10 सितंबर : मधुबनी की मुख्य ख़बरें

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स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट के आरक्षित टिकटों की हुई रिकार्ड तोड़ बिक्री

  • 6धंटे में 26 दिनों की हुई अग्रिम बुकिंग

मधुबनी : सम्पूर्ण लॉकडाउन के बाद जब रेलवे बोर्ड ने अब नए दिशा-निर्देश दिए, तो उसमें जयनगर-नयी दिल्ली के बीच चलने वाली 02561/62 स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट ट्रेन की गुरूवार से शुरू हुई।

अग्रिम आरक्षित टिकट ने रिकार्ड कायम कर दिया है। सुबह के 8बजे से बुकिंग शुरु होने के कुछ ही मिनटो मे करीब एक सप्ताह का टिकट बिक गया। बुकिंग शुरु होने के 6 धंटे बाद से करीब 2 बजे दिन तक इस ट्रेन मे 3 अक्टूबर तक का टिकट बिक गया।

गौरतलब है कि इलाके के यात्रियो के बीच दिल्ली जाने के लिए लोकप्रिय इस ट्रेन मे दस स्लीपर कोच, तीन सेकेन्ड क्लास कोच, तीन थ्री टियर एसी क्लास, तीन सेकेन्ड टियर एसी क्लास, एक फर्स्ट टियर एसी क्लास एवं दो एसएलआर कोच रहता है।कोरोना लौकडाउन की वजह से ट्रेन बीते 22मार्च से बंद थी। अब 12 सितम्बर से परिचालन होना है। गुरुवार को इस ट्रेन की बुकिंग शुरू होने से पहले से ही स्टेशन स्थित बुकिंग काउन्टर एवं आईआरसीटीसी के मान्यता प्राप्त काउन्टर पर टिकट लेने वाले यात्रियो की भीड़ उमड़ पडी़। जयनगर रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिये कई बार रेल जीआरपी को हस्तक्षेप करना पडा़, और देखते-ही-देखते आगामी 3 अक्टुबर तक का टिकट बिक गया।

विधानसभा चुनाव को ले भाजपा युवा मोर्चा की बैठक, तैयारियों की हुई समीक्षा

मधुबनी : भारतीय जनता युवा मोर्चा का कार्यकारी बैठक का आयोजन सूड़ी विवाह भवन जयनगर में किया गया। इस बैठक का मुख्य विषय आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे बिहार में बस्तर पर 10 डिजिटल योद्धा का टीम गठन करना है। टीम में 5 भारतीय जनता मोर्चा और 5 कमल क्लब के सदस्यों को लेकर गठन किया गया।

आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष मृणाल कुमार ने किया, और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राहुल राज और पूर्व विधायक अरुण शंकर प्रसाद थे।

इस कार्यक्रम में भाजपा जयनगर नगर अध्यक्ष राजकुमार साह, भाजपा ग्रामीण जयनगर प्रखंड अध्यक्ष किशुनदेव सहनी, विवेक सिंह, राजा बाबू, रोशन राजपूत, मुकेश कुमार, नागेंद्र ठाकुर, ओम कुमार, मीडिया प्रभारी राहुल वर्मा कसेरा सहित अन्य दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मधुबनी में लोक जनशक्ति पार्टी का जिला प्रधान कार्यालय का हुआ उद्घाटन

मधुबनी : नगर के स्टेशन रोड के पास स्थित टाउन क्लब मैदान के अंदर नए भवन में लोक जनशक्ति पार्टी का जिला प्रधान कार्यालय का जिलाध्यक्ष बचनु मंडल की अध्यक्षता में विधिवत रुप से उद्घाटन सम्पन्न हुआ।

इस कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश प्रधान महासचिव डॉक्टर शाहनवाज अहमद कैफी एवं पूर्व विधान पार्षद सह लोजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह सहित जिला एवं प्रदेश के वरिष्ठ नेताओ एवं कार्यकर्ताऑ ने भाग लिया। सभी आगत अतिथियों को मिथिला की परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया।

