18 जनवरी : दरभंगा की मुख्य ख़बरें

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मानव श्रृंखला में सीएम कॉलेज के 300 से अधिक व्यक्तियों की होगी भागीदारी

दरभंगा : जल-जीवन और हरियाली हमारे जीवन का आवश्यक एवं अभिन्न अंग है, परंतु आज इसकी समस्याएं वैश्विक एवं चिंतनीय रूप ले लिया है। कल के मानव श्रृंखला का उद्देश्य सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर चेतना विकसित करना है। जल-जीवन व हरियाली और नशा मुक्ति के समर्थन और दहेज-प्रथा व बाल-विवाह के विरोध में आयोजित मानव श्रृंखला एक सराहनीय प्रयास है। इस श्रृंखला से निश्चय ही सामाजिक जागृति आएगी। उक्त बातें सी एम कॉलेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य डॉ मुश्ताक अहमद ने कहा।

उन्होंने कल आयोजित होने वाली मानव- श्रृंखला का पूर्वाभ्यास कराते हुए महाविद्यालय के शिक्षकों-शिक्षकेतर कर्मियों एवं छात्र-छात्राओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि सरकार की इस अच्छी पहल में हर व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी आवश्यक है।

महाविद्यालय परिसर में आयोजित पूर्वाभ्यास में मुख्य रूप से प्रो विश्वनाथ झा,डॉ पी के चौधरी,डॉ अवनि रंजन सिंह, डॉ आरएन चौरसिया, डॉ संजीत कुमार झा, डॉ रीता दुबे, प्रो रमण बिहारी लाल, डॉ शैलेंद्र श्रीवास्तव, प्रो राजानंद झा, डॉ नरेंद्र झा, डॉ मयंक श्रीवास्तव, डॉ सुरेश पासवान, डॉ मीनाक्षी राना, प्रो शिप्रा सिन्हा, डॉ सुधांशु कुमार, डॉ नीरज कुमार, डॉ राफिया काजीम, डॉ रुद्रकांत अमर, प्रो अभिलाषा कुमारी, प्रो विद्या झा, डॉ अखिलेश कुमार विभु आदि ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

महाविद्यालय के एनएसएस पदाधिकारी प्रो अखिलेश राठौर तथा डॉ प्रीति त्रिपाठी ने बताया कि महाविद्यालय के एनएसएस एवं एनसीसी के तत्वावधान में उक्त मानव- श्रृंखला में 300 से अधिक व्यक्ति भाग लेंगे,जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा कॉलेज को किलाघाट से शिवाजीनगर तक लगभग 1 किलोमीटर का स्थान निर्धारित किया है।

5 अरब साढ़े 91 करोड़ के घाटे का बजट पारित

दरभंगा : कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में शनिवार को दरबार हॉल में कुलपति प्रो0 सर्व नारायण झा की अध्यक्षता में सीनेट की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो0 चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह ने सदन के समक्ष वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पांच अरब 91 करोड़ 44 लाख 33 हजार 573 रुपये के घाटे के बजट को पटल पर रखा जिस पर सीनेट ने अपनी मुहर लगा दी। अब इसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

पारित बजट में कुल व्यय पांच अरब 94 करोड़ पांच लाख 56 हजार 673 रुपये दिखाया गया है जबकि कुल आय दो करोड़ 61 लाख 23 हजार एक सौ रुपया है। इस घाटे को राज्यानुदान के अलावा आंतरिक श्रोतों को बढ़ाकर एवं विभिन्न मदों के खर्चे में कटौती कर पूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है। बजट में व्यय मद को कई खंडों में विभक्त कर विश्वविद्यालय मुख्यालय के पीजी, सम्बद्ध शास्त्री-उपशास्त्री कालेजों, अंगीभूत कालेजों के शिक्षकों एवम अतिथि शिक्षकों के वेतन मद में 55 करोड़ 26 लाख 56 हजार 414 रुपये का प्रावधान किया गया है।

वहीं इन संस्थानों समेत मुख्यालय के शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन मद में 20 करोड़ 16 लाख 87 हजार 117 रुपये को दर्शाया गया है। इस तरह वेतन मद में कुल 75 करोड़ 43 लाख 43 हजार 631 रुपये का प्रावधान किया गया है। सभी तरह के पेंशन मद में कुल 52 करोड़ 14 लाख 57 हजार 821 रुपये रखा गया है। वीसी एवम प्रोवीसी के लिए चिकित्सा मद में होने वाले खर्च की अनुमानित राशि 25 लाख रुपया दिखाया है। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकांत ने बताया कि कुल मिलाकर पारित बजट के अनुसार गैर योजना मद में पांच अरब 72 करोड़ 58 लाख20 हजार 597 रुपया एवम विभिन्न विकासात्मक कार्यों समेत अन्य योजना मद में 21 करोड़ 47 लाख 36 हजार 76 रुपये का प्रावधान किया गया है।

अन्य प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

सीनेट की बैठक में वार्षिक बजट के अलावा लाये गए अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए। इसी क्रम में 12 जनवरी 2019 को आयोजित सीनेट की बैठक की कार्यवाही की सम्पुष्टि की गई। साथ ही इस बैठक के निर्णयों के कार्यान्वयन प्रतिवेदन को भी हरि झंडी दे दी गयी। साथ ही 16 फ़रवरी 2019, 19 मार्च 19, 26 मार्च 19, 20 मार्चा 19, 9 मार्च 19 तथा 12 जनवरी 2020 दिवसीय सिंडिकेट यानी अभिषद की कार्यवाहियों के अनुमोदन पर भी आम सहमति रही।वहीं, 7 सितंबर 19 एवम 24 अक्तूबर 19 को आयोजित विद्वत परिषद की कार्यवाही एवम 2018-19 वर्षीय लेखा एवम वार्षिक प्रतिवेदन को भी अनुमोदित कर दिया गया।

मुरारी ठाकुर

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