19 जुलाई : मधुबनी की मुख्य ख़बरें

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डॉ० कफील खान की रिहाई के लिए भाकपा ने मनाया विरोध दिवस

मधुबनी : भाकपा(माले) जयनगर प्रखंड कमिटी के द्वारा देवधा गांव में डॉ० कफील खान के रिहाई की मांग को लेकर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया गया। स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जयनगर प्रखंड सचिव भूषण सिंह ने कहा है कि गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ० कफिल खान को तीसरी बार जेल में डाला गया है। 2017 में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में आपराधिक सरकारी लापरवाही के कारण ऑक्सीजन के अभाव में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई थी। डॉ० कफिल ने इसके लिए सरकार की आलोचना की थी। इसी वजह से उनके पीछे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हाथ धोकर पड़ी हुई है।

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ऑक्सीजन की कमी का जिम्मेवार सरकार थी, लेकिन उल्टे अगस्त 2017 में डॉ० कफिल पर ही बच्चों की मृत्यु के लिए जिम्मेवार ठहराकर उन्हें जेल भेज दिया गया। महीनों जेल में गुजारने के बाद आखिर वे जमानत पर बाहर आए, और खुद सरकार द्वारा गठित जांच दल ने 2 साल बाद सितम्बर 2019 में उन्हें दोषमुक्त घोषित कर दिया। लेकिन जांच दल ने उन्हें योगी जी से माफी मांगने को भी कहा। डॉ० कफिल ने माफी नहीं मांगी और वे फिर योगी जी के निशाने पर आ गए।

12 दिसम्बर 2019 को उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में सीएए के खिलाफ आयोजित सभा को संबोधित किया था।
उक्त सभा में उत्तेजक भाषण देने के आरोप में 29 जनवरी 2020 को पुनः उन्हें मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 10 फरवरी 2020 को उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। लेकिन जेल से रिहा करने में जान बूझ कर 3 दिन देर की गई। 13 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश फिर से जारी किया। लेकिन रिहाई की बजाय 14 फरवरी को उन पर 3 महीने के लिए रासुका लगा कर फिर डिटेन कर दिया गया।

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डिटेंशन की अवधि खत्म होने से पहले फिर 12 मई 2020 को रासुका की अवधि के 3 महीने के लिए बढ़ा दी गई है। सरकार की नीतियों ओर फैसलों का विरोध करने के कारण डॉ० कफिल पर रासुका लगाना एकदम नाजायज है। यह विरोध की आवाज दबाने का फासीवादी कदम है। पूरा देश सरकार के रवैए की आलोचना कर रहा है और डॉ० कफिल की रिहाई की मांग कर रहा है।

डॉ० कफिल पड़ोस के गोरखपुर के होने के कारण बिहार से सजीव रूप से जुड़े रहे हैं। जब चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर में हाहाकार मचा हुआ था, उन्होंने यहां कैम्प लगाकर बच्चों का इलाज किया। विगत वर्ष की बाढ़ और पटना के जलजमाव के समय भी वे पटना सहित कई जगह लोगों का इलाज किया। सीएए के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी उन्होंने भाग लिया।

इस विरोध दिवस पर आयोजित सभा मे मो० मुस्तुफा, मो० सवीर,मो० आदिल, मो० रसीद, मो० याकूब, मो०मोकिम, मो०राजा, मो० शकील,मो० तैयब अंसारी, मो० वसीम राइन, मो० अनवर अंसारी सहित कई लोगों ने संबोधित किए।

लाॅकडाउन : सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ायी धज्जियां

मधुबनी : हरलाखी मे लाॅकडाउन के बाबजूद शनिवार को उमगांव में हमेशा की तरह बैल बाजार लगाया गया जहां सोशल डिस्टेंस का जमकर धज्जियां उड़ाते देखा गया।

मालूम हो कि उमगांव में वर्षों से प्रत्येक सप्ताह के बुधवार और शनिवार को यह बाजार लगवायी जाती है। उक्त बाजार में पडोसी देश नेपाल समेत दूर दराज के किसान के अलावा व्यापारि भी आते है,और गाये एवं बैल की खरीद-बिक्री का काम चलता है। हलांकि बाजार का लाइसेंस है, या नहीं यह बात सीओ को भी नहीं पता है।

इधर कोरोना संक्रमण की बढ़ते खतरा को देखते हुए सरकार के द्वारा पुन: लाॅक डाउन किया गया है, लेकिन आलम यह था की सुबह से ही बाजार में सैकड़ों की संख्या में भीड़ थी और प्रशासन बेखबर बनी रही। जिससे लोगों में संक्रमण की खतरा हो सकता है। इस बावत सीओ शशीभूषण प्रसाद सिंह ने कहा कि उक्त बाजार का लाइसेंस है या नहीं यह तो नहीं पता, लेकिन लाॅकडाउन में बाजार नहीं लगानी थी।

