14 अगस्त : दरभंगा की मुख्य ख़बरें

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संस्कृत की प्रासंगिकता पर संगोष्ठी

दरभंगा : संस्कृत भारतीय संस्कृति की वह निधि है जो हमेशा से ही समाज का पथ प्रदर्शक रहा है। यह ज्ञान-विज्ञान का सर्वश्रेष्ठ स्रोत है। संस्कृत में वर्णित मानवीय मूल्य सार्वदेशिक एवं सार्वकालिक हैं। आज की समस्त समस्याओं का निदान संस्कृत भाषा साहित्य में विद्यमान है। उक्त बातें सीएम कॉलेज, दरभंगा के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ रवीन्द्र नारायण चौरसिया ने संस्कृत भारती, दरभंगा तथा एपेक्स फाउंडेशन, दरभंगा के संयुक्त तत्त्वावधान में संस्कृत की प्रासंगिकता विषयक संगोष्ठी सह सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहा। उन्होंने कहा कि संस्कृत साहित्य में नैतिकता, राष्ट्रीयता तथा सामाजिकता का आदर्श रूप में वर्णित है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में शंभू झा, प्रभारी अस्पताल प्रबंधक, डीएमसीएच, दरभंगा ने कहा कि संस्कृत संस्कार परिपूर्ण भाषा है जो मुख्य रूप से भारत एवं नेपाल में बोली जाती रही है। संस्कृत व्याकरण को देखकर ही अन्य भाषाओं के व्याकरण विकसित हुए।

सम्मानित अतिथि के रूप में कोयलास्थान हाई स्कूल की शिक्षिका डॉ अंजू कुमारी ने कहा कि हमारी तरक्की एवं सभ्य आचार व्यवहार में संस्कृत भाषा का महत्वपूर्ण योगदान है। संस्कृत पढ़ने से हमारी स्मरण शक्ति बढ़ती है। मानवता की रक्षा तथा विश्व शांति हेतु संस्कृत का विकास आवश्यक है। अध्यक्षीय संबोधन में एपेक्स फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ केके चौधरी ने कहा कि पाणिनि में दुनिया का पहला व्याकरण ग्रंथ अष्टाध्यायी लिखा था, जो संस्कृत भाषा में है। संस्कृत दुनिया की सबसे पुरानी एवं पूरी तरह वैज्ञानिक भाषा है।

इस अवसर पर लैंगिक समानता के क्षेत्र में दरभंगा के लिए यूथ एंबेसडर बनाए गए उज्ज्वल कुमार को सम्मानित किया गया। एपेक्स फाउण्डेशन के अध्यक्ष डॉ केके चौधरी ने कहा कि उज्ज्वल ऐसे ही आगे बढ़कर समाज की सेवा करते रहे।

इस अवसर पर डॉ त्रिलोक झा, रामकुमार झा, पुरुषोत्तम झा आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत भारती की अंशु कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन छोटे कुमार चौधरी ने दिया।

लक्ष्मीनारायण रामेश्वर संस्कृत महाविद्यालय में हुआ पौधारोपण

दरभंगा : कमेश्वर सिंह दरभांगा संस्कृत विश्वविद्यालय की अंगीभूत ईकाई लक्ष्मीनारायण रामेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, जयदेवपट्टी के प्रांगण में महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर दिनेश्वर यादव की अध्यक्षता में वृक्षारोपण का कार्यक्रम बुधवार को सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक श्री कमलेन्द्र चक्रपाणि, डॉ प्रशांत कुमार प्रसून, डॉ गोपाल ठाकुर तथा कार्यालय सहायक सत्येन्द्र कुमार ठाकुर उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा आयोजित पाक्षिकव्यापी समर इन्टर्नशिप स्वच्छता कार्यक्रम के तहत पर्यावरण और मानव विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सभा को सम्बोधित करते हुए डॉ यादव ने कहा कि- ‘पर्यावरण की सुरक्षा हमारा पुनीत कर्तव्य है। पेड़-पौधों के कटने से वातावरण असंतुलित हो रहा है।’ वहीं हिन्दी के सहायक प्राध्यापक श्री कमलेन्द्र ने कहा कि पर्यावरण और मानव में अन्योनाश्रय सम्बन्ध है। डॉ प्रशांत कुमार प्रसून (समाजशास्त्र) ने पेड़-पौधों के कटने से कहीं बाढ़ कहीं सुखाड होने की बात कही। व्याकरण के  प्राध्यापक डॉ गोपाल ठाकुर ने संस्कृत सूक्ति से सभा का समापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

