22 जनवरी : दरभंगा की मुख्य खबरें

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नटराज डांस एकेडमी तथा शिक्षकों द्वारा होगा राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतीकरण

दरभंगा : सी एम कॉलेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य प्रो० विश्वनाथ झा की अध्यक्षता में महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें निर्णय लिया गया कि आगामी 25 जनवरी, 2021 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पूर्वाह्न 11:00 बजे से सेमिनार हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्मिक प्रस्तुति के अंतर्गत गायन तथा नृत्य का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से नटराज डांस एकैडमी, दरभंगा के निदेशक मोहित खंडेलवाल साधनसेवी के रूप में अपनी टीम के साथ सहभागिता प्रदान करेंगे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा भी प्रस्तुति दी जाएगी।

बैठक में सांस्कृतिक समिति कि संयोजिका प्रो० इंदिरा झा, प्रो० मंजू राय, संस्कृत विभागाध्यक्ष, डा० आर एन चौरसिया,हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो० अखिलेश कुमार राठौर, उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ० जफर आलम, डा० दिव्या शर्मा, डा० रीता दुबे, डा दिव्या झा, डा० मयंक श्रीवास्तव, डा० शैलेंद्र श्रीवास्तव, प्रो संजय कुमार, डा० अब्दुल हई तथा विपिन कुमार सिंह आदि ने भाग लिया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से छात्र-छात्राओं में राष्ट्रभक्ति की भावना तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति अभिरुचि पैदा करना है।उन्होंने बताया कि महाविद्यालय द्वारा वसंतोत्सव के अवसर पर छात्र-छात्राओं के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भी आयोजन बृहत स्तर पर किया जाएगा।

अपनी कमजोरियो को अवसर में बदल सकते है : कुलपति

दरभंगा : सेमिनार से स्वमूल्यांकन का एक मौका मिलता है। इन्हीं मूल्यांकन से हमलोग अपनी कमजोरियो को अवसर में बदल सकते है। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ई सेमिनार के उदधाटन के अवसर पर कुलपति सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कही। उन्होंने कहा देश मे बिहार एक ऐसा राज्य है जहाँ विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर विभाग में केवल स्नातकोत्तर शिक्षा के साथ शोधकार्य किये जाने का परिनियम है। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल युग मे लोग चाहें तो अच्छा और उपयोगी रिसर्च प्रोजेक्ट बनाकर शोध कर सकते हैं जो देश और समाज के हित में होगा।

प्रोजेक्ट के लिये बहुत सी एजेंसी फण्ड भी मुहैया कराने को तैयार रहती है। एस डब्ल्यू ओ टी ( स्ट्रेन्थ्स , विकनेसेज, आपरचुनिटीज और थ्रेट्स) का नियम हर संकाय में लागू होता है। एस का अर्थ स्ट्रेंथ और डब्लू का अर्थ वीकनेस है। अपने वीकनेस को कैसे स्ट्रेंथ में बदल सकते है। ओ का अर्थ ओपोरचुनिटी है और टी का अर्थ थ्रेट होता है। डर को अवसर में बदल सकते हैं। माननीय कुलपति ने विभागाध्यक्ष , गणित विभाग प्रोफेसर एन के अग्रवाल को ऐसे सामयिक विषय पर सेमानर आयोजित करने के लिये साधुबाद देते हुए कहा “द सो मस्ट गो ऑन।” कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। सभी मंचासीन अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

प्रतिकुलपति प्रोफेसर डॉली सिंन्हा ने कहा कि गणित के एप्पलीकेशन से मानव जीवन को सभ्य बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा बच्चा भी बोलने से पहले गणित के भाव का इजहार करता है। एक और ज्यादा टॉफी रखने पर बच्चा अधिक की ओर जाता है। जीवन के हर काम मे गणित का प्रयोग किया जाय तो जीवन जीने का आनंद बदल सकते हैं। बायो मैथेमेटिक्स से चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांति आई है। मूर्तिकार अनपढ़ होकर भी अपने गणित की सहायता से अपना काम कुशलतापूर्वक करता है।

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