जमीनी विवाद को ले गांव में तनाव, भय से गांव से भागे महादलित परिवार

मधुबनी : हरलाखी थाना क्षेत्र के हरिणे गांव में जमीनी विवाद को लेकर तनाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार गांव के गंगा पासवान और भोगेन्द्र साहु के बीच वर्षों से जमीनी विवाद चल रहा है, और यह मामला फिलहाल न्यायालय में चल रही है।

इसी बीच विवादित भूमि पर भोगेन्द्र साहु के द्वारा घर बनाया जा रहा था, जिसको लेकर शुक्रवार की सुबह दोनों पक्षों में विवाद बढ गया। पिड़ित पक्ष गंगा पासवान ने बताया की पुरे परिवार के साथ मारपीट कर घर में लूटपाट कर लिया, और भोगेन्द्र साहु ने दर्जनों समर्थकों के साथ पुरे घर को क्षतिग्रस्त कर दिया।

उनके डर से हम सपरिवार पुरे दिन थाना में बैठे रह गये। रात को करीब दस बजे पुलिस हमलोगों को घर छोड़ने गये, तो फिर से उनलोगों ने मारपीट का धमकी देने लगा जिसके बाद पुलिस के साथ वापस थाना आकर पुरी रात थाने में रहना पड़ा।

वहीं भोगेन्द्र साहु ने बताया की हमलोगों का पुराने घर टूट रहा है, इसलिए सोचे की तत्काल यहाँ इसी जमीन पर घर बना लेते है। बहरहाल पिड़ित महादलित परिवार दबंगो के भय से अपने रिश्तेदारों के यहाँ शरण लिए हुए है। इस बावत थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच उपरांत दोषी लोगों के विरुद्ध उचित कारवाई की जाएगी।

कम्युनिटी किचन चला 100 लोगों को रोज खिला रहे निःशुल्क खाना

मधुबनी : कोविड-19 नोबल कोरोना वायरस के बिहार में बढ़ते संक्रमण के कारण पूरे सूबे में राज्यव्यापी लॉक डाउन पुनः 15 दिनों के लिए 16-31 जुलाई तक किया गया है।

इस लॉकडाउन में गरीब, निर्धन, निःशक्त, निःसहाय, मजदुर वर्ग, भिखारी वर्ग, कामगार मजदूर लोगों के सामने विकट इस्तिथि उत्पन्न हो गयी हुई है, जिससे उनको खाने-पीने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी के मद्देनजर मधुबनी जिले के जयनगर शहर के समाजसेवी अमित कुमार राउत एवं उनकी टीम लगातार पिछले तीन दिनों से जयनगर नगर पंचायत क्षेत्र के पटना गद्दी चौक, जयनगर रेलवे स्टेशन परिसर में रहने वाले लोगों को निजी स्तर से जनसहयोग से कम्यूनिटी किचन चला कर रोज लगभग 100 लोगों को खाना खिला कर पेट भर रहे हैं। इससे लोग प्रसन्न होकर उनको धन्यवाद देकर खाना खाते हैं।

इस नेक कार्य मे मिथिलेश महतो, विशाल नायक एवं मुकेश राउत एवं अन्य लोग इसमें इनका सहयोग कर रहे हैं। वैश्विक महामारी बन चुके कोविड-19 नोबल कोरोना वायरस के प्रति सचेत करने और स्वच्छता के लिए जागरूकता के उद्देश्य से समाजसेवी अमित कुमार राउत ने खाना देते वक्त लोगों के हाथ सेनेटाइज करवाकर एवं सोशल डिस्टेंसिनग का ख्याल रखते हुए उनको खाना देते हैं।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो दिशा-निर्देश हमें सरकार के तरफ से मिले हैं, उनका पालन हम सभी को शत-प्रतिशत करना है। सोशल डिस्टेंस बनाये रखना है, ओर अधिक जरूरत नही हो तो घर से बाहर बिल्कुल नही निकलें।

इस मौके पर समाजसेवी श्री राउत ने लोगों से कहा कि बहुत जरूरत होने और ही घर से बाहर निकालें, ओर मास्क लगाएं एवं घर से बाहर जाने-आने के क्रम में हाथ को बढ़िया से धोएं ओर साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

उन्होंने लोगों से उनके घर-घर जाके अपील करते हुए कहा कि चूंकि बिहार में ये वायरस का प्रकोप कुछ ज्यादा ही बढ़ गया हुआ है, इसलिए पुनः लॉक डाउन लगाया गया है। आज के तारीख में ये कोरोना वायरस एक महामारी बन चुका है, इसलिए अपने यहां भी हम इसके प्रभाव से बचने के लिए इससे बच कर रहें।

सुमित राउत

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