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद जनशक्ति पार्टी के प्रदेश प्रधान महासचिव डॉक्टर शाहनवाज अहमद कैफी एवं पूर्व विधान पार्षद सह लोजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह ने प्रेस को भी संबोधित किया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रारंभिक शिक्षक संघ के पूर्व महासचिव द्वारा संघ पर लगाया गया आरोप निराधार

मधुबनी : बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल के प्रखंड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव एवं प्रधान महासचिव मनोज कुमार प्रभाकर के द्वारा संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि पूर्व महासचिव के द्वारा संघ पर लगाया गया आरोप निराधार एवं तथ्यहीन है। पूर्व महासचिव वर्षों से संघ के महासचिव पद पर आसीन थे, लेकिन उन्होंने शिक्षकों की समस्या को हल करने में दिलचस्पी कभी नहीं दिखाई। इसका परिणामस्वरूप 02 फ़रवरी को लोकतांत्रिक तरीके से संगठन का चुनाव हुआ, उसमें उनकी करारी हार हुई और शिक्षकों के बीच लोकप्रिय रहे विनोद कुमार यादव को शिक्षकों ने भारी समर्थन देकर पुनः अपना अध्यक्ष चुन लिया और प्रधान सचिव पद पर मनोज कुमार प्रभाकर चुना गया।

पूर्व प्रधान सचिव हार के कारण संघ पर गलत आरोप मढ़ रहे है, जो कहीं से भी न्यायोचित नहीं है। बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल हमेशा ही शिक्षकों की हित की बात करती है। संघ के द्वारा शिक्षकों की समस्या का समाधान करती आ रही है, और करती रहेगी। इसका उदाहरण फरवरी 2020 को देखने को मिला और संघ के चुनाव 400 से अधिक संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया, और संघ के प्रति अपनी आस्था दिखायी।

इस प्रेसवार्ता में उपस्थित सदस्यो में विनोद कुमार यादव(अध्यक्ष), मनोज कुमार प्रभाकर(प्रधान सचिव), रोशन कुमार(कोषाध्यक्ष), रामनाथ पासवान(प्रखंड प्रवक्ता), श्री देव प्रसाद(मीडिया प्रभारी), विजय कुमार राम, दीपमाला कुमारी, रेखा कुमारी, मो० जलाल, इंद्रजीत कुमार, अरुण कुमार सिंह एवं अन्य दर्जनों शिक्षक मौजूद रहे।

कोरोना काल मे माँ बनने से पूर्व करें सम्पूर्ण तैयारी

मधुबनी : कोरोना काल में भी जो महिलाएं मां बनने का सपना देख रही है, वह सुरक्षित तरीका व चिकित्सीय परामर्श लेकर सुरक्षित प्रसव के साथ स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को संक्रमण के मद्देनजर विशेष रुप से सावधानी बरतनी होगी। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी खासा ध्यान रखना होगा। मां बनने से पूर्व उन महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी होगी, ताकि अंतिम क्षणों में कोई समस्या ना हो सके।

इस संबंध में निजी चिकित्सक डॉ प्रह्लाद कारक ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में वैसे तो सभी को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर मां बनने वाली महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

डॉ० कारक के अनुसार गर्भावस्था के 4 चरण होते हैं- पूर्व गर्भावस्था, गर्भावस्था के दौरान, प्रसव अवधि और प्रसव के बाद। इन चारों चरणों के दौरान महिलाओं को सावधानियां बरतना आवश्यक है।

डॉ० कारक ने कहा कि जब कोई महिला मां के लिए तैयार हो या योजना बना रही हो तो सब से पहले किसी स्त्रीरोग विशेषज्ञा से मिलें। इससे स्वस्थ प्रेगनेंसी प्लान करने में सहायता मिलेगी। गर्भधारण करने के 3 महीने पहले से जिसे प्री-प्रेगनेंसी पीरियड कहते हैं। डॉक्टर के सुझाव अनुसार जीवनशैली अपनाने से गर्भावस्था के दौरान होने वाली समस्याएं भी कम होती हैं, और प्रसव के बाद रिकवर होने में भी सहायता मिलती है।

