किया गया है।

षष्टिनाथ झा ने बताया लॉकडाउन के अवधि मे गरीब, मजदूर, दिव्यांग, विधवा एवं निःसहायो लोगो के बीच राशन किट का वितरण जारी रहेगा। ग्राम विकास परिषद अपने स्थापना काल से ही आपदा के घड़ी मे मानव सेवा सहित रचनात्मक कार्यो को अंजाम दे रही है, जिस कारण इस वैश्विक संकट मे संस्था जरूरतमंदो के साथ खड़ी है। वितरण कार्य मे पंचायत प्रतिनिधि मुखिया गीता देवी, गुणानंद झा संस्था के राकेश कुमार झा, राजेश कुमार झा, नरेन्द्र सिंह, हेमलता कुमारी, विजय कुमार झा, सिया देवी, चंदा कुमारी एवं जयकांत मंडल ने सहयोग किया। राहत सामग्री पाकर प्रवासियों मे काफी खुशी देखी गई।

ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्पलाईज यूनियन ने मनाया विरोध दिवस

मधुबनी : देश के सभी ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्पलाईज यूनियन,समस्तीपुर डिवीजन के द्वारा विरोध-दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित रेलकर्मियों के द्वारा श्रम कानूनों में बदलाव करके नया श्रम-संहिता लाने, ड़ी०ए० पर रोक, 55 वर्ष उम्र अथवा 30 वर्ष सर्विस पूर्ण कर चुके कर्मचारियों की छंटनी की नीति, महामारी में कार्यरत रेलकर्मियों को 50 लाख का बीमा देने, रेलवे में निजीकरण/निगमीकरण और NPS के विरोध में नारे लगाए गए।

सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन पर समस्तीपुर डिवीजन के डिवीजनल सेक्रेटरी रत्नेश वर्मा के द्वारा सरकार के श्रमिक विरोधी नीति की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को समाप्त करके नया श्रम संहिता बना देने, जिसमे कर्मचारियों पर 12 घण्टे का अमानवीय ड्यूटी एवं अन्य कई गैर बाजिब नियम बना दिये जाने, रेलवे में कर्मचारियों की छंटनी करने के नियत के 55 वर्ष उम्र अथवा 30 वर्ष सर्विस कर चुके रेलकर्मियों का रिकार्ड खंगालने, रेलवे कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (D.A.) को जुलाई-2021तक फ्रिज कर देने की घोषणा को वापस लेने की मांग की गयी।

उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार क्या बाजार भाव को बढ़ने से रोक सकती है? क्या किसी बाजार को जुलाई-2021 तक एक हीं मूल्य पर फिक्स किया जा सकता है? यदि ऐसा संभव नहीं है, तो डी.ए. की बढोत्तरी को भी नहीं रोका जाना चाहिए। खास कर ऐसे समय मे जब रेल कर्मचारी जान हथेली पर लेकर कोविड-19 नोबल कोरोना महामारी में प्रतिदिन चौबीसों घण्टा कार्य करते हुए मालगाड़ी को समय से सुरक्षित चलाकर देशवासियों की सेवा कर रहे है। जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस कोविड-19 जैसे महामारी से जूझ रही है, वहीं इस समय हमारे सामने ढेर सारी चुनौतियां है।

दुनिया की अर्थव्यवस्था विकट मंदी की ओर जा रही है। सारे निजी कामकाज ठप पड़ गये है। ऐसे हालात में सबसे बड़ा संकट मजदूर वर्ग ही झेल रहा है। समय आगे बढ़ने से यह हालात और भयावह होती जाएगी। इसका असर हम रेलवे मजदूरों पर भी पड़ना स्वाभाविक है। क्योंकि यह साफ है कि अर्थव्यवस्था का सारा बोझ सरकार मजदूर,कर्मचारियों और आम जनता पर हीं डालेगी। हमलोगो ने टैक्स के रूप में सरकार को करोड़ों रुपए जो जमा कराये है। फिर अप्रेल महीने में प्रत्येक रेल कर्मचारी के द्वारा एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोश में जमा कराया गया है, आखिर यह सब कब काम में आएगा? लेकिन केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है, और कोरोना कोविड-19 के आड़ में, पहले से ही निजीकरण/ निगमीकरण का दंश झेल रहे रेल कर्मचारियों के उपर और भी कई तरीके से हमला होने की आशंका है। जिसमे महंगाई भत्ता, एनपीएस कटौती में सरकारी भागीदारी 14% से 10% करने के अलावे दूसरे कई तरह के भत्ते हो सकते हैं। इसके लिए हम सभी को अब लगातार आंदोलन करते रहने की जरूरत है।

