गलत प्रतिवेदन देना बीडीओ को पड़ा महंगा, डीएम ने जड़ा पांच हजार जुर्माना

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गया : लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत गया डीएम अभिषेक सिंह ने द्वितीय अपील के कुल 21 मामलों की सुनवाई की जिसमें कई मामलों का त्वरित निष्पादन किया। अपीलार्थी सुनील कुमार, ग्राम कराई, थाना कोंच द्वारा दायर परिवाद पत्र पर अशोक कुमार तत्कालीन लिपिक लोकपाल मनरेगा द्वारा परिवादी से अवैध राशि की मांग की गई थी जिसके उपरांत डीएम द्वारा संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा गया था। जवाब न देने पर अधिकारी के निलंबन का आदेश दिया गया।

अपीलकर्ता राम कुमार सिंह, ग्राम चैता, प्रखंड टिकारी गया के अपील की सुनवाई के क्रम में संबंधित पदाधिकारी अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने आज सुनवाई में अनुपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध 500 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया। अपीलकर्ता संजय कुमार एवं विनोद कुमार द्वारा सरकारी चापाकल को रामकिसुन यादव द्वारा घेराबंदी कर कब्जा कर लेने के संबंध में परिवाद दायर किया गया था जिसमें बीडीओ एवं सीओ बाराचट्टी को संयुक्त रूप से जांच कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। आज सुनवाई के क्रम में परिवादी उपस्थित एवं बीडीओ-सीओ अनुपस्थित थे इस पर डीएम ने बीडीओ-सीओ पर सुनवाई के क्रम में अनुपस्थित रहने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया साथ ही बीडीओ/सीओ के द्वारा प्रतिवेदन दिया गया था कि अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है। लेकिन सुनवाई के दौरान पता चला कि अतिक्रमण को हटाया नहीं गया है। इस पर डीएम ने बीडीओ, बाराचट्टी पर गलत प्रतिवेदन देने के आरोप में 5000 रुपए का जुर्माना लगाया।

swatva

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