10 जून : आरा की मुख्य खबरें

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आरा की मुख्य ख़बरें

तीन बच्चों की मां के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म

आरा : भोजपुर जिले में जगदीशपुर थानान्तर्गत एक विवाहिता के साथ दुष्कर्म की का मामला प्रकाश में आया है. पति ने महिला के साथ जगदीशपुर थाना पहुंच बलात्कारी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भोजपुर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। जगदीशपुर थानाधय्क्ष ने बताया कि घटना शनिवार की है पर महिला समाज के लोक-लाज में पड़कर केस नहीं दर्ज करा रही थी। जब पीड़िता से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी अपने पति को बताई।

पति अपनी पत्नी के साथ जगदीशपुर थाना में बलात्कारी के खिलाफ नामज़द मुक़दमा दर्ज कराया। थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला गांव में बिना पति के सिर्फ बच्चों के साथ रह रही थी. पीड़ित महिला का पति दिल्ली में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है. इसी बीच दुष्कर्म की घटना की जानकारी जैसे ही पीड़िता के पति को मिली वो फौरन गांव पहुंचा और पत्नी के साथ थाना पहुंच कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। जगदीशपुर डीएसपी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जगदीशपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. पुलिस पीड़िता का बयान दर्ज कर आरा सदर अस्पताल में मेडिकल जांच करवाया गया है| पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है|

पानी लेने के लिए स्ट्रेन से उतरा था युवक ,चढ़ने के दौरान फिसल से हुयी मौत

आरा : पूर्व-मध्य रेलवे हाजीपुर के दानापुर रेल मंडल अंतर्गत आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रात ट्रेन की चपेट में आने से यूपी के पैथोलैब संचालक की मौत हो गई। हादसा ट्रेन पर चढ़ने के दौरान हुआ। रेल पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। मृतक उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के बहराइच थानान्तर्गत सलारगंज फातिमा कॉलोनी निवासी मो.अनवर का 28 वर्षीय पुत्र तालिब अनवर है। वह बहराइच में ही अपना पैथोलैब चलाता था।

लखनऊ जिला के नाका थाना क्षेत्र के नाका निवासी मृतक का दोस्त अमान रहमान ने बताया कि वह बीते रविवार को उसी की बारात में शामिल होने के लिए ट्रेन से लखनऊ से पश्चिम बंगाल के हावड़ा आया था। तालिब अनवर वापस अप हावड़ा-देहरादून स्पेशल ट्रेन से लौट रहा था। सिग्नल नही होने के कारण स्पेशल ट्रेन आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुक गई। तभी वह पानी लेने के लिए ट्रेन से उतरा। अभी वह पानी ले ही रहा था, कि ट्रेन खुल गई। इस दौरान वह दौड़कर ट्रेन पर चढ़ने लगा। चढने के दौरान उसका पैर फिसल गया जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों ने मिलकर कराई गरीब की दो बेटियों की शादी

आरा : बिहार के भोजपुर जिला में कोरोना काल में आर्थिक तंगी से लड़ रहे एक पिता को अपनी बेटियों की शादी परेशान कर रही त्घी तो भाई ने अपनी किडनी बेचनी की तैयारी कर ली थी पर इसी बीच ग्रामीणों को इस बाद की खबर लग गयी और उनलोगों ने मिलकर उस गरीब पिता मदद की तथा माँ ने भिक्षा मांगकर दो बेटियों की शादी करवा दी| दो बेटियों की शादी में कुछ लोगों ने पैसा दिया तो तो कुछ लोगों समान और खाद्य साम्रगी, जिसके बाद एक नहीं बल्कि दो बेटियों की शादी एक साथ एक ही परिवार के दो लड़कों से साथ हुई।

मामला भोजपुर जिले के कोइलवर क्षेत्र अंतर्गत कला पचरुखीया गांव का है। भोजपुर जिले के कोइलवर थानान्तर्गत पचरुखीया गांव के रामदेव महतो की दोनों बेटियों की शादी हुई। रामदेव महतो पेशे से मालगुजारी का काम करते है। शादी के लिए और लड़के वालों की डिमांड को पूरा करना उनके लिए बहुत मुश्किल था, जिसके बाद उन्होंने लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया तो किसी ने पैसे दिए तो किसी ने अन्य सामान. कला पचरुखीया निवासी रामदेव महतो को पांच लड़की और एक लड़का है। लड़का भी मजदूरी ही करता है।

