21 जुलाई : मधुबनी की मुख्य ख़बरें

0
swatva samachar

झंझारपुर में कोविड-19 शुरू, पहले दिन लिए 23 लोगों के सैंपल

मधुबनी : झंझारपुर अनुमंडलीय अस्पताल में कोरोना की जांच शुरू हो गई है। जांच शुरू होने से अनुमंडल समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को राहत मिली है। पूर्व में कोरोना का सैंपल लेने के बाद उसकी जांच रिपोर्ट आने में चार से छह दिनों का समय लग जाता था। इस कारण सैंपल देने वालों के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के साथ भी समस्या हो रही थी। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, सैंपल देने वाले व उनके परिजन चितित रहते थे। अब इस अस्पताल में कोरोना जांच शुरू होने के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है।

यहां के लैब टेक्निशियन कार्तिक प्रसाद ने बताया कि सोमवार अपराह्न में 23 लोगों का सैंपल लेकर जांच किया गया। इन लोगों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी सहित स्थानीय थाना के पुलिस एवं कुछ बैंक कर्मी भी शामिल थे। जांच के बाद तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। पॉतिटिव पाया गया है। बता दें कि इस सेंटर पर अभी तक कुल 44 लोगों का टेस्ट लिया गया है, जिसमें मात्र पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

भारी बारिश से नदियां उफान पर, कई गांव का सड़क से संपर्क टूटा

मधुबनी : पिछले दो-तीन दिनों से भारी बारिश के कारण एक बार फिर कई नदियों में जलस्तर की बढ़ोतरी हुई है, जिस कारण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। शांत रहीं वर्षा रानी एक बार फिर अपना उग्र रूप धारण कर जलमय कर दिया है, जिससे लोगों की जान सांसत में है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग नदियों के शांत होने से आम जिदगी में लौटने का प्रयास कर ही रहे थे, कि झमाझम वर्षा से उनकी राहत पर पानी फेर दिया। शांत नदियां एक बार फिर हूंकार के साथ उपर की ओर उठने लगी है।

दो दिनों की वर्षा से कमला अभी स्थित हालत में है, लेकिन कोसी का जलस्तर उपर की ओर है। जिससे कोसी तटबंध के भीतर बसे दस पंचायतों में से सात पंचायत के गांवों में प्रवेश कर लोगों की जिदगी को प्रभावित किया है।

वहीं अधवारा समूह की मुख्य नदी धौस, जमुने, थुम्हानी, कोकरा सहित आधा दर्जन नदी लोगों की जिदगी को तार-तार कर रही है। इनमें आई उछाल से बाढ़ ने नए क्षेत्रों में प्रवेश कर पाली, खिरी, फुलवरिया,सिमरकेान,नवगाछी,गुलरिया टोल, खसिया घाट, सोहरौल, करहारा में तांडव कर रही है। पाली कमतौल सड़क पा पानी का बहाव हो रहा है। मधवापुर में भी नदी विस्थापितों को परेशानी में डाल दिया है। यहां भी एक दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं।

भारी बारिश में बहा चचरी पुल, संपर्क टूटा

मधुबनी : सोनी नदी पर मैनाडीह व बलाटी में ग्रामीणों द्वारा बनाए गए चचरी पुल बह गया, इसके साथ ही इनलोगों की मुश्किलें बढ़ गई । चचरी पुल हर साल बह जाती है। कितु इस बार आफत यह है कि नवटोली घाट बलान नदी पर पूर्व से स्थापित स्क्रू पाईल पुल तोड दिया गया। यह जर्जर हो चुका था। यहां नए पुल का निर्माण होना है। जनवरी माह में इनका शिलान्यास भी हुआ। संवेदक द्वारा डायवर्सन बनाया गया। कितु बाढ़ की पहली दस्तक ही डायवर्सन को बहा ले गया।

विडंबना ये रही है कि शिलान्यास के 7 माह बाद भी कार्यारंभ नहीं हो सका। अव तो लोग ये कह रहे हैं कि जब विभाग को इतना लेटलतीफी से काम प्रारंभ करना था, तो वर्षा बाद पुल को विनष्ट करने का काम होता।