अखंड भारत दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

दरभंगा : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सीएम विधि महाविद्यालय इकाई द्वारा अखंड भारत दिवस के अवसर पर महाविद्यालय अध्यक्ष राकेश शाह एवं बृजमोहन सिंह के संयुक्त नेतृत्व में अखंड भारत दिवस पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर अभाविप के प्रदेश कार्य समिति सदस्य व विधि महाविद्यालय प्रभारी सुमित सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा सम्पूर्ण देश के महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय परिसरों में देश के एकता अखंडता को मजबूत करने के उदेश्य से 14 अगस्त को अखंड दिवस मनाया जाता है। अखंड भारत का संकल्प प्रति वर्ष दोहराना इसलिए भी आवश्यक है ताकि हमें ये याद रहे की हमें पुनः जुड़कर एक होना है।  जिस तरह स्वाधीनता से पहले प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए स्वाधीनता की भावना प्रेरणा का मुख्य स्रोत हुआ करती थी, उसी तरह स्वाधीनता के बाद अखण्ड भारत का स्वप्न प्रत्येक छात्रों के लिए प्रेरणा का मुख्य स्रोत होना चाहिए और इस स्वप्न को साकार करने के लिए युवा तरूणाई को आगे आना चाहिए।

हमे अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है  आज अखंड भारत दिवस पर हम सभी को इस बात का संकल्प लेना होगा की इस प्राचीन राष्ट्र को पुनः अपना खोया हुआ गौरव प्राप्त कराने और एक संगठित, समृद्ध, शक्तिशाली सामर्थ्यवान राष्ट्र का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ाना ही हमारी नियति है।  जिसे अपने पुरुषार्थ से हमें प्राप्त करना है।

इस अवसर पर महाविद्यालय एसएफडी प्रमुख आर्यन कुमार ने कहा कि जब 14 अगस्त को निज स्वार्थ पूर्ति हेतु देश का विभाजन किया जा रहा था।  तब एक बड़ा तबका आज का सहिष्णु लोग स्वार्थ सिद्धि में खामोश बैठे थे।  सत्ता के लालच ने हमारे हृदय को बंटवारा स्वरूप छल्ली करने का कार्य किया, देश मे अब भी वैसे अराजक तत्व विधमान है जो अब भी देश के टुकड़े होने का सपना देख रहा है, ऐसे तत्त्वों को हम छात्र शक्ति के माध्यम से आगाह करना चाहते हैं , किसी भी कीमत पर ऐसे लोगो का सपना साकार नही होने देंगे, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अखंड भारत के सपनों को साकार करने हेतु सदैव प्रयत्नशील है, जब भी देश मे विभाजनकारी तत्व सामने आया है, अभाविप के कार्यकर्ताओं ने उसका मुहतोड़ जवाब दिया है, धारा 370 समाप्ति के उपरांत आज सही मायने में कश्मीर से कन्याकुमारी, अटक से कटक तक एक भारत का सपना साकार हुआ है।

इस अवसर पर कौशल कुमार, विजय गौतम, नरेंद्र कुमार, नवनीत रंजन ने अपने विचार प्रकट किए। इस अखंड भारत कार्यक्रम में विजय सिंह, विकास कुमार झा, सूरज कुमार, दिनेश कुमार, सुभाष शर्मा भगवाधारी, कृष्णा कुमार, महेंद्र कुमार, आर्यन कुमार, आभा कुमारी, मोनालिसा कुमारी, अर्चना झा, चांदनी कुमारी, अनुपम प्रिया, बाबुल कश्यप, माधव झा सहित दर्जनों छात्र छात्रा इस अवसर पर उपस्थित रहे।

मुरारी ठाकुर

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