मां बनने से पूर्व अपने मेडिकल हिस्ट्री से डाक्टर को कराए अवगत, कराए जांच

डॉ० कारक ने जानकारी दी कि फाइब्रौयड्स और ऐंडोमिट्रिओसिस की संभावना के लिए भी जांच करवा लेनी चाहिए। अगर उनके परिवार में डाउन सिंड्रोम, थैलेसीमिया का इतिहास रहा है तो इस बारे में भी डॉक्टर को बताएं। अगर मूत्रमार्ग संक्रमण होने की जरा भी संभावना हो तो पेशाब की पूरी जांच जरूर करा लें। समस्या निकलने पर गर्भधारण करने से पहले पूरा इलाज कराएं। कहीं किसी को डायबिटीज, थायराइड, अस्थमा, किडनी, हृदय संबन्धित तो नहीं है। यदि ऐसी कोई शिकायत है तो प्रैगनैंसी से पहले उसे कंट्रोल जरूर कर लें। गर्भ से पहले एचआईवी, हैपेटाइटिस बी सिफिलिस आदि टैस्ट जरूर करवा लेने चाहिए ताकि प्रैगनैंसी या डिलिवरी के समय यह इन्फैक्शन बच्चे में न चला जाए।

डॉक्टर के परामर्श से निम्नलिखित जांच ज़रूरी

डॉ० कारक ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबीन, अल्ट्रासाउंड जाँचें आवश्यक हैं। साथ ही ब्लड टैस्ट करा कर यह भी देख लेना चाहिए कि चिकनपौक्स जैसी बीमारियों से बचाने वाले टीके लगे हैं या नहीं. कहीं आप को इन बीमारियों का खतरा तो नहीं, क्योंकि ऐसे इंफेक्शन कोख में पल रहे भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सर्वाइकल स्मीयर टैस्ट जरूर करवाए। स्मीयर जांच सामान्यतया गर्भावस्था में नहीं कराई जाती है, क्योंकि गर्भावस्था की वजह से ग्रीवा में बदलाव आ सकते हैं और सही रिपोर्ट आने में कठिनाई हो सकती है। अगर वजन ज्यादा है और बॉडी मास इंडैक्स (बीएमआई) 23 या इस से अधिक है, तो वजन कम करने की कोशिश करनी चाहिए। वजन घटाने से गर्भधारण करने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं और गर्भावस्था की सेहतमंद शुरुआत कर सकती हैं। अगर वजन कम है तो डाक्टर से बीएमआई बढ़ाने के सुरक्षित उपायों के बारे में बात करें। इस परिस्थिति में माहवारी चक्र अनियमित रहने की भी संभावना अधिक होती है. इस से भी गर्भधारण में समस्याएं आती हैं। गर्भावस्था में बीएमआई 18.5 और 22.9 के बीच होना चाहिए।

डॉ० कारक ने कहा कि इन बातो का ध्यान रख गर्भ धारण करने में भी कम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और साथ ही 9 महीने तक हेल्थी गर्भावस्था का आनंद उठा पाएंगी।

गर्भावस्था के दौरान किये जाने वाले टीकाकरण

1).हेपेटाइटिस बी वैक्सीन

अगर प्रेग्नेंसी के दौरान मां को हेपेटाइटिस-बी संक्रमण है, तो यह जन्म के बाद शिशु को भी हो सकता है। इससे नवजात शिशु को भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं हो सकती हैं। नवजात बच्चे और मां को संक्रमण से बचाने के लिए हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना अनिवार्य होता है।

2). डीपीटी वैक्सीन

डिप्थेरिया, टेटनेस और पर्टुसिस का टीका गर्भवती महिला को 20वें से 28वें सप्ताह के बीच डीपीटी का टीका लगाना बहुत जरुरी है क्यूंकि नवजात में होने वाले काली खांसी का खतरा टल सकता है। काली खांसी से कभी-कभी नवजात की जान भी जा सकती है।

3). फ्लू वैक्सीन

गर्भावस्था के दौरान महिला की इम्युनिटी पॉवर कम हो जाती इसलिए फ्लू वैक्सीन लगवाना जरुरी है। फ्लू वैक्सीनेशन के बाद गर्भवती महिला को इंजेक्शन लगने वाली जगह पर सूजन होने के साथ बुखार भी हो सकता है।