इधर गत वर्ष मैनाडीह गांव को उपलब्ध कराए गए एक छोटे नाव को नवटोलीघाट पर लगा दिया गया है। सो मैनाडीह के लोगों को 10 किमी दूर बेला,पकरिया टोल नवटोलीघाट होते बाबूबरही प्रखंड मुख्यालय आना पडता है। इन गांवों के लोगों के संग तिरहुता, रजवाडा, चंदरडीह आदि दर्जन भर गांव के लोगों का बाबूबरही मुख्यालय से संपर्क नवटोली घाट के महज एक छोटे नाव के सहारे होता है।

रोज़गार नहीं मिलाने पर लौटने पर मजबूर हुए प्रवासी कामगार

मधुबनी : वैश्विक महामारी कोरोना से जुझते अपने घर लौटे प्रवासी फिर एक बार पलायन को मजबूर हो रहे हैं। बाबूबरही ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य प्रखंडों के विभिन्न चौक-चौराहों पर इन्हें वापस ले जाने के लिए दूसरे प्रदेशों की बसों को देखा जा सकता है। शारीरिक दूरियों की धज्जियां उड़ रही है।

दरअसल, ग्रामीण इलाकों के 50 फीसदी परिवारों के कोई न कोई सदस्य दूसरे प्रदेशों में मजदूरी से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं। कोरोना महामारी के कारण ये पैदल, हाईवे पर चलने वाली ट्रकों या अन्य सवारियों से भारी भरकम किराया अदा कर वहां से अपने घर लौट आए थे। उस समय तो वे फिर वापस ना लौटने की बातें कर रहे थे। कुछ दिन तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन आर्थिक तंगहाली ने इन्हें वापस दूसरे प्रदेशों में जाने को विवश कर दिया है।

सरकार के रोजगार देने के दावे खोखले साबित हुए। कुछ मजदूरों को मनरेगा के तहत कार्य अवश्य मिला। लेकिन, अधिकांश लोगों को कौशल के अनुरूप कार्य नहीं मिला। खडगबनी, बरूआर सहित कई अन्य गांवों के सैकडों लोग केरला में सोफा निर्माण कार्य में लगे थे।अधिकांश लोग फिलवक्त गांव में ही टीके हैं। जबकि, दर्जनों लोग आर्थिक तंगेहाली के दौर से गुजरते वापस लौट गए हैं।

इधर, लोगों ने बताया कि पंजाब, हरियाणा में कृषि कार्य मजदूरों के अभाव में बाधित रहने के कारण वहां से मजदूरों को लेने बडे पैमाने पर गाड़ियां आ रही है। इन्हें पहले से अधिक मजदूरी का सब्जबाग दिखाकर वापस ले जाया जा रहा है।

जलजमाव की समस्या को ले बॉस-बल्ला लगा कर किया जाम

मधुबनी : साहरघाट में नेताजी चौक पर जलजमाव की समस्या को लेकर महादलितों ने दरभंगा-साहरघाट स्टेट हाइवे को जाम कर दिया। इस दौरान स्थानीय प्रशासन व सीओ के विरुद्ध मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

बताते चलें कि साहरघाट के महादलित बस्ती में जलजमाव के कारण लोगों के घरों में पानी घुस चुका है, जिससे दर्जनों परिवार विस्थापित होकर सरकारी विद्यालयों में शरण ले रखा है।

यह समस्या चार से पांच साल से जस का तस है, जबकि जल निकासी को लेकर पूर्व में भी स्थानीय विधायक सुधांशु शेखर समेत कई सता दल व विपक्ष के द्वारा सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया गया था। बावजूद मधवापुर प्रशासन इस जलजमाव की समस्या का निदान नहीं हो सका।

स्थानीय महादलित सतीश राम, प्रमोद राम, श्याम राम, विनोद राम, कुणाल राम, गुड्डू राम, अनिल राम, सुनील राम, हलखोरी राम, मंजू देवी, यशो देवी, अनरिया देवी, जलेसरी देवी, मालती देवी, पिकी देवी समेत लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर हमलोगों ने कई बार आंदोलन किया।

सांसद, विधायक, प्रमुख, मुखिया और सभी नेताओं के पास गुहार लगा कर थक चुके हैं, लेकिन पांच सालों में किसी ने इस समस्या का निदान नहीं करा सका। जलजमाव से दो लोगों को सर्पदंश का शिकार भी होना पड़ा है। महामारी फैलने की आशंका है। लोग बीमार पड़ रहे है। अब जब तक जलजमाव की समस्या से निजात नहीं दिलाया जाएगा। तब तक हमलोग सड़क जाम कर बैठे ही रहेंगे।