रामदेव पहले ही अपनी बड़ी बेटी रिंकू की शादी करा चुके थे जिसके बाद आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसकी वजह से वो और बेटियों की शादी नहीं करा पा रहे थे. ऐसे में जब लड़के वाले शादी के लिए राजी हो गए तो रामदेव की आर्थिक स्थिति जवाब देने लगी। रामदेव ने मालगुजारी पर दो बीघा खेत लिया जिसमें एक बीघा में गेंहूं और बाकी में सरसों लगया पर मालगुजारी लिए हुए खेत में भी उसे नुकसान हो गया। इसके लिए उसने कर्ज लेकर बारह हजार रुपये चुकाए. लॉकडाउन के कारण कोई मजदूरी का काम नहीं मिल रहा था जिससे वो अपनी बेटी की शादी या घर का खर्चा चला पाए।

रामदेव की बड़ी बेटी रिंकू की शादी के बाद अब राधिका और राजकुमारी की शादी हुई. इसके बाद भी अभी रामदेव को दो लड़कियां ज्योति और अंजलि हैं जिनकी शादी करानी बाकी है. रामदेव की पत्नी संगमा महतो ने बताया कि उनकी दोनों बेटी की शादी तय हो गई लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से शादी नहीं हो रही थी। तभी उनका लड़का अपनी किडनी बेचने के लिए तैयार हो गया था लेकिन उन्होंने यह बात आरा में आरण्य देवी में स्थित एक पंडित से कही| वहां उपस्थित भक्तों और पंडित की मदद से यह शादी हो पा रही है. उन्होंने बताया कि उनके पास अपनी बेटियों को देने के लिए भी कुछ नहीं था लेकिन लोगों की मदद से लड़की के लिए कान की बाली और बक्सा दोनों बेटियों को दे रही है।

लड़की के भाई ओम प्रकाश ने बताया कि वो अपनी दोनों बहनों की शादी कर्ज लेकर कर रहा है. उन्होंने बताया कि वह अपनी किडनी बेचकर यह शादी करवाना चाहता था लेकिन मां ने मुझे रोक दिया और किसी तरीक़े से हमलोग भिक्षा लेकर अपनी बहनों की शादी करा पाए. मां आरण्य देवी मंदिर के पुजारी संजय मिश्रा ने बताया कि गरीब परिवार की कहानी सुनने के बाद हमलोगों ने मंदिर में आ रहे सभी भक्तों से इनकी दोनों बेटियों के लिए भिक्षा मांगी और शादी कराने का फैसला किया. इसके बाद कुछ लोगों ने पैसा दिया तो किसी ने अन्य सामग्रियों से मदद की, जिसके बाद लगभग 50 हजार तक की मदद लोगों ने की और दोनों बेटियों की शादी सम्पन्न हुई।

विश्व समपार दिवस पर साप्ताहिक अभियान चलाया गया

आरा : विश्व समपार फाटक दिवस के अवसर पर दानापुर रेल मंडल के संरक्षा विभाग ने सुरक्षा विषय पर आरा जंक्शन स्टेशन परिसर व पूर्वी गुमटी 48/A पर यात्री जागरूकता कार्यक्रम चलाया। जिसमे समपार फाटक जागरूकता रेलवे स्टेशन में यात्रियों को मानव रहित फाटक पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। आरा रेलवे जक्शन के स्टेशन प्रबंधक प्रवीण कुमार ने कहा कि मानव रहित लेवल क्रासिंग पार करने से पहले सुरक्षा मापदंडों को सुनिश्चित करे। इस दौरान यातायात निरीक्षक एनके राय व आरपीएफ इस्पेक्टर एसएन राम ने रेल क्रॉसिंग पार नही करने की सलाह दी।

एनके राय ने कहा कि गेट बंद रहने की स्थिति में कभी भी गेट पार ना करे तथा पटरी पार करने से पहले अपना वाहन रोके, पटरी के दोनों ओर देखे, आने वाली गाड़ी की आवाज सुने तथा ट्रैक सुरक्षित दिखाई दे तो ही आगे बढ़े। इस प्रकार भली भांति सुनिश्चित करे कि किसी भी ओर से कोई रेलगाड़ी तो नहीं आ रही है इसके बाद ही अपने वाहन को लेवल क्रासिंग के पार ले जाए। जनता देश के अनमोल धरोहर हैं और अपने परिवार के लिए अमूल्य है| अभियान के दौरान लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान रेल के स्टेशन प्रबंधक प्रवीण कुमार, संतोष कुमार, रेल यूनियन के अध्यक्ष मनोज पांडेय समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