4). व्हूपिंग कफ (काली खांसी) का टीका

निमोनिया और मस्तिष्क की सूजन जैसी की गंभीर जटिलताओं के कारण व्हूपिंग कफ यानी काली खांसी होती है। यह स्थिति भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकती है। प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही (गर्भावस्था के 27 और 36 सप्ताह के बीच) में डॉक्टर यह टीका लगवाने की सलाह देते हैं।

5). इंफ्लुएंजा का टीका

गर्भवती महिलाओं (दो सप्ताह के प्रसव के बाद) की इम्युनिटी की वजह से हृदय और फेफड़े फ्लू से प्रभावित हो सकते हैं। गर्भ में पल रहे शिशु के लिए यह स्वास्थ्य स्थिति हानिकारक हो सकती है। इसलिए, गर्भवस्था में टीकाकरण के दौरान इंफ्लुएंजा का टीका लगवाना जरूरी है। शोध बताते हैं कि प्रेग्नेंट महिलाओं को दिया जाने वाला इन्फ्लुएंजा का टीका छह महीने की आयु तक के शिशुओं में इन्फ्लूएंजा बीमारी होने की संभावना को 63% तक कम कर देता है।

पोषण माह के तहत हाथ धुलाई कार्यक्रम का आयोजन

  • किशोरियों एवं माताओं को किया पोषण के प्रति जागरूक

मधुबनी : राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिले में प्रतिदिन गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के सभी प्रखंडो के आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाथ धुलायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर किशोरियों एवं माताओं को पोषण पर जागरूक भी किया गया। हाथ धुलायी कार्यक्रम के तहत बच्चों एवं माताओं को हाथ साफ करने की 10 विधियों का प्रदर्शन कर उन्हें जानकारी दी गयी। बच्चों एवं महिलाओं को पोषण पर संदेश भी दिया।

डीपीओ रश्मि वर्मा ने बताया राष्ट्रीय पोषण माह को सफल बनाने के लिए आम जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। इसी क्रम में ही हाथ धुलायी कार्यक्रम जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया है। साथ ही इस दौरान किशोरी एवं माताओं को पोषण पर जागरूक करने के लिए किशोरियों एवं माताओं की आंगनबाड़ी सेविका द्वारा घर-घर जाकर गर्भावस्था में बेहतर पोषण, 4 प्रसव पूर्व जांच, एनीमिया की रोकथाम के लिए किशोरी एवं गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन की गोली जैसे विषयों पर जानकारी दी गयी है। साथ ही कोविड 19 संक्रमण से बचावकी भी जानकारी दी गयी।

बीमारी से बचा सकती है सफाई :

सफाई ही बीमारी से लड़ने का पहला हथियार होता है। बीमारियों के संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका सफाई का पहला चरण खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोना होता है। इसी उद्देश्य को लेकर हाथ धुलाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस अवसर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाथ धोने के सही तरीकों के बारे में बताया गया। साथ ही इससे होने वाले फायदों की जानकारी भी दी गई।

सामुदायिक गतिविधियों से पोषण पर जागरूकता :

पोषण माह के तहत सामुदायिक स्तर पर आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों का विशेष आयोजन किया किया जा रहा है। जिसमें अन्नप्राशन दिवस, गोदभराई एवं प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा दिवस के आयोजन मुख्य रूप से शामिल है।

पोषण के पाँच सूत्रों पर बल:

पोषण अभियान के जिला समन्वयक स्मित प्रतीक सिन्हा ने बताया पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य पोषण अभियान को जन-आंदोलन बनाना है ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग पोषण की जरूरत को समझ सके। पोषण अभियान के तहत ही सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में बनाया जा रहा है। इस पोषण माह में आम लोगों को पोषण पर जागरूक करने के लिए सामुदायिक स्तर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों पर ज़ोर दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषण त्योहार से व्यवहार परिवर्तन के लिए पोषण के पाँच सूत्र दिये गए हैं। जिसमें पहले सुनहरे 1000 दिन, पौष्टिक आहार, अनीमिया प्रबंधन, डायरिया रोकथाम एवं स्वच्छता को शामिल किया गया है।

सुमित राउत

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