11 अगस्त : आरा की मुख्य ख़बरें

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21 सितंबर : आरा की मुख्य ख़बरें

इमरजेंसी में रोस्टर के अनुसार नहीं बैठ रहे हैं डॉक्टर

आरा : कुछ डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अस्पताल अधीक्षक को सुचारू रूप से इमरजेंसी ड्यूटी करवाने में बाधा आ रही है। जिसका नतीजा है कि अस्पताल में समय पर ड्यूटी नहीं करने से मरीज हंगामा करते रहते हैं। इमरजेंसी में जाने पर पता चलता है कि जिस दिन जिस डॉक्टर की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी रहती है तो उस समय वे डॉक्टर उपलब्ध ही नहीं रहते है। ऐसी स्थिति में अस्पताल अधीक्षक को दूसरे डॉक्टर को ड्यूटी देनी पड़ती है। ऐसे में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रोस्टर को लेकर हमेशा से अस्पताल में विवाद रहा है।

सदर अस्पताल के इमरजेंसी में बंधन टोला निवासी श्रीकृष्ण सिंह सोमवार को इमरजेंसी में अपने बेटे राहुल के सर का चोट दिखाने आए थे। उनका कहना था कि इमरजेंसी में डॉक्टर थे ही नहीं, काफी देरी इंतजार करने के बाद डॉक्टर आए। लेकिन वे डॉक्टर सर्जन नहीं होने के कारण सिर्फ दवा लिख दिए। अस्पताल अधीक्षक डा सतीश कुमार सिन्हा ने बताया कि हमारे पास भी शिकायत मिलती है। इसकी जांच होगी। डॉक्टर के रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी नहीं करने पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय को पत्र भेजा जाएगा।

इतना ही नही| आरा सदर अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को जांच के नाम पर महीनों से गुमराह कर रहे है तथा उन्हें अपनी निजी क्लिनिक में आने को बाध्य भी कर रहे है|

सूचना के अनुसार रस्सी बगान के एक महिला अपनी पुत्री के अपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए आज करीब पांच महीनों से आरा सदर अस्पताल का चक्कर लगा रही है और डॉक्टर कभी कुछ और कभी कुछ बहना बना कर उसे दौड़ा रहे है| एक डॉक्टर ने तो साफ़ कह दिया कि उनके निजी क्लिनिक में आओ | आरा सदर अस्पताल में ऑपरेशन नही करेंगे| वो गरीब महिला ने लाचार होकर दूसरे डॉक्टर से संपर्क किया तो वे उसे बिना मतलब की जान्च के नाम पर दौड़ा रहे है|

कारतूस खर्च करने वाले व चार्जशीटेड लोगों के शस्त्र लाइसेंस किए जाएंगे कैंसिल

आरा : भोजपुर एसपी सुशील कुमार ने सोमवार को जिले के सभी थानों के थानाध्यक्षों व वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की। यह बैठक एसपी कार्यालय में हुई। इस दौरान अपने मातहतों से एसपी ने कहा कि आम वैरिफिकेशन का काम सभी थानों में चल रहा है। जिसमें बहुत सारे संदिग्ध तथ्य सामने आ रहे हैं।

कई लाइसेंस धारकों के द्वारा 500 से 800 तक कारतूस खरीदा गया है। इनमें 5 से 10 कारतूस छोड़कर के बाकी के खर्च होने की बात लाइसेंसधारी बता रहे हैं। इस प्रकार के मामले में त्रुटि पाये जाने या संतोषजनक जबाब नहीं मिलने पर ऐसे लाइसेंसधारकों के विरूद्ध कार्यवाही होगी। हथियार के बारे में एक सप्ताह के अंदर निलंबन व रद्दीकरण का प्रस्ताव डीएम के पास भेजा जाएगा।