रेलवे में कई विभाग पहले से ही समाप्त अथवा आउट-सोर्स कर दिए गए है। अभी कई विभागों को आपस मे मर्ज करने का भी प्रयास हो रहा है। इन परिस्थितियों में रेल-कर्मचारी के नौकरी को कैसे सुरक्षित माना जाए? कोविड-19 महामारी में कार्य कर रहे सभी रेलकर्मियों को सम्मान देते हुए उन्हें भी अस्पताल कर्मियों की भांति पचास लाख के बीमा कवरेज के अंदर रखा जाना चाहिए। हम केंद्र सरकार से मांग करते है कि लगातार देश की तरक़्क़ी में योगदान कर रहे रेलकर्मियों के ऊपर भी ध्यान देने की जरूरत है। सभी रेलकर्मी ई.सी.आर.ई.यू./ आई.आर.ई.एफ. द्वारा लगातार चलाये जा रहे देशब्यापी आंदोलनों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि केंद्र सरकार तक आवाज पहुंचे।

इस मौके पर रत्नेश वर्मा, डिवीजनल सेक्रेटरी, ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन, समस्तीपुर डिवीजन के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ। जिसमे उपस्थित रेलवे कर्मचारी अंगद राम, सिग्नल मेंटेनर, रामबाबू राय, एम.सी.एम./सिग्नल, रामनाथ राय, सिग्नल मेंटेनर , मनोज श्रीवास्तव, सिग्नल मेंटेनर, मो.रफीक आलम, स्टेशन मास्टर, मुन्ना कुमार ग्रुप-डी, अंगद साह, ट्रेक मैंन, पवन पासवान, ट्रेक मैंन, नितेश रंजन, सुरेन्द्र दास, हेल्पर, सतीश कुमार, जे.ई. आदि प्रमुख थे।

भाजपा नगर मंडल के कार्यकर्ताओं ने किया खाना, बिस्कुट एवं दूध का किया वितरण

मधुबनी : भाजपा नगर मंडल के तत्वाधान में मधुबनी रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर में पैदल/बस/निजी वाहन से आने वाले प्रवासी मजदूरों, भूखे लोगों को खाना, बिस्कुट, दूध दिया जा रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा के मधुबनी नगर अध्यक्ष सुबोध चौधरी ने बताया कि ये कार्य हमलोग सेवाभाव से लगातर पिछले कई दिनों से अनवरत कर रहे हैं, ओर ये तब तक अनवरत जारी रहेगा, जब तक ये प्रवासी मजदूर भाई लोग आ रहे हैं। श्री चौधरी ने कहा कि ये भाजपा नगर मंडल के तत्वाधान में किया जा रहा सेवा कार्य है। इसको हम अभी लगातार करते रहेंगें। इस नेक कार्य मे भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष सुबोध चौधरी की अध्यक्षता में मिथुन गुप्ता, राजा कुमार एवं पंकज झा एवं अन्य कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

सुहागिनों ने की बरगद के वृक्ष की पूजा, पति के दीर्घायु की कामना

मधुबनी : बरगद के पेड़ की परिक्रमा कर विष्णु एवं यमदेव को पूजा समर्पित की। वट सावित्री व्रत सौभाग्य को देने वाला और संतान की प्राप्ति में सहायता देने वाला व्रत माना गया है। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतीक बन चुका वट सावित्री की पूजा मधुबनी जिले में भी सुहागिनों के द्वारा मनाया जा रहा है।

शहर के लगभग सभी छोटे बड़े बरगद के पेड़ की पूजा अर्चना की जा रही है। बरगद के पेड़ की पूजा त्रिदेव के रूप में की जाती है। सुहागिन महिलाएं पहुंचकर जल, अक्षत, रोली, कपूर, पीसे चावल हल्दी के लेपन, पुष्प, धूप, दीप, रक्षा सूत्र आदि से पूजन की जा रही है। प्रत्येक वर्ष के जेष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री का व्रत एवं पूजन किया जाता है, जो इस वर्ष भी मनाया जा रहा है।

आज की तिथि को भगवान शनिदेव का जन्म हुआ था। इसलिए व्रत सावित्री व्रत विशेष पर्व के रूप में मनाती है। इसमें बट यानी बरगद के वृक्ष का विधिवत पूजन कर यह 11 बार, 21 बार या 108 बार परिक्रमा करते हुए धागा लपेटते हुए महिलाएं विष्णु एवं यमदेव को समर्पित पूजन अपने सौभाग्य, अखंड और अक्षुण्य बनाए रखने की कामना से करती है।

इस वर्ष या पर्व यानी 22 मई दिन शुक्रवार को कृतिका नक्षत्र और शोभन योग में पड़ रहा है, जो ज्योतिष गणना के अनुसार उत्तम योग है। पौराणिक कथा के अनुसार महासती सावित्री ने अपने पति सत्यवान को इसी व्रत पूजन कर, पूजा के प्रभाव से यमलोक से पृथ्वी पर अपने पति का प्राण ले आई थी।