जलनिकासी को ले अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी ने किया मुआयना

मधुबनी : शहर में जलजमाव झेल रहे शहर में जलनिकासी की स्थिति का जिलाधिकारी डॉ० निलेश रामचंद्र देवरे ने जायजा लिया। डीएम ने शहर के वाटसन स्कूल के सामने नाला खुदाई सहित कई जगहों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान डीएम के साथ सदर एसडीओ सुनील कुमार सिंह, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

इधर, शहर के वार्ड 21 के स्थानीय लोगों की बैठक वार्ड स्थित हुई। इस बैठक में वाटसन स्कूल से जलधारी चौक के बीच शहर के एक किनारे जलनिकासी के लिए पूर्व में बनाए गए कच्चा नाला की सफाई से स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी पर चिता व्यक्त किया गया। बैठक में बताया गया कि यहां नाला को जेसीबी से खुदाई कर देने से स्थानीय लोगों की पैदल व बाइक से आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।जबकि, यहां कई नर्सिंग होम में इलाज कराने वाले लोगों की आवाजाही लगी रहती है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016 में जलजमाव के दौरान आनन-फानन में यहां नाला का निर्माण किया गया था। उसके बाद प्रशासन द्वारा अबतक नाला का पक्कीकरण के बजाए छोड़ दिया गया, जिससे यहां के स्थानीय लोगों ने निजी खर्च पर जगह-जगह पाइप लगाकर आवाजाही की सुविधा बहाल की थी। इस नाला की सफाई सालों भर नहीं की जाती है, और जलजमाव की स्थिति बनते ही प्रशासन आनन-फानन में नाला की सफाई के नाम पर खुदाई कर छोड़ देती है।

जिससे लोगों में भारी आक्रोश बढ़ रहा है। यहां नाला होकर शीघ्र ही लोगों की आवाजाही व्यवस्था बहाल नहीं की जाती है, तो आंदोलन किया जाएगा। इस बैठक में प्रो० नरेंद्र नारायण सिंह निराला, डॉ० प्रवालकांत सिंह, सीताराम यादव, इंद्रकांत यादव, रंजीत ठाकुर, राजू ठाकुर, कन्हैया प्रसाद सिंह, नरुल इस्लाम सहित अन्य मौजूद थे।

पूर्व बीईओ पर धोखाधड़ी का आरोप हुआ साबित

मधुबनी : बासोपट्टी प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय चन्द्र भगत, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चिताही के सहायक शिक्षक सुमेश रंजन और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हत्थापुर परसा की प्रखंड शिक्षिका शशि रानी रंजना एवं अन्य नामजद अभियुक्त के विरुद्ध धोखाधड़ी का आरोप अनुसंधान में सत्य पाया गया है।

इनके विरुद्ध अभियोजन स्वीकृत्यादेश के लिए पुलिस अधीक्षक ने जिला दंडाधिकारी को पत्र भेज दिया है। मधुबनी जिला दंडाधिकारी से अभियोजन स्वीकृत्यादेश मिलते हुए उक्त तीनों आरोपितों के विरुद्ध अभियोजन चलाया जाएगा। उक्त तीनों बासोपट्टी थाना कांड संख्या-08/20 के नामजद अभियुक्त हैं।

बता दें कि बासोपट्टी के बीडीओ मनीष कुमार सिंह ने बासोपट्टी थाना में कांड संख्या-08/20 के तहत बासोपट्टी प्रखंड के तत्कालीन बीईओ विजय चन्द्र भगत, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चिताही के सहायक शिक्षक सुमेश रंजन, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हत्थापुर परसा की प्रखंड शिक्षिका शशि रानी रंजना, राम नरेश ठाकुर उर्फ नरेश कुमार ठाकुर एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एकमत होकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी कर सरकारी राशि का गबन करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

उक्त कांड के अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण में कांड के चारों नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध लगाए गए आरोप सत्य पाया गया है। हालांकि उक्त चारों अभियुक्त न्यायालय से जमानत पर मुक्त हो चुके हैं।

इधर, नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण में सत्य पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने बासोपट्टी प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय चन्द्र भगत, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चिताही के सहायक शिक्षक सुमेश रंजन और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हत्थापुर परसा की प्रखंड शिक्षिका शशि रानी रंजना के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृत्यादेश के लिए जिला दंडाधिकारी को पत्र भेज दिया है।