दानापुर रेल मंडल में गुरुवार से समपार फाटक जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसमें 10 जून को अंतरराष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता मनाया गया। इस दौरान रेलकर्मी समपार फाटकों पर विशेष सुरक्षा अभियान चलाया और वाहन चालकों या स्थानीय लोगों को समपार फाटक करते समय पूरी सतर्कता रखने के बारे में जानकारी दी। समपार फाटक जागरूकता से संबंधित स्लोगन होंगे। इस बारे में समपार फाटकों पर स्काउट एंड गाइड, रेलवे सांस्कृतिक टीम, रेलवे सिविल डिफेंस, रेलवे स्पोर्ट्स संगठन जैसे संगठनों द्वारा नुक्कड़ नाटक का सभा का आयोजन होगाइस दौरान स्थानीय लोगो को समपार फाटकों हुई दुर्घटनाओं तथा ईयरफोन इस्तेमाल के खतरों से सावधान किया जाएगा।

दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में रेलकर्मी समपार फाटक पार करनेवाले वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को जानकारी देंगे।जानकारी के अनुसार दानापुर रेल मंडल में 10 से ज्यादा समपार फाटक हैं, जिनमें करीब 6 समपार फाटक मानवरहित हैं। एक फाटक बनाने में तीन से चार लाख रुपए तक का खर्च होता है, जिसमें गैटमेन की तनख्वाह अलग होती है। वहीं इन्टरलॉकिंग (सिग्नलवाला) गेट बनाने का खर्च 45 लाख के करीब हो सकता है।

इस अभियान में दानापुर रेल मंडल के आरा जंक्शन के लोगों को बिना सावधानी बरते चौकीदार रहित तथा सहित समपारों को पार करने से सम्बंधित खतरों के प्रति शिक्षित किया जाएगा। स्टेशन प्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि रेल यात्रियों के साथ-साथ सड़क उपयोगकर्ताओं की संरक्षा के लिए भी आवश्यक है कि सड़क वाहन सदैव समपार पर रुकें तथा सावधानीपूर्वक दोनों दिशा में आने वाली ट्रेन को देखें यदि कोई ट्रेन न दिखे तब सुरक्षित रूप से रेलवे समपार पार करें।

यातायात निरक्षक एनके राय के अनुसार अधिक से अधिक लोगों तक इस संबंध में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह जागरूकता अभियान स्कूल-कॉलेज विद्यार्थियों के बीच चलाया जाएगा। सप्ताह के दौरान स्कूलों तथा समपारों पर समपार जागरूकता स्लोगन वाली टोपियां, पोस्टर वितरित किए जाएंगे और समपारों पर विशेष जांच संरक्षा अभियान भी चलाए जाएंगे।

भोजपुरी चित्रकला के सम्मान हेतु आन्दोलन 10 वे दिन भी जारी

आरा : भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा आज लगातार दसवें दिन भोजपुरी चित्रकला को सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए कोरोना जागरूकता हेतु भोजपुरी चित्रकला शैली में स्ट्रीट आर्ट का अंकन आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर किया गया और भोजपुरी चित्रकला प्रदर्शनी भी रेल परिसर में लगाया गया।भोजपुरी चित्रशैली में अंकित कोरोना जागरूकता चित्र का सौंदर्य देखते ही बन रहा था।भोजपुरी चित्रकला को अंकित करने में मोर्चा के चित्रकार विजय मेहता, कमलेश कुंदन, रौशन राय, कृष्णेन्दु,कौशलेश कुमार,रूपेश कुमार पांडेय(ज्ञानपुरी), रूपा कुमारी ,शालिनी कुमारी, निक्की कुमारी आदि ने सराहनीय एवं उल्लेखनीय योगदान दिया।

सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मानव, भास्कर मिश्र, संजय कुमार सिंह, कमलजीत कुमार, अभिनव कुमार, रवींद्र भारती, नागेन्द्र पांडेय, मो0 राजू, पत्रकार ओ पी पांडेय, डब्ल्यू कुमार, संजय सिंह, नवीन प्रकाश,गोविंदा पासवान आदि ने कार्यक्रम में सहयोग कर आज के आयोजन को सफल बनाया। आज पूर्व रेलवे दानापुर के पदाधिकारी प्रकाश केशव को मोर्चा के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों ने भोजपुरी कला के चित्रकारों एवं संगठनों के नाम का ज्ञापन सौंपा।उनके द्वारा सकारात्मक कदम उठाए जाने की बात कही गई।

राजीव एन अग्रवाल की रिपोर्ट

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