राजद कार्यालय में स्वर्गीय रघुवंश बाबू की प्रतिमा स्थापित करें तेजस्वी यादव : भाजपा

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पटना : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव राजद कार्यालय में स्वर्गीय रघुवंश बाबू की प्रतिमा और उनको अपने सारे प्रमुख बैनर और होर्डिंग में स्थान दें, तभी स्वर्गीय रघुवंश बाबू का सही सम्मान होगा, सिर्फ वोट की सियासी नाटक और खेल नहीं करें।

सिंह ने कहा कि वैसे डर यह कि तेजस्वी यादव वही व्यक्ती हैं जो सत्ता प्राप्ति के लिए विधानसभा चुनाव में अपने माता-पिता का फोटो होडिंग बैनर से गायब कर दिए थे। बिहार में और कोई दूसरा ऐसा उदाहरण सत्ता लोलुप व्यक्ति का नहीं मिलेगा।

अरविन्द ने कहा कि वैसे तो परिवार की पार्टी राजद में विकृत संस्कृति की स्थापना सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने ही किया था। लेकिन, उस विकृत संस्कृति से चलने वाली राजद जब स्वर्गीय रघुवंश बाबू जिंदा थे, तो उनकी प्रतिष्ठा से एक लोटा पानी तक निकाल लेने का काम राजद में लालू प्रसाद के दोनों सुपुत्रों ने किया था।

जबकि राजनैतिक संत, काजल की कोठरी में बेदाग छवि के राजनेता, प्रखर वक्ता, ग्रामीण शैली के साथ जीवन जीने वाले बिहार के राजनीति में बेबाक रूप से अपना विचार रखने वाले समाजवादी विचारधारा के नेता स्व रघुवंश बाबू बहुत दर्द समेट कर आज ही के दिन इस दुनिया से विदा लिए थे।

भाजपा नेता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सजायाफ्ता पिता से सीखे हुए सियासी विद्या में सत्ता और कुर्सी के लिए किसी भी दुर्गुणों का सहारा लेने का जो विद्या सीखा है। उसमें जात-पात, धार्मिक उन्माद, किसी को अपमानित करना जोर जबरदस्ती, भय का वातावरण, खरीद-फरोख्त, गरीबी, अशिक्षा व बेरोजगारी को बढ़ावा देना यह सब आम बात है। शैक्षणिक योग्यता तो प्राप्त नहीं कर सके। लेकिन, सत्ता लोलुपता की संस्कृति के सारे गुणों का ज्ञान उन्होंने प्राप्त किया है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव में गजब की सियासी मौकों पर पकड़ है। कब जनता को बरगलाना है, कब किसका मैंने विरोध किया है, उस के पक्ष में बोलना है, कब जातीय उन्माद फैलाना है, कब धार्मिक उन्माद फैलाना है, किसको प्रताड़ित किए हैं, उसको कब मान सम्मान देने का सरकार से मांग करना है, भले खुद दें या ना दे। इन सभी चीजों का गजब का अनुभव अपने पिता से प्राप्त किए हैं।

swatva

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