टूटे तटबंध के कारण गांव में घुसाने लगा कोशी नहर का पानी

मधुबनी : पिछले तीन दिनों से नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण प्रखंड होकर बहने वाली अधवारा समूह की धौंस नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।

नदियों के जलस्तर में वृद्धि से नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों के लोग प्रलयंकारी बाढ़ के डर से सहमे हुए हैं। पिछले दिनों आई बाढ़ से लोग उबरे भी नहीं थे कि फिर से बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। नदी लबालब भर चुकी है।

वहीं, साहरघाट के पास कोशी नहर के सामने पहले से टूटे सुरक्षा तटबंध से नदी का पानी फिर से फैलना शुरू हो चुका है। बसवरिया चौड़ के खेतों में पानी फैल जाने से लोग भयभीत हैं। अगर बाढ़ आई तो नदी किनारे बसे साहरघाट, बसवरिया, पिहवारा, उतरा, बैंगरा, सलेमपुर, बोकहा, पहिपुरा, लोमा, विशनपुर, त्रिमुहान, करहूंआ, अंदौली, पिरौखर सहित करीब दर्जनों गांव में भयंकर तबाही मचाएगी।

फिर से बाढ़ का मतलब है जानमाल की व्यापक क्षति। इन गांवों के लोग अभी से ही बाढ़ की विभीषिका से निपटने की तैयारी में जुट चुके हैं। बता दें कि धौंस नदी का जलस्तर मधवापुर, यमुनी नदी का जलस्तर ब्रह्मपुरी, रातों नदी का पिरौखर में काफी तेजी से बढ़ रहा है।

पिछले वर्ष आई प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान साहरघाट, पिहवारा, विशनपुर, पिरौखर सहित करीब पांच जगहों पर धौंस नदी का सुरक्षा तटबंध टूट जाने से चार दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी ने काफी तबाही मची थी।

एक वर्ष बीत जाने के बाद भी टूटे तटबंध का मरम्मत नहीं कराने से लोग नदियों के जलस्तर में वृद्धि से सहमे हुए हैं। कई बार अंचलाधिकारी से टूटे बांध की मरम्मत कराने की गुहार लगाई गई थी। सुरक्षा तटबंध टूटे रहने के कारण लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। इस बाबत सीओ सुधीर कुमार ने बताया कि नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रखंड प्रशासन अलर्ट मोड में है।

स्वास्थ्यकर्मियों को होटलों में मिलेगी पेड आइसोलेशन की सुविधा, स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा खर्च

• स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने पत्र जारी कर जिला पदाधिकारी व सिविल सर्जन का दिये निर्देश

• होम आइसोलेशेन में अड़चनों को ध्यान में रख हुई पहल, उनकी समुचित देखभाल को प्राथमिकता।

मधुबनी : राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड 19 की रोकथाम व लोगों की जांच में जुटे फ्रंटलाइन वर्कर्स व चिकित्साकर्मियों को पेड आइसोलेशन की सुविधा प्रदान की जायेगी. इस सुविधा के तहत बिना लक्षणवाले चिकित्साकर्मी स्वयं को आसानी से आइसोलेट कर सकेंगे, ताकि संक्रमण के फैलाव को पूर्णत: रोका जा सके. सरकारी खर्च पर होटलों में आइसोलेशन को लेकर प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ने इस दिशा में पत्र के माध्यम से दिशा निर्देश जारी किया है.

इन तथ्यों को ध्यान में रख विभाग ने उठाये हैं कदम:

पत्र में कहा गया है कि कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर इस रोग के चिकित्सकीय प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की जा रही है. राज्य के सरकारी अस्पतालों, जिलास्तरीय स्वास्थ्य कार्यालयों में कार्यरत कई चिकित्सक एवं पारा चिकित्साकर्मियों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के हाल के दिनों में कोविड 19 से संक्रमित होने की सूचना के उपरांत उनकी समुचित देखभाल किया जाना आवश्यक है. हालांकि कोविड पॉजिटिव अलक्षणात्मक चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सर्शत होम आइसोलेशन की सुविधा प्रदान की गयी है, लेकिन कई स्वास्थ्यकर्मी किराये के मकान में रहते हैं और उनके संक्रमित होने के फलस्वरूप होम आइसोलेशन में अड़चन आ सकती है. साथ ही उन्हें घर पर सेल्फ आइसोलेशन एवं अन्य पारिवारिक संपर्क को क्वारेंटाइन करने की आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकती है.

