बिहार में यूपी के शिक्षा माफियाओं का खेल जारी, PMO ने राज्यपाल को दिल्ली बुलाया, LNMU में 2.56 करोड़ का घोटाला!

0

पटना : मगध, पूर्णिया, पाटलिपुत्र, मौलाना मजहरुल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय के बाद अब ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। वहीं दूसरी ओर, हाल के दिनों में बिहार के विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनियमितता के मामले बाहर आने के बाद पीएमओ ने राज्यपाल को तलब किया है। राज्यपाल फागू चौहान बुधवार को दिल्ली पहुंचेंगे, जहां उनसे विश्वविद्यालयों से संबंधित सवालों के जवाब मांगे जाएंगे।

LNMU मामले में भ्रष्टाचार के आरोप का खुलासा कोई और नहीं बल्कि सरकार के सत्ता पक्ष के विधायक और भाजपा नेता संजय सरावगी ने किया है। दरअसल, भाजपा विधायक द्वारा बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर सचिव को जून महीने में एक पत्र लिखा गया था जो विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के खेल का उजागर करता है। भाजपा विधायक के पत्र में लिखा गया है कि ललित नारायण मिथिला विवि के कुलपति द्वारा चहारदीवारी, केंद्रीय लाइब्रेरी भवन, गांधी सदन के सामने तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 2 करोड़ 56 लाख रुपये का काम बिना टेंडर निकाले किया गया है। बताया जा रहा है कि निविदा निकलने के पहले से ही संवेदक के द्वारा काम भी शुरू करवा दिया गया था।

भाजपा नेता ने कहा कि सरकार का ये नियम है कि 15 लाख से अधिक के कार्य का टेंडर कम समय में नहीं निकाला जाय, बल्कि इसके लिये ई-टेंडर किये जाने का प्रावधान है। लेकिन, विवि प्रशासन ने सरकार के इस नियम को तोड़ते हुये अपने करीबी संवेदक को लाभ पहुंचाने को लेकर टेंडर प्रकाशित नहीं किया।

भाजपा विधायक का कहना है कि 15 जून को टेंडर की अंतिम तारीख रखी गई थी लेकिन काम एक महीना पहले से ही संवेदक द्वारा शुरू कर दिया गया।

वहीं, इस पूरे मामले को लेकर छात्र संगठनों के नेताओं ने भी विद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय और राजभवन लूट का अड्डा बना हुआ है। जब सत्ता दल के नेताओं की बात नहीं सुनी जा रही तो आम लोगों की बात क्या सुनी जाएगी।

वहीं, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने गत दिनों बड़ी कार्रवाई करते हुए मगध विश्वविद्यालय के कुलपति राजेन्द्र प्रसाद यादव के वीसी आवास और गोरखपुर में उनके निजी घर पर एक साथ छापेमारी की थी। वीसी के घर से करीब 2 करोड़ कैश मिले हैं। 1 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे।

इस प्रकरण के बाद लोगों को यह उम्मीद थी कि राजभवन राजेन्द्र प्रसाद पर कार्रवाई करेगी। लेकिन, कार्रवाई के बदले राजभवन ने एमयू वीसी को मेडिकल लीव दे दी है। राज्यपाल फागू चौहान ने मगध विश्वविद्यालय के कुलपति को 24 नवम्बर से 23 दिसम्बर तक छुट्टी पर जाने की अनुमति दे दी है। साथ ही विश्वविद्यालय के प्रो वीसी विभूति नारायण सिंह को कुलपति का प्रभार दिया गया है।

swatva

Leave a Reply