मधुबनी जिले के जयनगर शहर से युवा समाजसेवी सह पेशे से व्यापारी अमित कुमार राउत एवं सुमित कुमार ने वट सावित्री व्रत की सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा के घर मे रहे सुरक्षित रहे लॉक डाउन का पालन करें। पति की लंबी उम्र और सुहाग की रक्षा के लिए मनाए जाने वाले वट सावित्री पूजा को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया। अपनी सुहाग की रक्षा के लिए महिलाएं सुबह से ही वटवृक्ष की पूजा अर्चना करते दिखी।

हिंदू संस्कृति में ऐसी मान्यता है, कि वटवृक्ष में भगवान विष्णु विराजमान होते हैं, इसलिए सुहागन महिलाएं सोलह सिंगार कर अपने पति की लंबी आयु और सुहाग की रक्षा के लिए वटवृक्ष की पूजा कर उनसे वर मांगते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार सती सावित्री ने अपने पति सत्यवान की मृत्यु के पश्चात यमराज से इस व्रत के प्रभाव से अपने पति को जीवित कर वापस पृथ्वीलोक लाई थी, जिसके बाद सदियों से महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए वट सावित्री पूजा कर रही हैं।

लॉकडाउन से सब्जियों की बिक्री में भारी गिरावट

मधुबनी : जयनगर प्रखंड में सब्जियों के बिक्री पर लॉकडाउन व मौसम की दोहरी मार पड़ने के कारण उत्पादक किसान हताश है। दो सौ से अधिक किसान कर रहे सब्जियाँ की खेती। पुर्व के बिक्री से मात्र 20 प्रतिशत ही होती है बिक्री। किसान की माने तो ऐसा कभी भी नही हुआ, जब लागत मूल्य की वसूली के लाले पड़ गये हो। पहली बार प्रखंड के करीब दो सौ किसानों की पूंजी भी डुबते नजर आ रहे है।

जयनहर प्रखंड के खैरामाट, कमलावाड़ी, कोरहिया, हनुमाननगर, परवा समेत अन्य जगहों के किसानों द्वारा प्रत्येक वर्ष करीब 10 करोड़ रूपये की बैगन, हरी मिर्च, भिंडी, परवल, करैला, कद्दू, तरबूज, खरबूजे, खीड़ा, ककड़ी समेत अन्य सब्जियों की नगद फसल की खेती करते है।…

चचेरे देवर के साथ भागी अपर्हृत विवाहिता बरामद

मधुबनी : जयनगर थाना के पुलिस ने चचेरे देवर के साथ भागी हुई अपहृत विवाहिता को बरामद कर लिया है। घटना जयनगर थाना क्षेत्र के बेलही पंचायत के वार्ड न- 1 की है। दो सप्ताह पुर्व शादी की नियत से प्रेम प्रसंग में फसी विवाहिता पति के अशोक महरा के चचेरे भाई के साथ फरार हो गयी थी।

इस मामले में अपहृत विवाहिता के ससुर कपलेश्वर यादव ने थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। जयनगर पुलिस के अनुसंधानकर्ता उदय कुमार के लगातार दबिश के बाद आरोपित देवर रूपेश महरा ने अपहृत को थाने के निकट छोड़ फरार हो गया। इस बाबत जानकारी देते हुए जयनगर थानाध्यक्ष राजकिशोर राम ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

सतन झा हत्या मामले में आरोपित समेत दो गिरफ्तार

मधुबनी : जयनगर थाना पुलिस ने पंचायत समिति सदस्य पुरूषोत्तम झा उर्फ सतन झा ने हत्या मामले के आरोपी शत्रुधन यादव को गिरफ्तार किया है। जयनगर अनुमंडल डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित गोवराही निवासी शत्रुधन यादव तीन मामलों में वांछित आरोपित है। जिसमें सतन झा हत्या के साजिश में अप्राथमिक अभियुक्त है, तथा गोवराही ईटभट्टे के पास मिले बम मामले समेत एक रंगदारी का मामले के आरोपित है।

वहीं, जयनगर थानाध्यक्ष राजकिशोर राम ने बताया कि दुसरा आरोपित नरेश कामत बाइक चोरी मामले का आरोपित है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सतन झा व लावारिस बम मामले में अनुसंधानकर्ता शिवनाथ शर्मा तथा रंगदारी मामले में एसआई धीरेंद्र सिंह है। आपको बता दें कि पंचायत समिति सदस्य पुरुषोत्तम झा उर्फ सतन झा को दिन-दहाड़े गोली मारकर अपराधियों ने हत्या कर दी थी।

सुमित राउत

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