स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा पेड आइसोलेशन का खर्च:

इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अब चिकित्सक, चिकित्साकर्मियों व फ्रंटलाइन वर्कर्सों के कोविड पॉजिटिव लक्षणात्मक या अलक्षणात्मक होने पर पेड आसोलेशन के रूप में होटल की सुविधा प्रदान की जानी है. साथ ही होम आइसोलेशन में कठिनाई होने पर भी उन्हें यह सुविधा प्रदान की जानी है. स्वास्थ्यकर्मियों के पेड आइसोलेशन में रहने की अवधि में होने वाले व्यय का भुगतान स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर किया जायेगा.

प्रति कमरा अधिकतम 3000 रुपये किये गये हैं निर्धारित:

प्रमंडलीय मुख्यालय के जिलों के होटल के लिये प्रति कमरा भोजन सहित अधिकतम 3000 रुपये एवं अन्य जिला के होटल हेतु प्रति कमरा भोजन सहित अधिकतम 2500 रुपये का निर्धारण किया गया है. संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के लिए होटल में कमरा आरक्षित होने अर्थात बेड आॅक्यूपाइड होने की तिथि से ही भुगतान किया जायेगा. वहीं पत्र में कोविड पॉजिटिव चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों में कोरोना संबंधित किसी भी प्रकार का लक्षण आने पर उसकी गंभीरता को ध्यान में रख कर चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में उनको भर्ती किये जाने को प्राथमिकता भी देनी है.

जल निकासी को ले हुए विवाद में पूर्व मुखिया सहित दो को मारी गोली

मधुबनी : खजौली थाना अन्तर्गत तारापट्टी गाँव मे वर्षा से हुई जलजमाव के निकासी को लेकर शराबे पंचायत के मुखिया एवं उसी पंचायत के पूर्व मुखिया अजय कुमार सिंह के बीच जमकर मारपीट हुई।

बताया जा रहा है की इस दौरान फायरिंग भी हुई, जिसमे पूर्व मुखिया अजय कुमार सिंह, आनंद सिंह उर्फ राहुल एवं शिवशंकर सिंह को गोली लगी है। गोली लगने से तीनों गंभीर रूप से घायल हो गये, तीनों घायलों को स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया।

पीएचसी में तैनात डॉक्टर ने गोली से घायल तीनों की गंभीर हालत को देखते हुये मधुबनी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। मधुबनी सदर अस्पताल मे आने के बाद तीनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुये उनके परिजनों के द्वारा शहर के बसुआरा मे स्थित प्राइवेट अस्पताल मे भर्ती कराया, जहाँ उसका ईलाज चल रहा है।

इस संबंध मे उक्त प्राइवेट हॉस्पिटल के एचआर मैनेजर ने बताया दो पेशेंट अभी आईसीयू में है, और बोलने की हालत में नही है। वहीं, एक पेशेंट की हालत ठीक है, ओर गोली निकाल दी गई है। फिलहाल खतरे से बाहर है।

सूत्रों के अनुसार खतवे टोल मे बारिश के पानी के कटाव के बारे में खतवे समुदाय के लोगो ने पूर्व मुखिया अजय कुमार सिंह को बताया। उन्होने इसकी सूचना खजौली सीओ एवं थानाध्यक्ष को दी।

लोग नाला बना रहे थे, इसका दूसरे पक्ष के लोगो ने विरोध जताया। उसी मे विवाद बढ़ गया और फायरिंग हुई। पूर्व मुखिया के आवेदन पर पाँच लोगो पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं प्राइवेट अस्पताल मे इलाजरत घायल शिवशंकर सिंह ने बताया की हम दवाई लाने बाजार जा रहे थे। रास्ते मे विवाद होने की वजह से फायरिंग हो रही थी, की एक गोलों मेरे पैर में लग गई। इस बाबत खजौली थानाध्यक्ष रामचन्द्र चौपाल ने कहा गोलीकांड तारापट्टी गाँव में हुई है। घटनास्थल पर पुलिस कैंप कर रही है।

सुमित राउत

swatva

Leave a Reply