बहुत सारे लोग पहले केस में चार्जशीट रहे हैं। कुछ सजायाफ्ता भी हैं। उनके नाम से अभी भी हथियार है। उनका लाइसेंस कैंसिल कराने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। हर थाने में कंप्यूटर के जानकार दो-दो सिपाही को प्रतिनियुक्त किया गया है। जिससे ऑनलाइन-वर्क में थानों को सहयोग मिल सके। इस बारे में एसपी ने बताया कि सभी थानाध्यक्ष अपने कार्य के प्रति काफी सजग है। सभी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन अच्छी तरह से कर रहे है। मौके पर थानाध्यक्षों से पेडिंग केस को जल्द से जल्द सुलझा देने की बात कही गई है। इस पर कार्रवाई की जा रही है।

12 लाख की लागत से स्टील के डस्टबिन लगाने की योजना हुई फ्लॉप

आरा : शहर में नगर निगम के द्वारा 12 लाख की लागत से स्टील डस्टबीन लगाया गया है। अभी इसका एक माह भी पूरा नहीं हुआ कि असामाजिक तत्वों के द्वारा स्टील डस्टबिन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। असामाजिक तत्वों के द्वारा रमना मैदान सहित कई इलाके में स्टील डस्टबिन को तोड़कर उल्टा कर रख दिया गया। नगर निगम ने कचरा जमा करने के लिए सभी चौक चौराहे पर स्टील डस्टबीन लगाया था। जिसमें सूखा और गिला कचरा रखने की अलग अलग व्यवस्था की गयी थी।

स्टील डस्टबीन से कचरा उठाने के लिए प्रतिदिन नगर निगम का वाहन जाता है। ताकि चौक चौराहे पर लोगों के द्वारा गंदगी नही फैलाया जा सकें। नगर निगम के द्वारा शहर में स्टील डस्टबिन लगाने की योजना फ्लॉप साबित हुई। नगर निगम के द्वारा शहर के सभी चौक चौराहे पर स्टील डस्टबिन तो लगा दिया गया। लेकिन इसकी देखरेख सही तरीके से नहीं हो पा रही है। इसका फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने डस्टबीन को तोड़ दिया है।

हालांकि सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर दंड का भी प्रावधान है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि डस्टबिन कचरा उठाने के लिए जमा करने के लिए लगाया गया था। लेकिन कुछ लोगों के द्वारा इसे तोड़ दिया हम लोग आगे की प्रक्रिया करेंगे। दोषियों को चिह्नित कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द ही दोषियों को सजा दिलवायी जाएगी।

नगर आयुक्त धीरेन्द्र पासवान ने बताया कि स्टील डस्टबिन को तोड़ने की शिकायत प्राप्त हुई है। इसके आलोक में अज्ञात असामाजिक तत्व पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। शहर में जिस स्थान पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। वीडियो फुटेज चेक करने के बाद लोगों की पहचान की जाएगी और उनपर प्राथमिकी दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

दीवार गिरने से दबकर मजदूर की मौत, दूसरा जख्मी

आरा : भोजपुर जिले के संदेश थाना क्षेत्र के बिछिआंव गांव में सोमवार की शाम दीवार गिरने से मलबे के नीचे दब कर एक मजदूर की मौत हो गई। सदर अस्पताल लाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।

दीवार गिरने से हादसे में एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल से पटना रेफर कर दिया गया है।जानकारी के अनुसार मृतक बिछिआंव गांव निवासी उमेश राम का 28 वर्षीय पुत्र पिंटू राम है। जबकि जख्मी उसी गांव के निवासी मोहन राम का 30 वर्षीय पुत्र सुभाष राम है। मृतक व घायल पेशे से मजदूर है।

शराब बरामदगी में दो सगे भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी

आरा : शहर के बेगमपुर मोहल्ले से शराब बरामदगी के मामले में टाउन थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है। एएसआई राजविजय सिंह के बयान पर दर्ज केस में बेगमपुर निवासी कमलेश यादव उर्फ एलजी यादव व पुड़ी यादव को आरोपित किया गया है। दोनों रिश्ते में सगे भाई हैं।

बता दें कि दोनों के घर से रविवार की भारी मात्रा में शराब बरामद की गयी थी। प्राथमिकी में कहा गया है कि रविवार की रात पुलिस को बेगमपुर मोहल्ला निवासी कमलेश यादव और पुड़ी यादव के घर शराब की एक बड़ी खेप रखे जाने की सूचना मिली। इस आधार पर एएसआई के नेतृत्व में पुलिस ने दोनों के घर छापेमारी करने पहुंची। पुलिस को देख दोनों भाई तो भाग निकले, लेकिन उनके घर से बीस पेट्टी में पैक विभिन्न ब्रांड की करीब 197 लीटर शराब जब्त की गयी। पुलिस दोनों की धरपकड़ के लिये छापेमारी कर रही है।

लॉकडाउन में खुल रहे कॉलेज, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियां

आरा : बिहार में कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर राज्य सरकार की ओर से 16 अगस्त तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है. उसके बावजूद बिहार में कॉलेज खुल रहे हैं, जिससे कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने की आशंका है. बता दें कि जो कॉलेज खुल रहे हैं, वहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ सरकार की ओर से तय की गई SOP की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

ताजा मामला आरा का है, जहां लॉकडाउन के बीच इंटर में एडमिशन के लिए कॉलेजों को खोला जा रहा है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंटर में एडमिशन के लिए पहली मेरिट लिस्ट जारी की गई है. ऐसे में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स एडमिशन लेने के लिए कॉलेज पहुंच रहे हैं. एडमिशन काउंटर पर रोजाना बच्चों की भीड़ लग रही है. कई बच्चे बिना मास्क पहने ही कॉलेज पहुंच रहे हैं. यहां तक की कॉलेज के कई कर्मचारी भी बिना मास्क के ही काम कर रहे हैं. ऐसे में बच्चों के साथ ही उनके भी संक्रमित होने की संभावना है।

आरा शहर स्थित सहजानंद ब्रम्हर्षि कॉलेज एवं महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय की स्थिति तो और भी बदतर हैं. तमाम सुविधाओं के बावजूद अब तक कॉलेज प्रबंधन की ओर से ऑनलाइन एडमिशन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है. एसबी कॉलेज में ऑफलाइन ही बच्चों का एडमिशन लिया जा रहा है. जहां कई बच्चों की शिकायत है कि कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से कोरोना से बचाव के लिए कोई भी उपाय नहीं किए गए हैं।

भोजपुर जिले के शाहपुर के रहने वाले राजा गुप्ता ने बताया कि एडमिशन कराने के लिए कॉलेज आए हैं. कोरोना काल में एडमिशन काउंटर पर इतनी भीड़ है कि सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं. राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन में कॉलेज खोलने की अनुमति नहीं दी गई है लेकिन फिर भी भेड़-बकरियों की तरह कॉलेज में बच्चों की भीड़ जमा हो रही है।

बिना मास्क पहने अपने दफ्तर में बैठे सहजानंद ब्रम्हर्षि कॉलेज के प्रधान सहायक कृष्णा भास्कर ने बताया कि इंटर में एडमिशन के लिए लॉकडाउन में ही कॉलेज खोला गया है. ऑनलाइन एडमिशन की सुविधा नहीं होने के कारण एसबी कॉलेज में ऑफलाइन ही एडमिशन लिया जा रहा है. कॉलेज के सचिव और अध्यक्ष के मुताबिक कोरोना काल में भी ऑनलाइन नामांकन की सुविधा बहाल नहीं हो सकती है।

प्रधान सहायक कृष्णा भास्कर ने बताया कि लॉकडाउन में बिहार सरकार की ओर से कॉलेज खोलने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. लेकिन इसके बावजूद भी एडमिशन लेने के लिए कॉलेज खोला जा रहा है. उन्होंने बताया कि अगले 3 दिनों तक बच्चों का एडमिशन लिया जायेगा. 12 अगस्त तक कॉलेज खुलेगा। कोरोना महामारी के बीच इंटर का एडमिशन लिया जा रहा है. ऐसे में विद्यार्थियों को काफी परेशानी भी उठानी पड़ रही है।

लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद हैं। लेकिन, एडमिशन के लिए स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SLC) की मांग की जा रही है, जबकि स्कूल बंद होने से अधिकतर विद्यार्थियों के पास एसएलसी नहीं है. आरा के एसबी कॉलेज में तो इतनी भीड़ जमा हो रही है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग भी किया जा रहा है. एडमिशन लेने पहुंचे बच्चों को डंडे से पिटाई भी की जा रही है।

पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने संगोष्ठी का किया उदघाटन

आरा : एन डी ए सरकार के पाँच साल की विफलता पर एक संगोष्ठी का आयोजन बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष डाँ अजय कुमार सिह की अध्यक्षता में आयोजित की गयी, संगोष्ठी का उदघाटन करते हुए पूर्व राज्यपाल आदरणीय श्री निखिल कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण को देश एवं बिहार में रोकने में नितीश एवं मोदी सरकार विफल रही, देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बीस लाख से ज्यादा हो चुकी है, बाढ से बिहार की अधिकांश आबादी तबाह हो चुकी है, कोरोना एवं बाढ़ से रोजी रोजगार समाप्त हो चुके है।

कोरोना के ईलाज के लिए समुचित चिकित्सा व्यवस्था करने में केंद्र एवं राज्य सरकार विफल रही है, भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मोदी सरकार में गिरती जा रही है, महंगाई विकराल रूप धारण कर रही है, फिर भी केंद्र एवं राज्य सरकार कान में तेल डाल कर सो रही है, कांग्रेस जन भाजपा एवं जदयू सरकार की विफलता को जन जन तक पहुंचाने का काम करें, राहुल गांधी जी के मार्गदर्शन में आम लोगों की आवाज बन कर सड़क पर संघर्ष के लिए आगे आये।

अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधान पार्षद डाँ अजय कुमार सिह ने कहा कि चीन ने भारतीय सीमा में घूसपैठ कर भारतीय सैनिकों की हत्या की, देश के प्रधानमंत्री कह रहे है कि न कोई घुसा है न घूसेगा, जो देश के साथ धोखा है कांग्रेस मोदी की विदेश एवं सामरिक नीति की विफलता को विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनायेगी। आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए बिहार प्रदेश किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रमोद राय, प्रदेश कांग्रेस विधि एवं मानवाधिकार विभाग के महासचिव सत्यप्रकाश राय, अशोक राम जिला पार्षद ने कहा कि निखिल कुमार जी के भोजपुर जिला का प्रभारी बनने से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, कांग्रेस जमीन पर सशक्त हो कर उभरेगी एवं विधानसभा चुनाव में भोजपुर जनपद में बेहतर प्रदर्शन करेगी, धन्यवाद ज्ञापन भोजपुर जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव प्रोफेसर राजेंद्र ओझा ने किया।

संगोष्ठी में भोजपुर जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव रजी अहमद, बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव रीता सिह, भोजपुर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता पाण्डेय, आरा लोकसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष ठाकुर, एन एस यू आई के अध्यक्ष डुलडुल,पूर्व प्रदेश सचिव एस पी राय,मालती पाण्डेय, जितेन्द्र शर्मा,अफजल हुसैन चाँद,भोजपुर जिला किसान कांग्रेस उपाध्यक्ष मदनमोहन तिवारी, भोजपुर जिला किसान कांग्रेस संयोजक शयामसुंदर पाण्डेय, प्रोफेसर अरूण सिह,शिवशंकर चौबे,विजेंदर यादव, पूर्व प्रदेश सचिव विनोद राय, आदि के साथ सैकड़ो कांग्रेस जन उपस्थित थे।

राजीव एन अग्रवाल

swatva

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